<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today Lata Usendi News | Latest Lata Usendi News | Breaking Lata Usendi News in English | Latest Lata Usendi News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Lata Usendi समाचार:Today Lata Usendi News ,Latest Lata Usendi News,Aaj Ka Samachar ,Lata Usendi समाचार ,Breaking Lata Usendi News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/tag/lata-usendi</link>
        <lastBuildDate>April 24, 2026, 6:22 am</lastBuildDate>
        <copyright>Chhattisgarh Inkhabar</copyright>
        <generator>Chhattisgarh Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Chhattisgarh Inkhabar</title>
            <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Chhattisgarh Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Chhattisgarh Election Results 2023: बीजेपी के ये दिग्गज नेता हो सकते हैं अगले सीएम</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/election/this-veteran-leader-of-bjp-can-be-the-next-cm/</link><pubDate>December 3, 2023, 3:48 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/19.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मतगणना सुबह 8 बजे से जारी है। ऐसे में अगर बात करें वीआईपी यानी हाई प्रोफाइल सीटों की तो प्रदेश में कुल 43 सीटें वीआईपी सीटें मानी जा रही हैं। इन सीटों पर बीजेपी, कांग्रेस और जेसीसीजे के दिग्गज ने...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मतगणना सुबह 8 बजे से जारी है। ऐसे में अगर बात करें वीआईपी यानी हाई प्रोफाइल सीटों की तो प्रदेश में कुल 43 सीटें वीआईपी सीटें मानी जा रही हैं। इन सीटों पर बीजेपी, कांग्रेस और जेसीसीजे के दिग्गज नेताओं के बीच मुकाबला देखा जा रहा था। ऐसे में अगर मतगणना के अब तक के रुझान की बात करें तो बीजेपी इस समय लीड करती नजर आ रही है। अगर बीजेपी विधानसभा चुनाव जीतती है तो एक बड़ा सवाल ये उठता है की आखिर छत्तीसगढ़ का सीएम कौन होगा। बता दें कि छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने मुख्ममंत्री के चेहरे के बिना विधानसभा चुनाव लड़ा। एक तरफ कांग्रेस के पास स्पष्ट रुप से मुख्यमंत्री का चेहरा था तो दूसरी ओर भाजपा मोदी और पार्टी के विजन पर यह चुनाव लड़ रही थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये हो सकते हैं नए सीएम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस समय बीजेपी के सीएम पद के दावेदारों में जिन नेताओं के नामों पर कयास लगाए जा रहे हैं वो 6 नाम ये हो सकते हैं-&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;विजय बघेल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इस समय विजय बघेल की उम्मीदवारी सीएम पद के लिए काफी मजबूत मानी जा रही है। उसकी दो वजहें हैं। पहली विजय बघेल सीएम भूपेश बघेल की ही जाति ओबीसी की कुर्मी समाज से आते हैं। वो मुख्यमंत्री के खिलाफ पाटन से चुनाव में उतरे हैं। फिलहाल मतदान के रुझानों के मद्देनजर विजय बघेल इस समय सीएम बघेल से काफी पीछे चल रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पूर्व सीएम रमन सिंह&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ में तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके पूर्व सीएम रमन सिंह को भले ही पार्टी ने मुख्यमंत्री के तौर पर पेश नहीं किया हो लेकिन उनकी प्रत्याशिता को सिरे से खारिज नहीं किया जा सकता। केंद्रीय नेतृत्व यह बात जानता है कि रमन सिंह तीन कार्यकाल तक सरकार चला चुके हैं और उन्हें राज्य चलाने की बेहतर समझ है। यही नहीं वो राज्य में काफी लोकप्रिय रहे हैं। भले ही 2018 का चुनाव हारने के बाद उनकी सक्रियता कुछ कम रही हो लेकिन मुख्यमंत्री चुनते समय उनके अनुभव को दरकिनार कर देना कठिन होगा। इस बार भी मतगणना का रुझान उनके ही पक्ष में देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अरुण साव&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव का नाम भी सीएम पद दावेदारों में आता है। अरुण साव ओबीसी समाज से आते हैं। वो पार्टी के अंदर की गुटबाजी में विश्वास नहीं करते। ओबीसी की जिस जाति से वह आते हैं उसकी संख्या छत्तीसगढ़ में ठीक-ठाक है। इसलिए कहा जा सकता है कि जातीय समीकरणों का लाभ भी उनके पक्ष में जा सकता है। इसके साथ ही मतगणना रुझान अरुण साव के पक्ष में ही है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ओपी चौधरी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;वहीं ब्यूरोक्रेट ओपी चौधरी ने 2018 के चुनावों के पहले नौकरी से इस्तीफा देकर बीजेपी ज्वाइन कर ली थी जिसके बाद वो चर्चाओं में आए। बता दें कि ओपी चौधरी युवाओं में लोकप्रिय माने जाते हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर भी उनकी बहुत बड़ी फैन फालोइंग है। ओपी चौधरी ओबीसी समाज से आते हैं। वो राजनीति में एक विजन लेकर आए। उनके हिस्से की कमजोरी यह है कि वह पारंपरिक राजनेता नहीं हैं। संगठन को चलाने का अनुभव नहीं है। उम्र भी अपेक्षाकृत राज्य के नेताओं की तुलना में कम है। वहीं मतगणना रुझान ओपी चौधरी के पक्ष में ही है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;राम