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       <title>Today Jagannath Rath Yatra News | Latest Jagannath Rath Yatra News | Breaking Jagannath Rath Yatra News in English | Latest Jagannath Rath Yatra News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Jagannath Rath Yatra समाचार:Today Jagannath Rath Yatra News ,Latest Jagannath Rath Yatra News,Aaj Ka Samachar ,Jagannath Rath Yatra समाचार ,Breaking Jagannath Rath Yatra News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/tag/jagannath-rath-yatra</link>
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        <copyright>Chhattisgarh Inkhabar</copyright>
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            <title>Chhattisgarh Inkhabar</title>
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        </image><item><title>Rath Yatra 2024: आज से रथ यात्रा की शुरुआत, कितने दिन रुकते हैं भगवान जगन्नाथ मौसी के घर</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/rath-yatra-2024-rath-yatra-starts-from-today-how-many-days-does-lord-jagannath-stay-at-auntys-house/</link><pubDate>July 7, 2024, 11:16 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/puri.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर : आज रविवार, 7 जुलाई से भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत होगी। आज से लेकर पूरे 10 दिनों तक भगवान जनमानस के बीच रहेंगे. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितिया तिथि को रथ यात्रा मनाई जाती है। मान्यता है कि रथ यात्रा के...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर &lt;/strong&gt;: आज रविवार, 7 जुलाई से भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत होगी। आज से लेकर पूरे 10 दिनों तक भगवान जनमानस के बीच रहेंगे. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितिया तिथि को रथ यात्रा मनाई जाती है। मान्यता है कि रथ यात्रा के दौरान भगवान अपने भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ मौसी के घर जाते हैं। इस पर्व को देश भर में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, लेकिन ओड़िशा के पूरी शहर में स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में भव्य रथयात्रा निकाली जाती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गुंडीचा भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि यह यात्रा दुनियाभर में प्रशिद्ध है। इस दौरान देश विदेश से लोग पहुंचते हैं। ऐसा इसलिए करते है क्योंकि माना जाता है कि रथ यात्रा के दर्शन मात्र से व्यक्ति को हजारों यज्ञों के पुण्य प्राप्त होते हैं। आज तीनों भगवान रथ में सवार होकर गुंडीचा मंदिर की तरफ प्रस्थान करेंगे इसके बाद सोमवार या मंगलवार तक भगवान गुंडीचा मंदिर पहुंच जाएंगे और 15 जुलाई तक यहीं रुकेंगे, फिर 16 जुलाई को सभी देवी-देवता को वापस जगन्नाथ मंदिर लाया जाएगा। यह परंपरा सदियों से चलती आ रही है। यहां भगवान के लिए तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं। बता दें कि गुंडीचा को मौसी का घर माना जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्यों खास है रथ यात्रा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;भक्तों के लिए रथयात्रा इसलिए अधिक खास होता है कि इस दौरान भगवान मंदिर से बाहर निकल कर भक्तों को दर्शन देते हैं। इस वजह से रथयात्रा को अधिक खास बताया गया है। वहीं इस पर्व को भाई बहन की पूजा का पर्व माना जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज से शुरू होगी यात्रा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;-वैदिक पंचांग के मुताबिक, जगन्नाथ रथ यात्रा 07 जुलाई को सुबह 8:05 बजे से शुरू हो चुकी है.&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;– यह यात्रा सुबह 09 बजकर 27 मिनट तक निकाली गई है.&lt;br&gt;– इसके बाद यात्रा दोपहर 12 बजकर 15 मिनट से फिर से शुरू होगी.&lt;br&gt;– इस बार यात्रा 01 बजकर 37 मिनट पर विश्राम लेगी.&lt;br&gt;– इसके बाद शाम 04 बजकर 39 मिनट से यात्रा शुरू होगी.&lt;br&gt;– अब यह यात्रा 06 बजकर 01 मिनट तक चलेगी.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Jagannath Rath Yatra: बहन सुभद्रा के साथ रथ पर यात्रा करेंगे भगवान जगन्नाथ, पहनेंगे खास तरह के वस्त्र</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/festival/lord-jagannath-will-travel-on-a-chariot-with-his-sister-subhadra-will-wear-special-clothes/</link><pubDate>June 15, 2024, 9:54 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/06/TEMPLE-300x169.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>रायपुर। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को हर साल धूम -धाम से निकाला जाता है। इस यात्रा में देश में भर से हजारों भक्त इस रथ यात्रा में शामिल होते हैं। इस बार गुजरात के अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की 147 वीं रथयात्रा 7 जुलाई को निकाली जाएगी। इस कार्यक...