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       <title>Today Health News | Latest Health News | Breaking Health News in English | Latest Health News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Health समाचार:Today Health News ,Latest Health News,Aaj Ka Samachar ,Health समाचार ,Breaking Health News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/tag/health</link>
        <lastBuildDate>June 16, 2026, 2:10 am</lastBuildDate>
        <copyright>Chhattisgarh Inkhabar</copyright>
        <generator>Chhattisgarh Inkhabar</generator>
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            <title>Chhattisgarh Inkhabar</title>
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        </image><item><title>मुंह के छाले को न करें नजरअंदाज, नहीं तो हो सकती है ये गंभीर बीमारी</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/do-not-ignore-mouth-ulcers-otherwise-it-can-become-a-serious-disease/</link><pubDate>February 13, 2025, 11:33 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/02/download-10.png</image><category>लाइफस्टाइल</category><excerpt>रायपुर: मुंह में छाले होना एक आम समस्या है। जिसे अक्सर लोग गंभीरता से नहीं लेते। यह समस्या किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकती है। घाव आमतौर पर मुंह के अंदर, जीभ पर या गालों, होंठों या गले के अंदर होते हैं। ये छोटे घाव होते हैं, जो कभी-कभी बेहद...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर:&lt;/strong&gt; मुंह में छाले होना एक आम समस्या है। जिसे अक्सर लोग गंभीरता से नहीं लेते। यह समस्या किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकती है। घाव आमतौर पर मुंह के अंदर, जीभ पर या गालों, होंठों या गले के अंदर होते हैं। ये छोटे घाव होते हैं, जो कभी-कभी बेहद दर्दनाक हो सकते हैं और खाने, पीने, बोलने में भी कठिनाई होती है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;
&lt;strong&gt;न करें इग्नोर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;अधिकतर मामलों में यह छाले कुछ दिनों में खुद ही ठीक हो जाते हैं. लेकिन अगर यह बार-बार हो रहे हैं या फिर लंबे वक्त तक सही नहीं हो रहे हैं. इसलिए इन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। ये छाले शरीर में मौजूद किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकते हैं। आइए जानते हैं बार-बार मुंह में छाले होने से क्या-क्या स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;पाचन संबंधी समस्याएं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;पाचन संबंधी समस्याएं भी मुंह के छालों का एक अन्य कारण हो सकती हैं। पेट में गैस, एसिडिटी, कब्ज या अपच जैसी समस्याएं शरीर में विषाक्त पदार्थों के स्तर को बढ़ा सकती हैं। जिस कारण से मुंह के छाले होने की आशंका बढ़ जाती है.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;तनाव और चिंता&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;तनाव और चिंता का शरीर पर गहरा प्रभाव पड़ता है और यह मुंह के छालों का एक प्रमुख कारण हो सकता है। जब हम तनाव में होते हैं तो शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;
&lt;strong&gt;इंफेक्शन की बीमारी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;बार-बार होने वाले मुँह के छालों का एक अन्य गंभीर कारण संक्रमण या अंतर्निहित बीमारी हो सकता है। कुछ वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण, जैसे हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस या कैंडिडा संक्रमण, मुंह के छालों का कारण बन सकते हैं।&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Height: क्या सच में पीरियड्स के बाद हाइट नहीं बढ़ती, जाने विशेषज्ञ की राय?