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       <title>Today Mahadev App Scam News | Latest Mahadev App Scam News | Breaking Mahadev App Scam News in English | Latest Mahadev App Scam News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Mahadev App Scam समाचार:Today Mahadev App Scam News ,Latest Mahadev App Scam News,Aaj Ka Samachar ,Mahadev App Scam समाचार ,Breaking Mahadev App Scam News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/tag/mahadev-app-scam</link>
        <lastBuildDate>April 18, 2026, 4:29 pm</lastBuildDate>
        <copyright>Chhattisgarh Inkhabar</copyright>
        <generator>Chhattisgarh Inkhabar</generator>
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            <title>Chhattisgarh Inkhabar</title>
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        </image><item><title>Mahadev App Scam : महादेव ऐप SCAM में ED की बड़ी कार्रवाई, जानें कौन गए जेल और किसे मिला नोटिस ?</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/mahadev-app-scam-eds-big-action-in-mahadev-app-scam-know-who-went-to-jail-and-who-got-notice/</link><pubDate>February 25, 2024, 10:43 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/02/download-4-5.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ में महादेव ऐप स्कैम का मामला विधानसभा चुनाव के पहले से ही सुर्ख़ियों में बना हुआ है। ऐसे में इस मामले में एक नया अपडेट सामने आया है। बता दें कि 26 फरवरी तक के लिए ऐप प्रमोटर्स के मैनेजर नीतीश दीवान को जेल भेज दिया गया है। ED ने ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर। &lt;/strong&gt;छत्तीसगढ़ में महादेव ऐप स्कैम का मामला विधानसभा चुनाव के पहले से ही सुर्ख़ियों में बना हुआ है। ऐसे में इस मामले में एक नया अपडेट सामने आया है। बता दें कि 26 फरवरी तक के लिए ऐप प्रमोटर्स के मैनेजर नीतीश दीवान को जेल भेज दिया गया है। ED ने नीतीश से पूछताछ करने के बाद शनिवार यानी 24 फरवरी को उसे विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत की अदालत में को पेश किया। लेकिन, विशेष न्यायाधीश अवकाश पर चल रहे थे जिस कारण अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वंदना दीपक देवांगन ने इस मामले की सुनवाई की।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अदालत ने नीतीश को भेजा जेल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ED के अधिवक्ता ने इस दौरान अदालत को बताया कि नीतीश दीवान को 17 फरवरी को रायपुर से गिरफ्तार किया गया था। इसके साथ ही उन्होंने अदालत को बताया कि महादेव ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और शुभम सोनी के साथ जुडे़ होने के इनुपट मिलने पर उनसे पूछताछ के लिए रिमांड पर भी लिया गया। हालांकि रिमांड अवधि पूरी होने के बाद अदालत ने नीतीश को जेल भेज दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मामले में मिला 13 लोगों को नोटिस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि महादेव ऐप प्रमुख सौरभ चंद्राकर, शिवकुमार वर्मा, यशोदा वर्मा, पवन नत्थानी, रोहित गुलाटी, अनिल अग्रवाल, शुभम सोनी, रवि उप्पल, विशाल आहूजा, धीरज आहूजा, पूनाराम वर्मा, विकास छापरिया और सृजन एसोशिएट को ED के विशेष कोर्ट से समन जारी किया गया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या है महादेव ऐप SCAM ?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;महादेव बेटिंग ऐप ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए बनाया गया एक एप्लीकेशन है. इस ऐप के जरिए कार्ड गेम्स, पोकर, चांस गेम्स नाम से लाइव गेम यूजर्स खेलते थे. ऐप के सहारे क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल जैसे खेलों और चुनावों में अवैध सट्टेबाजी भी होती थी. मीडिया सूत्रों के मुताबिक बताया गया कि अवैध सट्टे के नटवर्क के जरिए इस ऐप का जाल तेजी से बढ़ा और सबसे अधिक खाते छत्तीसगढ़ में ही खुले।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;करीब 6000 करोड़ रुपये का हुआ SCAM&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;करीब 6000 करोड़ रुपये का स्कैम महादेव ऐप के मालिकों ने मिलकर किया है. इसके बाद 20 अक्टूबर को ED ने रायपुर में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट के तहत चार्जशीट फाइल की, जिसमें 14 लोगों को नाम आरोपी लिस्ट में सामने आया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Mahadev App Case: CM बघेल को लेकर दिए बयान से मुकर गया असीम दास, अब केंद्र पर निशाना साध रही कांग्रेस</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/crime/mahadev-app-case-aseem-das-retracted-from-his-statement-regarding-cm-baghel-now-congress-is-targeting-the-center/</link><pubDate>November 25, 2023, 6:03 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/13-1-300x169.png</image><category>क्राइम</category><excerpt>रायपुर। छ्त्तीसगढ़ में चल रहे महादेव जुआ ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किए गए ड्राइवर असीम दास ने अपना बयान ले लिया है। बता दें कि इस असीम दास ने यह बयान दिया था कि उसने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) को च...