<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
    xmlns:ag="http://purl.org/rss/1.0/modules/aggregation/"  
    xmlns:annotate="http://purl.org/rss/1.0/modules/annotate/" 
    xmlns:app="http://www.w3.org/2007/app"
    xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
    xmlns:company="http://purl.org/rss/1.0/modules/company"
    xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
    xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
    xmlns:dcterms="http://purl.org/dc/terms/"
    xmlns:email="http://purl.org/rss/1.0/modules/email/"
    xmlns:ev="http://purl.org/rss/1.0/modules/event/"
    xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
    xmlns:rdfs="http://www.w3.org/2000/01/rdf-schema#"
    xmlns:ref="http://purl.org/rss/1.0/modules/reference/"
    xmlns:taxo="http://purl.org/rss/1.0/modules/taxonomy/"
    xmlns:atom10="http://www.w3.org/2005/Atom">
    <channel>
       <title>Today Jaipur News | Latest Jaipur News | Breaking Jaipur News in English | Latest Jaipur News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Jaipur समाचार:Today Jaipur News ,Latest Jaipur News,Aaj Ka Samachar ,Jaipur समाचार ,Breaking Jaipur News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/tag/jaipur</link>
        <lastBuildDate>April 15, 2026, 8:41 am</lastBuildDate>
        <copyright>Chhattisgarh Inkhabar</copyright>
        <generator>Chhattisgarh Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
        <image>
            <url>https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/themes/inkhabar/images/inkhbar-logo.png</url>
            <title>Chhattisgarh Inkhabar</title>
            <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/</link>
            <description>Feed provided by Chhattisgarh Inkhabar.</description>
        </image><item><title>राजस्थानः बीकानेर में संपन्न किया गया तीन दिवसीय किसान मेला, &amp;#8216;पोषक अनाज, समृद्ध किसान&amp;#8217;</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/desh-pradesh/rajasthan-three-day-farmers-fair-held-in-bikaner-nutritious-grains-prosperous-farmers/</link><pubDate>March 30, 2023, 2:12 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/03/download-15.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>जयपुर। बीकानेर में स्थित स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय में आज यानी बुधवार को तीन दिवसीय किसान मेला &amp;#8216;पोषक अनाज, समृद्ध किसान&amp;#8217; संपन्न किया गया. इस कार्यक्रम को शिक्षा मंत्री डॉ. बी डी कल्ला द्वारा संपन्न किया गया. कल्ला ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;बीकानेर में स्थित स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय में आज यानी बुधवार को तीन दिवसीय किसान मेला &amp;#8216;पोषक अनाज, समृद्ध किसान&amp;#8217; संपन्न किया गया. इस कार्यक्रम को शिक्षा मंत्री डॉ. बी डी कल्ला द्वारा संपन्न किया गया. कल्ला ने बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था कृषि और पशुपालन पर निर्भर है. किसानों को अन्नदाता के नाम से पुकारा जाता है. किसान जितने समृद्ध होंगे, देश और प्रदेश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगा. इसके साथ ही कहा कि हमारे प्रदेश के 70 प्रतिशत लोग खेती पर निर्भर हैं. किसान जरुरत से ज्यादा मेहनत करके उत्पादन करते हैं, लेकिन उन्हें उतना लाभ नहीं मिला पाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;किसानों के लिए अलग-अलग योजनाएं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शिक्षा मंत्री बी डी कल्ला ने कहा कि किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिले, इसके आधार पर विश्वविद्यालय नए शोध करें तथा किसानों को क्रॉपिंग पैटर्न, बीजोपचार और फसल प्रबंधन के बारे में भी विशेष जानकारी दें. उन्होंने कहा कि किसान अपने उत्पादों का मूल्यवर्धन करें और मूल्य का विस्तार करें. