रायपुर। पेरू की हिंसा ने विकराल रूप धारण कर लिया है। पेरू की राजधानी लीमा में बढ़ती खूनी हिंसा को देखते हुए राष्ट्रपति ने आपातकाल की घोषणा कर दी है।आपातकाल लगाने का कारण यह था कि देश में बिगड़ते हुए हालात को काबू में किया जा सके। बता दें कि पेरू के एक लोकप्रिय गायक […]
रायपुर। पेरू की हिंसा ने विकराल रूप धारण कर लिया है। पेरू की राजधानी लीमा में बढ़ती खूनी हिंसा को देखते हुए राष्ट्रपति ने आपातकाल की घोषणा कर दी है।आपातकाल लगाने का कारण यह था कि देश में बिगड़ते हुए हालात को काबू में किया जा सके। बता दें कि पेरू के एक लोकप्रिय गायक की हत्या के बाद से यह व्यापक हिंसा शुरू हुई।
इस बीच सोमवार को राजधानी में आपातकाल की घोषणा हुई। हिंसा की बढ़ती घटनाओं से निपटने के लिए पेरू में सैनिकों की तैनाती के आदेश दिए गए। पेरू की राष्ट्रपति डीना बोलुआर्टे की सरकार ने एक आदेश जारी कर कहा कि आपातकाल 30 दिन तक रहेगा। इस दौरान सभा करना और आंदोलन करना जैसी विभिन्न गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। पुलिस और सेना के पास अधिकार है कि वह बिना किसी न्यायिक आदेश के लोगों को हिरासत में ले सकते है।
पेरू में हाल के महीनों में हत्याओं, जबरन वसूली और सार्वजनिक स्थानों पर हमलों के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है। पेरू की हिंसा का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पुलिस ने एक जनवरी से 16 मार्च तक हत्या के 459 मामले दर्ज किए। वहीं अकेले जनवरी में जबरन वसूली के 1,909 मामले दर्ज किए गए। प्रख्यात बैंड ‘आर्मोनिया 10’ के प्रमुख गायक पॉल फ्लोरेस की रविवार को हत्या के बाद हिंसा की घटनाएं चरम पर पहुंच गईं। बोलुआर्टे सरकार ने इससे पहले सितंबर और दिसंबर के बीच आपातकाल की घोषणा की थी।