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       <title>Today high court News | Latest high court News | Breaking high court News in English | Latest high court News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का high court समाचार:Today high court News ,Latest high court News,Aaj Ka Samachar ,high court समाचार ,Breaking high court News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        <lastBuildDate>April 17, 2026, 12:51 pm</lastBuildDate>
        <copyright>Chhattisgarh Inkhabar</copyright>
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        </image><item><title>High Court: गर्भवती महिला के गर्भ को लेकर सुनवाई आज, गर्भपात को लेकर मांगी अनुमति</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/high-court-hearing-regarding-pregnant-womans-pregnancy-today-permission-sought-for-abortion/</link><pubDate>September 23, 2024, 10:52 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/vourt.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। गर्भवती दुष्कर्म महिला की याचिका पर सुनवाई करने के लिए शाम 6 बजे दोबारा हाई कोर्ट खुला। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के निर्देश पर रजिस्ट्रार जनरल ने स्पेशल बेंच का गठन किया। नियम के मुताबिक स्पेशल बेंच में सुनवाई के लिए अर्जेंट हियरिंग के मा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; गर्भवती दुष्कर्म महिला की याचिका पर सुनवाई करने के लिए शाम 6 बजे दोबारा हाई कोर्ट खुला। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के निर्देश पर रजिस्ट्रार जनरल ने स्पेशल बेंच का गठन किया। नियम के मुताबिक स्पेशल बेंच में सुनवाई के लिए अर्जेंट हियरिंग के मामले के लिए काजलिस्ट जारी किया गया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गर्भपात को लेकर सुनवाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;शाम 6 बजे से स्पेशल बेंच में मामले की सुनवाई हुई। पीड़िता ने 27 हफ्ते के गर्भपात को लेकर सुनवाई हुई थी। पीड़िता के शारीरिक व मानसिक दिक्कतों को कोर्ट ने गंभीरता से सुना और मेडिकल बोर्ड से जांच रिपोर्ट मांगी। इस मामले की दोबारा सुनवाई आज सोमवार को होगी। हाई कोर्ट की संवेदनशीलता समय-समय पर प्रदेशवासियों के सामने उजागर होती है। कुछ दिन पहले ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के सामने आया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अर्जेंट हियरिंग को लेकर सुनवाई&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दुष्कर्म पीड़िता ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अर्जेंट हियरिंग के तहत सुनवाई की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए चीफ जस्टिस ने रजिस्ट्रार जनरल को स्पेशल बेंच का गठन करने और अर्जेंट हियरिंग के तहत प्रकरण की सुनवाई की व्यवस्था करने का निर्देश जारी किया। काजलिस्ट जारी होते ही स्पेशल बेंच ने सुनवाई शुरू की। याचिकाकर्ता पीड़िता के अधिवक्ता ने स्पेशल बेंच को बताया कि दुष्कर्म की घटना के बाद पीड़िता गर्भवती हुई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गर्भपात की अनुमति मांगी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पीड़िता 27 सप्ताह की गर्भवती है। उसके पेट में बच्चा पल रहा है। वह इस अनचाहे गर्भ से छुटकारा पाना चाहती है। वह अपना गर्भपात कराना चाहती है। पीड़िता की ओर से अधिवक्ता ने अनचाहे गर्भ को गिराने (गर्भपात) की अनुमति मांगी है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>High Court: सुसर से वित्तीय सहायता की मांग के फैसले को हाई कोर्ट ने बताया सही</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/states/high-court-high-court-justified-the-decision-of-demanding-financial-assistance-from-father-in-law/</link><pubDate>September 4, 2024, 11:08 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/09/court-300x169.webp</image><category>राज्य</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पारिवारिक कोर्ट के उस फैसले को कायम रखा जिसमे ससुर को विधवा बूह और 9 साल की पोती के लिए भरण-पोषण के लिए वित्तीय सहायता देने के निर्देश दिए गए थे। डिवीजन बेंच का कहना है कि हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण अधिनियम 1956...