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       <title>Today Lord Jagannath News | Latest Lord Jagannath News | Breaking Lord Jagannath News in English | Latest Lord Jagannath News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Lord Jagannath समाचार:Today Lord Jagannath News ,Latest Lord Jagannath News,Aaj Ka Samachar ,Lord Jagannath समाचार ,Breaking Lord Jagannath News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        </image><item><title>Snan Purnima: आज मनाई जाएगी देव स्नान पूर्णिमा, हजारों की संख्या में उमड़े श्रद्धालु</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/festival/snan-purnima-dev-snan-purnima-will-be-celebrated-today-thousands-of-devotees-gathered/</link><pubDate>June 22, 2024, 12:30 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/06/ODISHA.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>रायपुर। 22 जून यानी आज देव स्नान पूर्णिमा मनाई जाएगी। यह दिन भगवान जगन्नाथ,देव बलभद्र और देवी सुभद्रा के लिए खास माना जाता है। देव स्नान पूर्णिमा के दिन ओडिशा और अलग-अलग मंदिरों में स्थापित भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहनों की खास तरीके से स्नान ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; 22 जून यानी आज देव स्नान पूर्णिमा मनाई जाएगी। यह दिन भगवान जगन्नाथ,देव बलभद्र और देवी सुभद्रा के लिए खास माना जाता है। देव स्नान पूर्णिमा के दिन ओडिशा और अलग-अलग मंदिरों में स्थापित भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहनों की खास तरीके से स्नान कराया जाएगा। स्नान से पूर्व भगवान जगन्नाथ और उनके भाई -बहनों की भव्य यात्रा निकाली जाती है। इसलिए इसे स्नान पूर्णिमा कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि रथ यात्रा से पहले स्नान पूर्णिमा एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विधिपूर्वक की जाएगी स्नान प्रक्रिया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन रायपुर के मंदिरों में भगवान जगन्नाथ उनकी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र की आज विधिपूर्वक स्नान कराने की परंपरा निभाई जाएगी। मान्यताओं के मुताबिक इस दिन भगवान जगन्नाथ बीमार पड़ जाते है। अगले 15 दिनों तक भगवान जगन्नाथ को काढ़ा पिलाने की रस्म निभाई जाती है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन बलभद्र और सुभद्रा रथ यात्रा के दिन तक पूरी तरह से ठीक हो जाए। मान्यताओं के मुताबिक भगवान जगन्नाथ ज्येष्ठ पूर्णिमा की भीषण गर्मी से बचने के लिए अत्यधिक स्नान करते है। जिस कारण वह बीमार पड जाते है। बीमारी से राहत दिलाने के लिए भगवान जगन्नाथ को 15 दिनों तक काढ़ा पिलाया जाता है। लगातार 15 दिनों तक औषधियुक्त काढ़ा पिलाने से भगवान जगन्नाथ स्वस्थ हो जाते है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;108 कलशों द्वारा कराया जाएगा स्नान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पुरानी बस्ती के टुरी हटरी इलाके में स्थित 400 साल से ज्यादा पुराने जगन्नाथ मंदिर में हर साल ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भगवान जगन्नाथ की देव स्नान पूर्णिमा मनाई जाती है। इस दिन भगवान को स्नान कराने की परंपरा का पालन किया जाता है। ऐतिहासिक दूधाधारी मठ द्वारा संचालित जगन्नाथ मंदिर के पुजारी पंडित तिलकदास बताते है कि मठ के महंत राजेश्री रामसुंदरदास के नेतृत्व में पुराने कुएं से कलश में जल भरकर मूर्तियों को स्नान कराया जाता है। मंदिर के गर्भगृह से मूर्तियों को निकालकर