</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/desh-pradesh/height-does-height-really-not-increase-after-periods-know-experts-opinion/</link><pubDate>August 21, 2024, 3:06 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/FJL-300x225.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>रायपुर। पीरियड्स के दौरान आपने कई तरह के सवालों के बारे में सुना होगा। जिसमे से सबसे आम सवाल है कि क्या पीरियड्स के बाद लड़कियों की हाइट बढ़ती है या नहीं? हाइट को लेकर माताओं को चिंता लगी रहती है कि क्या अब मेरी बेटी की लंबाई बढ़ेगी या वह उतनी ...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; पीरियड्स के दौरान आपने कई तरह के सवालों के बारे में सुना होगा। जिसमे से सबसे आम सवाल है कि क्या पीरियड्स के बाद लड़कियों की हाइट बढ़ती है या नहीं? हाइट को लेकर माताओं को चिंता लगी रहती है कि क्या अब मेरी बेटी की लंबाई बढ़ेगी या वह उतनी ही रहेगी। विशेष तौर पर जब बच्ची किशोरावस्था में प्रवेश करती है और उनके पीरियड्स शुरू हो जाते है। पीरियड के बारे में सही जानकारी देने से लेकर इस उम्र में बच्ची के ग्रोथ का ध्यान देना ये सब माता-पिता की जिम्मेदारी होती है। ऐसे ही सवालों के बारे में एक्सपर्ट्स से&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;खानपान पर ध्यान दें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;स्त्री रोग विशेषज्ञ,ने बताया कि अगर बच्ची के पीरियड्स 8 साल में शुरू हो गए हैं तो आपको इसे लेकर डॉक्टर से मुलाकात करने की जरूरत है। 8 साल की उम्र में पीरियड्स होना कोई स्थिति सामान्य नहीं है, लेकिन अगर पीरियड 10 साल की उम्र में आते हैं तो ये सामान्य है, ऐसे में चिंता की कोई जरूरत नहीं है। विशेषज्ञ ने बताया कि लड़कियों में पीरियड्स शुरू होने के बाद भी उनकी हाइट बढ़ती है, लेकिन इसके लिए उन्हें खानपान पर ध्यान देने की जरूरत होती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;हाइट जेनेटिक्स आधारित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;पौष्टिक खाना खाए और साथ ही फिजिकल एक्सरसाइज करें। फिजिकल एक्सरसाइज करने से और सही आहार लेने से बच्चियों की लंबाई बढ़ती है। अपने जेनेटिक्स के मुताबिक उनका कद होता है। इसे लेकर डॉक्टर्स ने बताया है कि पीरियड्स आने के बाद एक-दो इंच तक हाइट बढ़ सकती है। इससे ज्यादा लंबाई बढ़ना इस बात पर निर्भर करती है कि आपकी फैमिली मेंबर्स की हाइट कैसी और कितनी है। पीरियड्स के बाद थोड़ी हाइट बढ़ाने में डाइट और फिजिकल एक्टिविटीज भी सहायक होती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Health Tips: बदलते मौसम में खानपान को लेकर रहे सावधान, जानिए सेहतमंद रहने का राज</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/desh-pradesh/health-tips-be-careful-about-your-eating-habits-in-changing-seasons-know-the-secret-of-staying-healthy/</link><pubDate>November 11, 2023, 1:49 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-9-3-300x200.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>रायपुर। अक्सर बदलते मौसम के कारण लोग अपने खान-पान को लेकर ज्यादा सतर्क दिखते हैं। ऐसे में अगर बात करें मौसम में बदलाव के दौरान खान-पान पर ध्यान कैसे रखा जाए? तो आईए जानते हैं शरीर को सेहतमंद रखने का राज। अगर आप अपने खान-पान का ध्यान बेहतर ढंग स...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;रायपुर। &lt;/strong&gt;अक्सर बदलते मौसम के कारण लोग अपने खान-पान को लेकर ज्यादा सतर्क दिखते हैं। ऐसे में अगर बात करें मौसम में बदलाव के दौरान खान-पान पर ध्यान कैसे रखा जाए? तो आईए जानते हैं शरीर को सेहतमंद रखने का राज।