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छ्त्तीसगढ़ में चल रहे महादेव जुआ ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किए गए ड्राइवर असीम दास ने अपना बयान ले लिया है। बता दें कि इस असीम दास ने यह बयान दिया था कि उसने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) को चुनाव के लिए पैसे पहुंचाए थे। अब यह बात सामने आई है कि असीम दास ने अदालत को पत्र लिखकर यह कहा है कि उसे फर्जी तरीके से फंसाया गया है। उसका कहना है कि ईडी द्वारा अंग्रेजी में लिखे एक बयान पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया, जिस भाषा को वह नहीं समझता था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके बाद अब कांग्रेस पार्टी ने ईडी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। सीएम बघेल ने भी सभी आरोपों से इनकार करते हुए बीजेपी और ईडी पर इस साजिश का आरोप लगाया है। दरअसल, ईडी ने जुलाई 2022 में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले की जांच शुरू की थी। इस दौरान यह दावा किया गया था कि ऐप के प्रमोटर (सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल) विदेश में बैठकर इस अवैध सट्टेबाजी ऐप का संचालन कर रहे हैं। यह भी दावा किया गया था कि इस अवैध सट्टेबाजी ऐप के जरिए ये हजारों करोड़ रुपये की कमाई करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;असीम ने दिया था बयान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं इस मामले में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के चार दिन पहले 3 नवंबर को ईडी ने इस मामले ड्राइवर असीम दास और एक कांस्टेबल भीम सिंह यादव (41) को गिरफ्तार किया था। यही नहीं असीम दास की कार से कथित तौर पर 5.39 करोड़ रुपये जब्त किए गए। इस पर ईडी ने कहा कि असीम दास ने बताया है कि वह, एक अन्य आरोपी शुभम सोनी के निर्देश पर, चुनावी फंडिंग के लिए कांग्रेस पार्टी के राजनेताओं को पैसा पहुंचाने के लिए रायपुर आया था। वहीं, ईडी ने इस मामले में अदालत को जानकारी दी थी कि असीम दास ने पूछताछ में यह स्वीकार किया था कि इन रुपयों को सत्तारूढ़ राजनीतिक अधिकारियों तक पहुंचाया जाना था। यही नहीं ईडी ने यह भी बताया कि असीम ने पूछताछ में यह भी जानकारी दी है कि यह रुपये सीएम भूपेश बघेल तक भी पहुंचे थे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अपने बयान से मुकर गया असीम दास&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हालांकि, असीम दास अब अपने इस बयान से मुकर गया है। दास ने कहा है कि अब उसे यह एहसास हो रहा है कि उसे बलि का बकरा बनाया जा रहा। उसने कहा कि वो ये स्पष्ट कर देना चाहता है कि उसने कभी भी सीएम बघेल, विनोद वर्मा या किसी अन्य कांग्रेस पार्टी के नेता या कार्यकर्ता को कोई पैसा नहीं पहुंचाया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Mahadev App: बीजेपी के इन नेताओं को मिला महादेव मामले में नोटिस, जानें पूरा मामला</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/mahadev-app-these-bjp-leaders-received-notice-in-mahadev-case-know-the-whole-matter/</link><pubDate>November 10, 2023, 11:30 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-5-2-300x217.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग 7 नवंबर को हो गई है। ऐसे में महादेव एप का मामला पुरे देश भर में सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। बात करें राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तो इनके राजनीतिक सलाहकार विनोद ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग 7 नवंबर को हो गई है। ऐसे में महादेव एप का मामला पुरे देश भर में सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। बात करें राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तो इनके राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा ने महादेव सट्टा ऐप मामले में CM बघेल का नाम जोड़े जाने पर BJP के प्रवक्ताओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और अपना बयान वापस लेने की मांग करते हुए नोटिस दर्ज करवाया है। गुरुवार को वर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तब वह तीन भाजपा प्रवक्ताओं के विरोध में मानहानि का मुकदमा दर्ज करेंगे.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;भाजपा ने राजनीतिक मुद्दा बनाया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि तीन नवंबर को ED ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया और उससे पैसे जब्त किए। मीडिया में इसके दो दिन बाद एक वीडियो सामने आया जिस वीडियो में शुभम सोनी नाम का व्यक्ति कहता है कि मुझे किसी ‘वर्मा जी’ ने CM बघेल से मिलवाया. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वीडियो के वायरल होते ही भाजपा ने इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाया और इस कड़ी में उन्होंने कहा कि रायपुर में भाजपा कार्यालय में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया और इस वायरल वीडियो पर टिप्पणियां शुरू कर दी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता केदार गुप्ता और अनुराग अग्रवाल भी शामिल थे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राजनीतिक सलाहकार का कहना &amp;#8211;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान CM बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा ने कहा कि बिना हिचक और बिना संकोच से सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कह दिया कि शुभम सोनी ने जिस ‘वर्मा जी’ का नाम बार बार रिपीट किया वह और कोई नहीं बल्कि विनोद वर्मा ही है, यानी मैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विनोद वर्मा का नाम लेने के बाद उन्होंने जिस तरह से विवरण दिए उसमें दुविधा नहीं है कि उन्होंने मेरा ही जिक्र किया था। इस कड़ी में वर्मा ने यह भी कहा कि मैंने प्रवक्ता गणों की ऐसे करतूतों को गम्भीरतापूर्वक लिया है। मेरे वकील की ओर से आठ नवंबर को सिद्धार्थ नाथ सिंह, केदार गुप्ता और अनुराग अग्रवाल को समन भेजा गया है. अगर सार्वजनिक रूप से वह अपने बयान के लिए खेद व्यक्त नहीं करते है और अपना बयान वापस नहीं लेते है तो मैं इन तीनों भाजपा प्रवक्ताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करूंगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;राज्य में महादेव एप की जांच शुरू&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;संवाददाता सम्मेलन में वर्मा ने कहा कि महादेव ऐप की जांच का काम छत्तीसगढ़ पुलिस ने शुरू कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अब तक ऐसे 72 मामले दर्ज किए गए हैं और ऐसे में 449 लोगों को गिरफ़्तार भी कर लिया गया है. महादेव ऐप की जांच के दौरान डेढ़ करोड़ से ज्यादा की संपत्ति और 16 करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं. उन्होंने कहा कि ED ने छत्तीसगढ़ में दर्ज मामलों के आधार पर ही जांच शुरु की है।&lt;/p&gt;
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