कुएं के पास रखा जाता है और स्नान की प्रक्रिया आरंभ की जाती है। पूरे 108 कलशों के जल से भगवान जगन्नाथ और देव बलभद्र और बहन सुभद्रा को स्नान कराया जाता है। इन कलशों में गंगा, यमुना समते कई सारी नदियों का जल होता है। जिसमें गुलाब की पत्तियां, चंदन, सुंगंधित इत्र डाला जाता है। भगवान जगन्नाथ की स्नान पूर्णिमा के शूभ अवसर पर श्रद्धालुओं का भीड़ लगी पड़ी है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Jagannath Rath Yatra: 108 कलश जल, पंचामृत और गंगाजल से किया जाएगा महाप्रभु जगन्नाथ का जलाभिषेक</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/festival/jagannath-rath-yatra-jalabhishek-of-mahaprabhu-jagannath-will-be-done-with-108-kalash-water-panchamrit-and-ganga-water/</link><pubDate>June 13, 2024, 1:21 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/06/जगन्नाथ-300x169.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>रायपुर। रथयात्रा(Jagannath Rath Yatra) 7 जुलाई को है। इसके पहले, ज्येष्ठ पूर्णिमा पर महाप्रभु भगवान जगन्नाथ 22 जून को 108 कलश जल,पंचामृत और गंगाजल से स्नान किया जाएगा। मान्यता के अनुसार, इस स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ बीमार हो जाएंगे और 15 दिनों...</excerpt><content>
&lt;p&gt;रायपुर। रथयात्रा(Jagannath Rath Yatra) 7 जुलाई को है। इसके पहले, ज्येष्ठ पूर्णिमा पर महाप्रभु भगवान जगन्नाथ 22 जून को 108 कलश जल,पंचामृत और गंगाजल से स्नान किया जाएगा। मान्यता के अनुसार, इस स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ बीमार हो जाएंगे और 15 दिनों के विश्राम के बाद रथयात्रा के दिन पुनः भक्तों को दर्शन देंगे।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;जगन्नाथ स्नान व रथयात्रा के लिए उत्साहित लोग&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;रथयात्रा के लिए तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है और भक्तजन भगवान जगन्नाथ के भव्य स्नान और आगामी रथयात्रा के उत्सव को लेकर उत्साहित हैं। इस पवित्र अवसर पर रेलवे कॉलोनी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु इकट्ठे होकर महाप्रभु के दर्शन और उनकी आराधना करेंगे। बिलासपुर में भक्तों का उत्साह चरम सीमा पर है। शहर में विभिन्न जगहों पर अलग-अलग तरह के कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। भक्तजन भगवान जगन्नाथ के भव्य स्नान और आगामी रथयात्रा के उत्सव को लेकर बहुत उत्साहित हैं। इस पवित्र अवसर पर, बिलासपुर के श्रद्धालु महाप्रभु के दर्शन करने की तैयारी में हैं। वहीं मंदिर में विशेष तरह के आयोजन होंगे। रेलवे परीक्षेत्र स्थित श्रीजगनाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ को महास्नान 22 जून को कराया जाएगा। सुबह आठ बजे से पूजा से महाप्रभु की पूजा- अर्चना प्रारंभ हो जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;7 जुलाई को निकाली जाएगी रथ यात्रा&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;स्नान के बाद महाप्रभु बीमार हो जाएंगे और उनका जड़ी बूटी से उपचार किया जाएगा। इसके बाद भोग का वितरण शुरू होगा। मंदिर के पट 15 दिनों के लिए बंद हो जाएगा ताकि महाप्रभु 15 दिनों तक आराम करें। वहीं, महास्नान के बाद महाप्रभु के मंदिर का पट अमावस्या पांच जुलाई तक बंद रहेगा। इसके बाद छह जुलाई को नेत्रोत्सव के साथ मंदिर का पट खुलेगा। सुबह 9.30 से 10.30 बजे तक पूजा-अर्चना होगी। भगवान भक्तों को दर्शन देंगे। सात जुलाई को रथयात्रा निकाली जाएगी।&lt;/p&gt;
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