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पारिवारिक कोर्ट के उस फैसले को कायम रखा जिसमे ससुर को विधवा बूह और 9 साल की पोती के लिए भरण-पोषण के लिए वित्तीय सहायता देने के निर्देश दिए गए थे। डिवीजन बेंच का कहना है कि हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण अधिनियम 1956 के तहत एक विधवा बहू को धारा 19 के तहत अपने ससुर से भरण पोषण पाने की हकदार है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ससुर से भरण-पोषण की मांग की थी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पति की मौत के बाद कोई भी विधवा महिला अपने ससुर से भरण पोषण के लिए वित्तीय सहायता की मांग कर सकती है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पारिवारिक कोर्ट के उस फैसले को सही ठहराया है जिसमें विधवा बहू और 9 साल की पोती को भरण पोषण के लिए वित्तीय सहायता देने के ससुर को निर्देश दिए गए थे। ससुर ने फैमिली कोर्ट के आदेश के विरुद्ध में हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उच्च न्यायालय ने पाया कि 40 हजार रूपए पेंशन पाने के साथ ही कृषि भूमि और बड़े मकान का मालिक ससुर वित्तीय सहायता देने में पूरी तरह से सक्षम है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;फैमिली कोर्ट में दायर की थी याचिका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बंग्लापारा तुमगांव जिला रायपुर के स्थानीय निवासी जनकराम साहू के पुत्र अमित साहू की साल 2022 मे मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उसकी पत्नी मनीषा साहू और बेटी टोकेश्वरी के सामने अपने पेट पालने का संकट उत्पन्न हो गया था। मनीषा ने फैमिली कोर्ट सहासुंद में याचिका दायर की थी। जिसमें स्वयं के लिए अपनी बेटी के लिए जीवन निर्वाह के लिए वित्तीय सहायता की मांग अपने ससुर से की थी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>High Court: पत्नी को गहरे रंग की त्वचा के कारण तलाक देने की याचिका खारिज, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/petition-to-divorce-wife-due-to-dark-skin-rejected-big-decision-of-high-court/</link><pubDate>December 22, 2023, 10:55 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/5-10-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने त्वाचा के रंग को लेकर हो रहे भेदभाव पर संज्ञान लेते हुए एक बड़ा फैसला सुनाया है। दरअसल, एक पति अपनी पत्नी से सिर्फ इसलिए तलाक लेना चाहता था क्योंकि उसका रंग गहरा है। यही नहीं पति द्वारा पत्नी को प्रताड़ित भी किया ज...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने त्वाचा के रंग को लेकर हो रहे भेदभाव पर संज्ञान लेते हुए एक बड़ा फैसला सुनाया है। दरअसल, एक पति अपनी पत्नी से सिर्फ इसलिए तलाक लेना चाहता था क्योंकि उसका रंग गहरा है। यही नहीं पति द्वारा पत्नी को प्रताड़ित भी किया जाता था। इस दौरान कोर्ट ने समाज को इस मानसिकता को बदलने के लिए कहा है। साथ ही पति की तलाक याचिका भी खारिज कर दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;त्वाचा के रंग पर खत्म हो भेदभाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके साथ ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि स्किन कलर के आधार पर भेदभाव मिटाने के लिए समाज को घर पर