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;अगर आप अपने खान-पान का ध्यान बेहतर ढंग से रखते हैं तो यह आपको बीमार होने से बचाने में मदद देती है। वही आप अगर गलत खान-पान का सेवन करते हैं तो इससे आपकी ह्यूमैनिटी सिस्टम कमजोर तरीके से काम करती है, जिस कारण आप हमेशा बीमार होते है । गर्मी हो या सर्दी का मौसम लोगों को अपनी डाइट में समय-समय पर बदलाव जरूर करना चाहिए। बता दे कि अगर आप एक ही तरह का खाना लगातार सेवन करते रहेंगे तो इससे आपका बीमार होने की चांसेस बढ़ जाती है। इसलिए मौसम के अनुसार अपने खान-पान को बदलते रहना चाहिए। वहीं मौसम में बदलाव के कारण लोगों को मौसमी बीमारियों से ग्रसित होते हुए भी देखा जाता है ऐसे में सभी लोगों को अपने खान-पान पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। अगर मौजूदा समय के मौसम की बात कर तो इस दौरान सर्दियां शुरू हो रही है जिससे मौसम में बदलाव भी देखा जाएगा, इस दौरान लोगों को सही डाइट लेने की जरूरत है । सर्दियों के मौसम में डाइट एक्सपर्ट बताते हैं कि इस मौसम में तीन चीजों को भूल कर भी नहीं खाना चाहिए। तो आईए जानते हैं ऐसी कौन सी चीज है जिसे हमें इस मौसम में सेवन नहीं करना चाहिए_&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रेड मीट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;डाइट एक्सपर्ट के अनुसार बताया गया है कि सर्दियां आने के कारण मौसम में बदलाव होगी जिस कारण लोगों की यूमिनी सिस्टम कमजोर बनाने वाली फूड्स से परहेज करना चाहिए। एक्सपर्ट बताते हैं कि रेडमी एक ऐसा फूड है जो आपके रोड प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर बनाने में हम भूमिका निभाती है। बदलते मौसम में वायरस और बैक्टीरिया अधिक एक्टिव हो जाते हैं जिस कारण ह्यूमैनिटी सिस्टम कमजोर करने वाले फूड्स के सेवन से लोग बीमार पड़ते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;फ्राइड फूड्स&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;आपको बता दें कि डाइट एक्सपर्ट के अनुसार किसी भी मौसम में ज्यादा तला हुआ भोजन का सेवन करने से लोग अक्सर बीमार पड़ते हैं । लेकिन बदलते मौसम में फ्राइड फूड्स और अधिक डेंजरस रूप में तब्दील हो जाता है। जिस कारण लोगों को बीमार पड़ने की चांसेस और अधिक बढ़ जाता है। इसलिए बदलते मौसम में फ्राइड फूड्स के सेवन पर निषेध रखना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शुगर फूड्स&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;शुगर वाले फूड्स का सेवन मौसम में बदलाव के दौरान अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसे में त्योहारों के मौसम में इस फूड्स की डिमांड बढ़ जाती है लेकिन डाइट एक्सपर्ट बताते हैं कि इन त्योहारों के मौसम में भी लोगों को सूगर इनटेक को कम करना चाहिए जिससे कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है। खासकर रिफाइंड शुगर से बने चीजों का इस्तेमाल पर परहेज करना चाहिए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Weather Update: मौसम में बदलाव, छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा असर</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/states/weather-update-changes-in-weather-will-affect-the-health-of-small-children-and-the-elderly/</link><pubDate>November 8, 2023, 9:46 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-2-300x196.png</image><category>राज्य</category><excerpt>रायपुर। देश भर के मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने लगा है क्योंकि प्रदेश में सर्दी की शुरुआत हो चुकी है। मौसम में बदलाव के कारण खासकर छोटे बच्चों और बीमार व्यक्तियों क...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;रायपुर। &lt;/strong&gt;देश भर के मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ने लगा है क्योंकि प्रदेश में सर्दी की शुरुआत हो चुकी है। मौसम में बदलाव के कारण खासकर छोटे बच्चों और बीमार व्यक्तियों के ऊपर अधिक असर पड़ने लगा है। इस वजह से हॉस्पिटल में सैकड़ों मरीजों इलाज कराने आ रहे हैं। बता दें कि जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या लगभग 350 हो गई है। इसमें सबसे अधिक बच्चे है, जिन्हें सर्दी, खांसी, बुखार और जुकाम हैं। जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ का कहना है कि बच्चों में ऐसे लक्षण दिखाई दे तो उसे हल्के में न लें। वह बताते है कि जरा सी लापरवाही बच्चों के स्वास्थ्य को गंभीर बना सकती है। मंगलवार को मौसम विभाग के अनुसार