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को हर साल धूम -धाम से निकाला जाता है। इस यात्रा में देश में भर से हजारों भक्त इस रथ यात्रा में शामिल होते हैं। इस बार गुजरात के अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की 147 वीं रथयात्रा 7 जुलाई को निकाली जाएगी। इस कार्यक्रम में भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलराम और बहन सुभद्रा शहर के दौरे पर निकलेंगे। छत्तीसगढ़ में भी भगवान जगन्नाथ  की रथ यात्रा निकाली जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पारंपरिक जल यात्रा का आयोजन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;भगवान जगन्नाथ अलग-अलग मैटीरियल कपड़े से बने विशेष पोशाक पहनकर मंदिर के बाहर आएंगे। भगवान जगन्नाथ जी की रथ यात्रा पूरे विश्व प्रसिद्ध है। यात्रा के समय भगवान श्रीकृष्ण, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलते हैं। इस बार रथयात्रा के लिए गुजरात, मथुरा और वृंदावन से आवश्यक सामग्री और कपड़े भी मंगाए गए हैं। रथयात्रा से पहले 22 जून की सुबह मंदिर में पारंपरिक जल यात्रा का आयोजन किया जाएगा। सरसपुर के मोसल यानी श्रीरण छोड़राय जी मंदिर में आषाढ़ी बीज के शुभ दिन पर भगवान श्री जगन्नाथ जी, बहन श्री सुभद्रा जी और श्री बलभद्र जी की नगर यात्रा पारंपरिक भक्तिमय माहौल में जमालपुर जगदीश मंदिर से शुरू होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रथ यात्रा में शामिल होने पर पूरी होंगी मनोकामनाएं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पुराणों की माने तो रथ-यात्रा में जो व्यक्ति श्री जगन्नाथ जी के नाम का कीर्तन करता हुआ गुंडीचा नगर तक पहुंचता है वह पुनर्जन्म के बंधन से पूरी तरह से मुक्त हो जाता है। जो व्यक्ति भगवान जगन्नाथ के नाम का कीर्तन करता हुआ रथयात्रा में शामिल होता है। उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। ऐसा माना जाता है रथ यात्रा में भाग लेने लोगो में संतान संबंधी सारी समस्याएं दूर हो जाती है। रथयात्रा की तैयारी महीनो पहले से हो जाती है। रथ यात्रा की भव्य तैयारियों के साथ सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए है। रथ यात्रा मार्ग और जमालपुर जगन्नाथ मंदिर में भी पुलिस की तैनाती की जाएगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Jagannath Rath Yatra: 108 कलश जल, पंचामृत और गंगाजल से किया जाएगा महाप्रभु जगन्नाथ का जलाभिषेक</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/festival/jagannath-rath-yatra-jalabhishek-of-mahaprabhu-jagannath-will-be-done-with-108-kalash-water-panchamrit-and-ganga-water/</link><pubDate>June 13, 2024, 1:21 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/06/जगन्नाथ-300x169.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>रायपुर। रथयात्रा(Jagannath Rath Yatra) 7 जुलाई को है। इसके पहले, ज्येष्ठ पूर्णिमा पर महाप्रभु भगवान जगन्नाथ 22 जून को 108 कलश जल,पंचामृत और गंगाजल से स्नान किया जाएगा। मान्यता के अनुसार, इस स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ बीमार हो जाएंगे और 15 दिनों...</excerpt><content>
&lt;p&gt;रायपुर। रथयात्रा(Jagannath Rath Yatra) 7 जुलाई को है। इसके पहले, ज्येष्ठ पूर्णिमा पर महाप्रभु भगवान जगन्नाथ 22 जून को 108 कलश जल,पंचामृत और गंगाजल से स्नान किया जाएगा। मान्यता के अनुसार, इस स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ बीमार हो जाएंगे और 15 दिनों के विश्राम के बाद रथयात्रा के दिन पुनः भक्तों को दर्शन देंगे।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;जगन्नाथ स्नान व रथयात्रा के लिए उत्साहित लोग&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;रथयात्रा के लिए तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है और भक्तजन भगवान जगन्नाथ के भव्य स्नान और आगामी रथयात्रा के उत्सव को लेकर उत्साहित हैं। इस पवित्र अवसर पर रेलवे कॉलोनी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु इकट्ठे होकर महाप्रभु के दर्शन और उनकी आराधना करेंगे। बिलासपुर में भक्तों का उत्साह चरम सीमा पर है। शहर में विभिन्न जगहों पर अलग-अलग तरह के कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। भक्तजन भगवान जगन्नाथ के भव्य स्नान और आगामी रथयात्रा के उत्सव को लेकर बहुत उत्साहित हैं। इस पवित्र अवसर पर, बिलासपुर के श्रद्धालु महाप्रभु के दर्शन करने की तैयारी में हैं। वहीं मंदिर में विशेष तरह के आयोजन होंगे। रेलवे परीक्षेत्र स्थित श्रीजगनाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ को महास्नान 22 जून को कराया जाएगा। सुबह आठ बजे से पूजा से महाप्रभु की पूजा- अर्चना प्रारंभ हो जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;7 जुलाई को निकाली जाएगी रथ यात्रा&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;स्नान के बाद महाप्रभु बीमार हो जाएंगे और उनका जड़ी बूटी से उपचार किया जाएगा। इसके बाद भोग का वितरण शुरू होगा। मंदिर के पट 15 दिनों के लिए बंद हो जाएगा ताकि महाप्रभु 15 दिनों तक आराम करें। वहीं, महास्नान के बाद महाप्रभु के मंदिर का पट अमावस्या पांच जुलाई तक बंद रहेगा। इसके बाद छह जुलाई को नेत्रोत्सव के साथ मंदिर का पट खुलेगा। सुबह 9.30 से 10.30 बजे तक पूजा-अर्चना होगी। भगवान भक्तों को दर्शन देंगे। सात जुलाई को रथयात्रा निकाली जाएगी।&lt;/p&gt;
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