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       <title>Today Trending Story News | Latest Trending Story News | Breaking Trending Story News in English | Latest Trending Story News Headlines - Inkhabar</title>
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        </image><item><title>Chhattisgarh : बिलासपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, 30 फीट गहरी खाई में गिरी बस, कई लोग हुए घायल</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/states/chhattisgarh-tragic-road-accident-in-bilaspur-bus-fell-into-30-feet-deep-ditch-many-people-injured/</link><pubDate>October 20, 2023, 4:43 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/download-9-2.png</image><category>राज्य</category><excerpt>रायपुर। बिलासपुर जिले में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है. आज सुबह यात्री बस बिलासपुर में अनियंत्रित होकर पलटी है. बता दें कि इस सड़क हादसे में 2 यात्रियों की निधन हुई है और 20 से ज्यादा यात्री घायल भी हुए है. यह घटना आज सुबह 6 बजे की है। बता दें कि क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; बिलासपुर जिले में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है. आज सुबह यात्री बस बिलासपुर में अनियंत्रित होकर पलटी है. बता दें कि इस सड़क हादसे में 2 यात्रियों की निधन हुई है और 20 से ज्यादा यात्री घायल भी हुए है. यह घटना आज सुबह 6 बजे की है। बता दें कि केंदा घाटी में यात्री बस अनियंत्रित होकर 30 फीट नीचे खाई में गिर गई. बताया जा रहा है कि यह बस उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से दुर्ग के लिए आ रही थी लेकिन यह बस बड़े हादसे का शिकार हो गई है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गहरी खाई में गिरी बस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, शुक्रवार की सुबह 6 बजे के करीब कोटा क्षेत्र के केंदा घाटी में यह सड़क हादसा हुआ है. बता दें कि ड्राइवर इस बस को दुर्ग ले जा रहा था. लेकिन सुबह के दौरान अचानक ड्राइवर को नींद लग गई. जिस दौरान बस सामने 30 फिट गहरी खाई में अनियंत्रित होकर गिर गई . इसको देख मौके पर अफरा-तफरी शुरू हो गई. घटना को देखते ही लोगों की झुंड मौके पर पहुंची। जैसे ही इस घटना की जानकारी बिलासपुर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम को मिली तब मौके पर दोनों टीम घटना स्थल पर पहुंच गई। वहीं इस सड़क दुर्घटना में 2 लोगों का निधन हुआ है और 20 से अधिक घायलों को नजदीकी हॉस्पिटल में इलाज जारी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ज्यादा लोग हुए घायल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;आपको बता दें कि स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक घटना स्थल पर ही एक यात्री की मौके पर ही मौत हो गई है और एक यात्री की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई. इस हादसे के बाद ही आनन-फानन में घायलों के इलाज के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया है वहीं अधिक गंभीर घायलों का बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में इलाज जारी है। वहीं दूसरी तरफ बिलासपुर पुलिस हादसे को लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;CM बघेल ने जताया दुख&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दर्दनाक हादसे पर CM भूपेश बघेल ने दुख जताते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म &amp;#8220;X&amp;#8221; पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बस पलटने की दुखद समाचार प्राप्त हुई है. साथ ही उन्होंने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस दुर्घटना में दिवंगत व्यक्ति की आत्मा की शांति के लिए भगवान से प्रार्थना करता हूं। वहीं उन्होंने कहा कि घटना में घायल हुए लोगों के जल्द स्वास्थ्य सही हो जाए। घायलों के इलाज एवं निर्वाचन आयोग से उचित सहायता राशि देने के लिए आग्रह किया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhattisgarh : दशहरा पर बस्तर में निभाई जाती है परम्परा, कई टन वजनी रथ खींचते हैं आदिवासी</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/tourism/chhattisgarh-old-tradition-is-performed-in-bastar-on-dussehra-tribals-pull-chariots-weighing-several-tonnes/</link><pubDate>October 18, 2023, 4:25 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/download-9-300x225.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>रायपुर। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व 75 दिनों तक चलता है। इस पर्व के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र दो मंजिला विशालकाय रथ परिक्रमा का श्री गणेश हो गया है. इस पौराणिक रस्म में बस्तर के 200 से ज्यादा आदिवासियों द्वारा हाथों से ही बनाए गए रथ को शहर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व 75 दिनों तक चलता है। इस पर्व के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र दो मंजिला विशालकाय रथ परिक्रमा का श्री गणेश हो गया है. इस पौराणिक रस्म में बस्तर के 200 से ज्यादा आदिवासियों द्वारा हाथों से ही बनाए गए रथ को शहर के कोने-कोने में घुमाया जाता है। आपको बता दें कि इस 50 फीट उंची और कईं टन वजनी रथ की परिक्रमा के लिए सैकड़ों आदिवासी गांव-गांव से पहुंचते हैं और रथ परिक्रमा के दौरान रथ पर माईं दंतेश्वरी की डोली और छत्र को रखा जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बड़ी संख्या में लोगों की भीड़&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें बस्तर दशहरा की इस अद्भुत रस्म कि शुभारंभ 1410 ईसवीं में लमहाराजा पुरषोत्तम देव ने की गई थी. उस दौरान बस्तर के राजा पुरषोत्तम देव ने रथपति की उपाधि प्राप्त की थी. माना जाता है कि उसके बाद से अब तक यह परम्परा चलती आ रही है. दशहरा के दौरान देश में बस्तर इकलौती ऐसी जगह है जहां इस तरह की परंपरा को देखने के लिए हर वर्ष अधिक से अधिक संख्या मे लोग पहुंचते हैं। बता दें कि इस साल दशहरे पर बड़ी संख्या में लोग अद्भुत रस्मो को देखने यहां पहुंचे है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रथ परिक्रमा की परंपरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इतिहासकार और जानकार हेमंत कश्यप बताते है कि 1400 ईसवीं में राजा पुरषोत्तम देव ने इस रस्म को शुरू की थी. 800 सालों बाद भी बस्तरवासी उसी उत्साह के साथ इस पर्व को निभाते आ रहे हैं. बता दें कि नवरात्रि के दूसरे दिन से सप्तमी तक मांई जी की सवारी को फुल रथ के नाम से भी जाना जाता है. वहीं इतिहासकार बताते है कि मां दंतेश्वरी के मंदिर से मां के छत्र और डोली को रथ तक लाया जाता है। इस दौरान बस्तर पुलिस के जवान बंदूक से सलामी देकर इस रथ की परिक्रमा की घोषणा करते है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;800 सालों से निभाई जा रही पंरपरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यह पंरपरा सैकड़ो सालों से बस्तर में दशहरा पर चली आ रही है, बता दें कि हर वर्ष इस पर्व को लेकर लोगों काफी उमंग होते है। वहीं दशहरा पर्व खासकर रथ परिक्रमा का लुत्फ उठाने बस्तरवासियो के साथ-साथ देश के कोने-कोने से लोग बस्तर पंहुचते है. बता दें कि सैकड़ों आदिवासी लगभग 50 फिट ऊंची और कई टन वजनी रथ को मिलकर खींचते हैं। खास बात यह है कि सैकड़ों साल बाद भी इस पर्व में कोई बदलाव नहीं आया है. हालांकि राज्य में विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। इसे देखते हुए इस साल बस्तर दशहरा में प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. बता दें कि इसके साथ ही दूसरे राज्यों और विदेश से आने वाले पर्यटकों पर भी खास नजर रखी जा रही है. इस पर्व की सुरक्षा के लिए हजार से अधिक जवान को तैनाती के लिए रखा गया है।&lt;/p&gt;
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