अधिकांश जिले का अधिकतम पारा 32 डिग्री और न्यूनतम पारा 17 डिग्री दर्ज किया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बच्चों के लिए बना वार्ड&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;लगातार बढ़ती पीडि़त बच्चों की संख्या को देखते हुए जिला अस्पताल प्रबंधन ने जच्चा-बच्चा केंद्र में बच्चों के बेहतर इलाज के लिए अलग से वार्ड बनवाया है। बता दें कि यहां शिशु रोग विशेषज्ञ की निगरानी में इलाज जारी है। हालांकि घबराने की बात नहीं है, अभी तक कई बच्चे स्वस्थ होकर अस्पताल से चले भी गए हैं लेकिन बदलते मौसम के कारण लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;न्यूनतम तापमान बढ़ने का अनुमान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;मौसम वैज्ञानिकों की जानकारी के मुताबिक आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव होने के आसार है। अधिकतम पारा स्थिर रहते हुए 32 डिग्री रहने की आशंका है। न्यूनतम पारा में एक से दो डिग्री उछाल आने का अनुमान लगाया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मरीजों की संख्या बढ़ी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;मौसम में बदलाव होने का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने लगा है। बता दें कि जिला अस्पताल में इन दिनों ओपीडी मरीजों की संख्या और दिनों की अपेक्षा में अधिक देखने को मिली है। लोगों में सर्दी, खांसी, बुखार और अन्य मौसमी बीमारी की शिकायत अधिक मिल रही है। इससे बच्चे और बुजुर्गों को अधिक पड़ेशानी हो रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;निमोनिया की शिकायत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;ठंड का सीजन शुरू होते ही छोटे बच्चों व बुजुर्गों में निमोनिया का कहर ज्यादा देखने को मिल रहा है। ऐसे में इनलोगों को सावधानी की अधिक जरूरत है। बता दें कि ठंड में लापरवाही से बच्चों व बुजुर्गों में निमोनिया की भी शिकायत अधिक बढ़ जाती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;8 नवंबर का मौसम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;छत्तीसगढ़ में आज का मौसम सामन्य बना रहेगा। इसके साथ रात और सुबह में सर्दी बढ़ने का अनुमान है। यहां का अधिकतम पारा 29 और न्यूनतम पारा 15 डिग्री दर्ज किया गया है। हवा में 36 mm नमी मौजूद है। वहीं AQI लेवल की बात करें तो यहां का AQI 62 दर्ज किया गया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Health Tips: जीरा का अधिक इस्तेमाल हो सकता है सेहत के लिए खतरनाक, जानें साइड इफेक्ट्स</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/desh-pradesh/health-tips-excessive-use-of-cumin-can-be-dangerous-for-health-know-the-side-effects/</link><pubDate>November 5, 2023, 2:17 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-9-2-300x225.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>जयपुर। भारत एक ऐसा देश है जहां लोग खाना पकाते और स्वाद के साथ खाते भी है। ऐसे में जीरा एक ऐसा मसाला है, जो रोजमर्रा के खाने पकाने में इस्तेमाल किया जाता है। खासकर भारत में खाने के व्यंजनों में जैसे दाल, तड़का, सब्जी, खिचड़ी या अन्य तरह की रेसिप...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;जयपुर। &lt;/strong&gt;भारत एक ऐसा देश है जहां लोग खाना पकाते और स्वाद के साथ खाते भी है। ऐसे में जीरा एक ऐसा मसाला है, जो रोजमर्रा के खाने पकाने में इस्तेमाल किया जाता है। खासकर भारत में खाने के व्यंजनों में जैसे दाल, तड़का, सब्जी, खिचड़ी या अन्य तरह की रेसिपी या नॉनवेज में भी जीरा का इस्तेमाल अवश्य किया जाता है। सूप हो या हैवी मसालेदार व्यंजन सभी चीजों में जीरा का इस्तेमाल होता ही है। ऐसे में कोई अगर आपसे बोले की जीरा के अधिक इस्तेमाल से आपके शरीर पर कई तरह की साइड इफेक्ट्स होता है । ऐसा सुनकर आप एक पल के लिए आवाक हो सकते हैं। तो आईए जानते हैं जीरा खाने से शरीर पर होने वाले साइड इफेक्ट्स के बारे में &amp;#8211;&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कम समय