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की शक्तिशाली और मजबूत बनाने के लिए संकल्पबद्ध तरीके से काम कर रही है. सीएम अशोक गहलोत की तरफ से पिछले दो सालों से कृषि का अलग बजट पेश किया जा रहा है. किसानों के लिए अलग-अलग योजनाएं भी लागू की गई हैं. उन्होंने कहा कि नई तकनीकों को पहले अच्छी तरह समझें और फिर अपनाएं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मेले में सात हजार किसानों ने लिया भाग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.अरुण कुमार ने कहा कि आयोजित कार्यक्रम तीन दिवसीय मेले में सात हजार से अधिक किसानों ने भाग लिया है. इस कार्यक्रम में महाराजा गंगा सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो विनोद कुमार सिंह, वित्त नियंत्रक पवन कस्वां, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक कैलाश चौधरी, विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ.सुभाष चंद्र बलवदा, विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुनिता चौधरी, बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो।अमरीश शरण विद्यार्थी, बाबू लाल जुनेजा बतौर अतिथि शामिल रहे।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>राजस्थानः नवसंवत्सर उत्सव का आयोजन कल से शुरू,10 दिन होंगे कार्यक्रम</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/rajasthan-the-celebration-of-navsamvatsar-festival-starts-from-tomorrow-there-will-be-10-days-program/</link><pubDate>March 19, 2023, 10:50 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/03/download-4-1-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>जयपुर। भारतीय संस्कृति का पवित्र उत्सव चैत्र शुक्ल प्रतिपदा भारतीय नववर्ष नव संवत्सर 2080 शुरू होने जा रहा है. पहला नवरात्र 22 मार्च यानी बुधवार को है. इसके भव्य स्वागत के लिए 20 मार्च से राजधानी जयपुर में दस दिवसीय नव संवत्सर उत्सव बड़े ही धूम...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;जयपुर।&lt;/strong&gt; भारतीय संस्कृति का पवित्र उत्सव चैत्र शुक्ल प्रतिपदा भारतीय नववर्ष नव संवत्सर 2080 शुरू होने जा रहा है. पहला नवरात्र 22 मार्च यानी बुधवार को है. इसके भव्य स्वागत के लिए 20 मार्च से राजधानी जयपुर में दस दिवसीय नव संवत्सर उत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा. इसके बाद नव संवत्सर उत्सव समारोह समिति और संस्कृति युवा संस्था के अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा ने कहा कि 10 दिवसीय (20से30मार्च तक) विभिन्न कार्यक्रम नव संवत्सर उत्सव के रूप में आयोजित किए जाएंगें.जिसमें कल से नव संवत्सर के स्वागत के लिए चार सफेद घोड़े सड़क पर छोड़े जाएंगें.इसके बाद उन्होंने बताया कि वास्तु के आधार पर 8 दिशाओं में ईशान में खोले के हनुमानजी मंदिर,नैऋत्य में स्वामी नारायण मंदिर, पश्चिम में हाथोज हनुमान जी, वायव्य में कदम्ब डूंगरी, पूर्व में गलता, आग्नेय में गोनेर मंदिर, दक्षिण में सांगा बाबा और उत्तर में आमेर में काले हनुमानजी मंदिर लिए छोडे जाएंगे और नव संवत्सर का अलग तरीके से प्रचार-प्रसार भी करेगें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सफेद घोड़े करेंगे प्रचार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के अनुसार, इस बार नव संवत्सर और भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार करने के लिए अलग तरीका अपनाया गया है. यहां सफेद घोड़े जयपुर शहर के सभी मुख्य जगहों से होते हुए मंदिरों में जाएंगे. पंडित सुरेश मिश्रा ने कहा कि एक जमाने में घोड़े छोड़ने की परम्परा थी. पहले के राजा-महाराजा अपने साम्राज्य का विस्तार करने के लिए घोड़े का सहारा लेते थे. इसके बाद मिश्रा ने कहा कि शहर के पूरी आबादी को इस उत्सव के प्रति जागरूक करने के लिए अलग तरीका का आयोजन किया जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विधिवत ढंग से किया जाएगा पूजा-पाठ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं नवसंवत्सर उत्सव समारोह समिति के मिलाने वाले देवीशंकर शर्मा ने कहा कि इन सभी सफेद घोड़े को सुबह 10 बजे चौड़ा रास्ता स्थित ताड़केश्वर महादेव मंदिर से रवाना करेगें. वैदिक रीति से ये घोड़े को विधिवत ढंग से पूजा-पाठ किया जाएगा. इसके बाद अलग-अलग मंदिरों के संत-मंहत उनकी आरती उतारेंगे, फिर उन्हें रवाना करेंगे. ये सभी घोड़े आठों दिशाओं में चार दिन तक घूमेंगें, इसी दौरान इनके साथ में समिति के कार्यकर्ता भी चलते हुए पेम्फलेट बांटेगें.इसके&lt;br&gt;साथ ही इन घोडे़ पर बैनर लगे होंगे,जिसमें ‘नवसंवत्सर 2080 मंगलमय हो,’ ‘नवसंवत्सर 2080 की हार्दिक शुभकामनाएं’ लिखा होगा।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>