विचार नेताम&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा बाजेपी छत्तीसगढ़ में किसी आदिवासी नेता पर भी दांव लगा सकती है। इस क्रम में राम विचार नेताम का नाम सबसे ऊपर आता है। इसके अलावा बीजेपी किसी नए आदिवासी चेहरे पर भी दांव लगा सकती है। बता दें कि मुख्यमंत्री चुनते समय केंद्रीय नेतृत्व इस बात का ख्याल रखना चाहेगा कि 6 महीने बाद ही लोकसभा के चुनाव होने हैं। बीजेपी पिछली बार की तरह इस बार भी चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करना चाहेगी। जिसमें मुख्यमंत्री की कार्यशैली के साथ उसकी जाति भी अहम होगी। इस समय मतगणना रुझान राम विचार नेताम के पक्ष में देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सरोज पांडेय&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ में सीएम के लिए सरोज पांडेय का नाम भी रेस में शामिल माना जा रहा है। सरोज पांडेय बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद हैं। सरोज छत्तीसगढ़ में बीजेपी का बड़ा चेहरा मानी जाती हैं। सरोज दो बार भिलाई की मेयर और विधायक भी रही है। वह बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhattisgarh Election 2023: स्ट्रांग रूम के बाहर बीजेपी का हंगामा, कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लगाए आरोप</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/bjp-created-ruckus-outside-the-strong-room-accused-congress-workers/</link><pubDate>December 1, 2023, 4:12 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/10-300x225.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा के दोनों चरणों का चुनाव संपन्न हो चुका है। अब सभी को 3 दिसंबर को आने वाले नतीजों का इंतजार है। इस दौरान नतीजों से पहले बीजेपी और कांग्रेस में जमकर बवाल मचा है। दरअसल, बीजेपी ने मतपत्र पेटियों और ईवीएम में गड़बड़ी ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर। &lt;/strong&gt;छत्तीसगढ़ में विधानसभा के दोनों चरणों का चुनाव संपन्न हो चुका है। अब सभी को 3 दिसंबर को आने वाले नतीजों का इंतजार है। इस दौरान नतीजों से पहले बीजेपी और कांग्रेस में जमकर बवाल मचा है। दरअसल, बीजेपी ने मतपत्र पेटियों और ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए जमकर हंगामा किया। बता दें कि दो दिन पहले बस्तर जिले में बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने जिला निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर ट्रेजरी विभाग में रखी मतपत्र पेटियों में गड़बड़ी की आशंका जताई थी साथ ही उसकी सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी की थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बीजेपी ने लगाए आरोप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसी सिलसिले में गुरुवार की सुबह कोंडागांव सीट से बीजेपी प्रत्याशी लता उसेंडी ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर स्ट्रांग रूम के सामने जमकर हंगामा किया। बीजेपी प्रत्याशी ने आरोप लगाया कि स्ट्रांग रूम में ऐसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एंट्री दी गई, जिनका नाम लिस्ट में नहीं था। ऐसे में बीजेपी ने मतपेटी बदलने और उसकी लूट की आशंका जताई है। लता उसेंडी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की तरफ से नरेंद्र देवांगन, जितेश गांधी और फकीरा का नाम लिस्ट में नहीं था, इसके बावजूद उन्हें स्ट्रांग रूम में एंट्री दी गई। जबकि बीजेपी के जिला अध्यक्ष समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को स्ट्रांग रूम में जाने से रोका गया। हालांकि प्रशासन के आश्वासन देने के बाद बीजेपी ने अपना धरना खत्म कर दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या बोले प्रशासन अधिकारी?&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, कोंडागांव के जिला निर्वाचन अधिकारी ने गुरुवार को बीजेपी-कांग्रेस पार्टी से कुछ कार्यकर्ताओं की स्ट्रांग रूम के निरीक्षण के लिए लिस्ट जारी की थी, जिन्हें स्ट्रांग रूम में निरीक्षण के लिए एंट्री दी जानी थी। सबसे पहले जिला प्रशासन की टीम के साथ कांग्रेस की टीम ने निरीक्षण के लिए स्ट्रांग रूम में एंट्री की। प्रशासन अधिकारियों का कहना है कि बीजेपी प्रत्याशी के द्वारा लगाए गए आरोप सरासर गलत हैं। इसमें प्रशासन का किसी तरह से कोई हस्तक्षेप नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि केवल उन्हें ही निरीक्षण के लिए एंट्री दी गई थी जिनका नाम लिस्ट में था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बेबुनियाद हैं बीजेपी के आरोप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दूसरी तरफ पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने बीजेपी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी की बौखलाहट से साफ जाहिर होता है कि वो सभी सीटों पर चुनाव हार रही है। इसलिए अपनी खीज निकालने के लिए प्रशासन के अधिकारियों और कांग्रेस पर आरोप लगा रही है। चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़ में निष्पक्ष तरीके से चुनाव संपन्न कराया। बकायदा सभी जगह सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए और इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>