बातचीत का तरीका बदलने की आवश्यकता है। सांवली त्वचा वाली महिलाओं को कम आत्मविश्वासी और असुरक्षित के रूप में पेश करने के लिए फेयरनेस क्रीम इंडस्ट्री की आलोचना की। जस्टिस गौतम भादुड़ी और जस्टिस दीपक कुमार तिवारी की पीठ एक वैवाहिक विवाद पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की है। हाईकोर्ट की पीठ ने अपनी पत्नी को सांवले होने के कारण पति द्वारा दी जाने वाली प्रताड़ना पर ध्यान दिया और समाज से इस मानसिकता को बदलने की अपील भी की है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;घर पर हो चर्चा के तरीकों में बदलाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के अनुसार सांवले रंग की तुलना में गोरी त्वचा को बढ़ावा देने वाली समाज की प्राथमिकता की वजह से पति को समर्थन नहीं दिया जा सकता। सांवली त्वचा वाली महिलाओं को अक्सर असुरक्षित के रूप में सामने लाया जाता है, जब तक कि वे गोरापन क्रीम का उपयोग नहीं करती हैं। अदालत का कहना है कि घर पर ऐसे विषयों पर चर्चा के तरीके में बदलाव की जरूरत है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पति की अपील खारिज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, इस मामले में पति ने अपनी पत्नी पर भरण-पोषण के लिए आवेदन करने के बावजूद उसे बिना कारण बताए छोड़ देने का आरोप लगाते हुए हुए तलाक मांगा। वहीं, पत्नी ने गर्भावस्था के दौरान यातना, शारीरिक उत्पीड़न और उसके सांवले रंग से संबंधित भावनात्मक शोषण का दावा किया। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की ओर से पेश किए गए सबूतों को देखने के बाद पति की अपील खारिज कर दी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि किसी भी शख्स को केवल त्वचा के रंग के आधार पर अपने कानूनी रूप से विवाहित जीवनसाथी को छोड़ने की आजादी नहीं दी जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने वैवाहिक फैसलों से ऐसे पूर्वाग्रहों को खत्म करने के महत्व पर भी रोशनी डाली है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhattisgarh: उच्च न्यायालय ने कई जिलों के सिविल जज, सत्र व जिला जज का किया फेरबदल और प्रमोशन</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/chhattisgarh-high-court-reshuffled-and-promoted-civil-judge-sessions-and-district-judge-of-many-districts/</link><pubDate>August 10, 2023, 11:25 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/08/download-2023-08-10T232520.779-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। बिलासपुर उच्च न्यायालय ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पदस्थ 40 से ज्यादा सिविल जज, सत्र व जिला न्यायधीशों का स्थानान्तरण और पद्दोनत किया है. इस संबंध में हाईकोर्ट से आदेश जारी कर दिया गया है। इन लोगों को किया गया फेरबदल जारी आदेश के मुत...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर। &lt;/strong&gt;बिलासपुर उच्च न्यायालय ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पदस्थ 40 से ज्यादा सिविल जज, सत्र व जिला न्यायधीशों का स्थानान्तरण और पद्दोनत किया है. इस संबंध में हाईकोर्ट से आदेश जारी कर दिया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन लोगों को किया गया फेरबदल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जारी आदेश के मुताबिक ओमप्रकाश सिंह चौहान एडीजे फर्स्ट सूरजपुर को स्थानांतरित कर उच्च न्यायालय लीगल सर्विस कमेटी का सचिव नियुक्त किया गया है. इसी प्रकार संतोष शर्मा जिला जज रायपुर, संतोष तिवारी फर्स्ट एडीजे रायपुर, शहाबुद्दीन अंसारी एडीजे एफटीएससी (पॉक्सो )बलोदा बाजार, नीलिमा सिंह बघेल फर्स्ट एडीजे अंबिकापुर, मोना चौहान सीजेएम कोंडागांव, हिमांशु जैन एडीजे एफटीएससी कवर्धा, लोकेश कुमार थर्ड सिविल जज क्लास वन, प्रियंका अग्रवाल सिविल जज क्लास वन राजनांदगाँव और वीरन्द्र सिंह फर्स्ट सिविल जज क्लास टू को बैकुंठपुर भेजा गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;8 सिविल जज हुए स्थानांतरित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उच्च न्यायालय ने अमन तिग्गा को सिविल जज वन कोरिया, योगिता कंवर को सिविल जज राजनांदगांव, श्वेता ठाकुर सिविल जज मुंगेली, सिद्धार्थ आनंद सोनी को सिविल जज कोरबा, शैलेश कुमार वशिष्ठ को सिविल जज राजनांदगांव, विनय कुमार साहू को अतिरिक्त जज सिविल कोर्ट बलरामपुर, शाश्वत दुबे को एडिशनल जज सिविल कोर्ट बलरामपुर और शिवेंद्र कुमार टेकाम को धमतरी में सेकेण्ड सिविल जज नियुक्त किया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;CJM और ACJM हुए प्रमोशन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;18 ज्युडिशियल अधिकारियो को प्रमोशन किया गया है. दुलार सिंह निर्मलकर को अम्बागढ़ चौकी, पारुल श्रीवास्तव को सीजेएम (CJM) सारंगढ़, विवेक गर्ग को सीजेएम (CJM) खैरागढ़, ताजुद्दीन आसिफ को सीजेएम (CJM) बीजापुर¸ गंगा पटेल को सीजेएम (CJM) सक्ती, गीतेश कुमार कौशिक सीजेएम (CJM) सुकमा, सर्वविजय अग्रवाल को सीजेएम (CJM) जांजगीर चाम्पा, रूपनारायण राठौर सीजेएम (CJM) बस्तर, एकता अग्रवाल सीजेएम (CJM) पेंड्रा रोड, हरेन्द्र सिंह नाग सीजेएम (CJM) नारायणपुर, श्वेता को सीजेएम (CJM) कबीर धाम, श्रुति दुबे सीजेएम (CJM) मनेन्द्रगढ़, श्वेता उपाध्याय को एसीजेएम (ACJM) रायपुर, ओमप्रकाश साहू एसीजेएम (ACJM) कवर्धा, उमेश कुमार उपाध्याय सीजेएम (CJM) बेमेतरा, अश्वनी चतुर्वेदी सीजेएम (CJM) कोरबा, यशोदा नाग सीजेएम (CJM) कोंडागांव और सीमा प्रताप चन्द्र को एसीजेएम (ACJM) डोंगरगढ़ नियुक्त किया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दो जजों को वर्तमान कार्यस्थल पर ही प्रमोशन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;&lt;br&gt;सुनील कुमार नंदे थर्ड एडीजे सूरजपुर को यहीं पर प्रथम एडीजे और मनोज कुमार सिंह ठाकुर सेकेण्ड एडीजे अम्बिकापुर को यहीं पर फर्स्ट एडीजे के रूप में पदोन्नत किया गया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>छत्तीसगढ: न्यायालय ने ढिल्लन और एपी त्रिपाठी को 4 दिन के लिए ED को सौंपा, कारोबारी अनवर ढेबर और नितेश भेजे गए जेल</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/chhattisgarh-court-handed-over-dhillon-and-ap-tripathi-to-ed-for-4-days-businessmen-anwar-dhebar-and-nitesh-sent-to-jail/</link><pubDate>May 19, 2023, 7:17 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-19-9-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। ED ने 2000 करोड़ के शराब घोटाला मामले में आज रायपुर न्यायालय में रायपुर मेयर एजाज ढेबर के बड़े भाई कारोबारी अनवर ढेबर, त्रिलोक ढिल्लो और नितेश पुरोहित समेत आबकारी विभाग के अधिकारी एपी त्रिपाठी (AP Tripathi) को पेश किया। बता दें कि दिनभर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; ED ने 2000 करोड़ के शराब घोटाला मामले में आज रायपुर न्यायालय में रायपुर मेयर एजाज ढेबर के बड़े भाई कारोबारी अनवर ढेबर, त्रिलोक ढिल्लो और नितेश पुरोहित समेत आबकारी विभाग के अधिकारी एपी त्रिपाठी (AP Tripathi) को पेश किया। बता दें कि दिनभर चली सुनवाई के बाद अदालत ने नितेश पुरोहित और कारोबारी ढेबर को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;4 दिनों तक होगी पूछताछ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक वहीं इस मामले के अन्य आरोपी एपी त्रिपाठी और कारोबारी त्रिलोक ढिल्लो को न्यायालय ने ईडी को 04 दिन की रिमांड पर सौंपा है. अब प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी इन कारोबारियों से 4 दिन तक शराब घोटाले के बारे में पूछताछ कर सकेंगे। इसके बाद दोबारा इन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि ED ने कारोबारी अनवर ढेबर को लेकर रिमांड की मांग नहीं की. बताया जा रहा है कि कोर्ट में नितेश पुरोहित की रिमांड को लेकर बहस हुई, लेकिन न्यायालय ने बचाव पक्ष की दलीलों से सहमत होकर नितेश पुरोहित को ED की रिमांड पर देने से इनकार कर दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नितेश पुरोहित की रिमांड को लेकर विरोध&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अदालत में रिमांड मामले को लेकर बचाव पक्ष के वकीलों, जिनमें सर्वोच्च न्यायालय के वकील राहुल त्यागी और फैजल रिजवी ने ED की कार्यवाही पर सवाल खड़ा करते हुए एपी त्रिपाठी, त्रिलोक ढिल्लन और नितेश पुरोहित की रिमांड को लेकर विरोध किया। राहुल त्यागी ने अदालत से कहा कि श्रीमान यह बोल रहे हैं कि नितिन पुरोहित के पुत्र से इन्हें आमने-सामने पूछताछ करनी है। नितेश कुछ दिनों से अस्वस्थ हैं. इसके साथ ही त्यागी ने कहा कि जब भी ED बेटे को खोजकर लेकर लाए, तब नितेश पुरोहित को फिर से दोबारा रिमांड पर लिया जाए. इसके बाद उन्होंने कहा कि हमारी इस बात को भी रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>छत्तीसगढ़ः ऑटो एक्सपो में वाहनों की खरीदी मामले में हाईकोर्ट ने लगाई रोक</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/chhatteesagadhah-oto-eksapo-mein-mahatvapoorn-kee-sheyar-maamale-mein-haee-haee-ne-rok-diya/</link><pubDate>March 29, 2023, 10:36 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/03/download-65-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। राजधानी में लगे ऑटो एक्सपो में वाहनों की खरीदी पर मिल रही छूट पर उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है. ऑटो एक्सपो में वाहनों की खरीदने पर लाइफटाइम टैक्स पर 50% छूट दी जा रही थी। जारी किया था नोटिफिकेशन बता दें, राज्य सरकार ने एक सप्ताह पहले य...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर&lt;/strong&gt;। राजधानी में लगे ऑटो एक्सपो में वाहनों की खरीदी पर मिल रही छूट पर उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है. ऑटो एक्सपो में वाहनों की खरीदने पर लाइफटाइम टैक्स पर 50% छूट दी जा रही थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जारी किया था&lt;/strong&gt; &lt;strong&gt;नोटिफिकेशन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें, राज्य सरकार ने एक सप्ताह पहले यानी 23 मार्च को एक नोटिफिकेशन जारी किया था. जारी नोटिफिकेशन के आधार पर 24 मार्च से 05 अप्रैल तक ऑटोएक्सपो राजधानी रायपुर में चलाया जा रहा है. जहां एक्सपो में कई तरह की कारें, बस, इलेक्ट्रिक वाहनों के अलावा कॉन्सेप्ट वाहनों को भी शोकेस किया गया है. जिसमें वाहनों कि खरीदी करने पर लाइफटाइम टैक्स में पच्चास प्रतिशत की छूट दी गई थी. लेकिन यह छूट केवल रायपुर आरटीओ से जारी ट्रेड सर्टिफिकेट वाले वाहनों पर थी. वहीं इस छूट के खिलाफ याचिका भी लगाई गई. कोरबा के सत्यदेव ऑटो मोबाइल्स के साथ अंबिकापुर के ऑटोमोबाइल संचालक के अलावा पांच लोगों ने कोर्ट में याचिका भी लगाई गई. जहां अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव, मलय श्रीवास्तव और शशांक ठाकुर के द्वारा न्यायालय में याचिका की गई थी. वहीं याचिका में बताया गया है राज्य के रायपुर शहर को छोड़कर बाकी पूरे प्रदेश में ये छूट नहीं दी जा रही है. जिस कारण अन्य जिलों के ऑटोमोबाइल संचालकों के पास कोई नहीं जा रहा है. जिससे उनकी व्यापार में भारी गिरावट हो रही है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अगली सुनवाई 31 मार्च को होगी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति पी सेम कोसी की बेंच में मामले की सुनवाई हुई, न्यायालय ने ऑटो एक्सपो में वाहनों के टैक्स पर मिल रहे छूट पर तत्काल रोक लगा दी है. अब इस मामले में अगली सुनवाई 31 मार्च को होगी।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>