तक &lt;strong&gt;होने वाली समस्या&lt;/strong&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;भारत एक ऐसा देश है जहां जीरा के बिना व्यंजन अधूरा लगता है। इस लिए यहां के लोग जीरा भूनकर किसी भी व्यंजन में डालते हैं जिससे खाना का स्वाद बढ़ जाता है। खाने में अधिक जीरा के इस्तेमाल से सीने में जलन, डकार और भारी मासिक धर्म जैसी समस्याएं उत्पन्न होती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लंबे समय तक होने वाली समस्या&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते है कि जीरा के अधिक सेवन से प्रेगनेंसी में प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे डायबिटीज और हार्ट पेशेंट को जीरा कम खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि इन बीमारियों के मरीजों को जीरा का सेवन कम करने से उनके दवाओं के साथ परस्पर क्रिया बना रह सकता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अधिक सेवन से दिखते हैं यह साइड इफैक्ट्स&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;डॉक्टर बताते हैं कि हद से ज्यादा जीरा खाने से सीने में जलन होती है। इसके साथ ही पेट संबंधी दिक्कतें भी बढ़ जाती है। पाचन क्रिया कमजोर हो जाता है इसलिए अक्सर यह कहते हुए सुने होंगे कि जीरा को एक सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल करना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लिवर और किडनी पर इफेक्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;अधिक जीरा खाने से शरीर के अहम अंग जैसे लिवर और किडनी भी खराब हो सकता है इसलिए डॉक्टर का मानना है कि एक सीमित मात्रा में ही जीरा का सेवन करना चाहिए। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपकी किडनी और लीवर ठीक से काम नहीं करेगा। जिसकी वजह से आप जल्द ही बीमार पड़ सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एसिडिटी की समस्या&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;वहीं हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि ज्यादा जीरा खाने से खुजली और डकार की समस्या होती है। इसके साथ ही एसिडिटी की भी समस्या बढ़ जाती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शुगर लेवल कम होता है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;अधिक जीरा का सेवन करने से ब्लू में शुगर का लेवल कम हो जाता है, जिस कारण शरीर में कमजोरी और चक्कर जैसी परेशानी बढ़ने लगती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Health Tips: क्या आपके बच्चे ज्यादा चॉकलेट खाते हैं? तो हो जाएं सावधान</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/desh-pradesh/health-tips-do-your-children-eat-too-much-chocolate-so-be-careful/</link><pubDate>November 1, 2023, 2:48 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-9-300x225.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>रायपुर। चॉकलेट और कैंडी को देखते ही बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं होता है क्योंकि बच्चों को चॉकलेट अधिक पसंद होता है। अक्सर बच्चे चॉकलेट से बनी चीजों को बड़े चाव के साथ खाते हैं लेकिन आपके बच्चे भी अगर ज्यादा चॉकलेट का सेवन कर रहे हैं तो आपको स...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; चॉकलेट और कैंडी को देखते ही बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं होता है क्योंकि बच्चों को चॉकलेट अधिक पसंद होता है। अक्सर बच्चे चॉकलेट से बनी चीजों को बड़े चाव के साथ खाते हैं लेकिन आपके बच्चे भी अगर ज्यादा चॉकलेट का सेवन कर रहे हैं तो आपको सावधान होने की आवश्यकता है। डॉक्टर बताते हैं कि चॉकलेट में लेड और कैडमियम जैसा डेंजरस केमिकल होता है। इसलिए अपने बच्चों को अधिक चॉकलेट खाने से परहेज करें। वहीं डॉक्टर यह भी बताते हैं की चॉकलेट में कैफीन और शर्करा पाया जाता है जो बच्चों को नुकसान पहुंचता है। इसके साथ ही हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि अधिक चॉकलेट खाने से हाई ब्लड प्रेशर, शुगर, किडनी फेलियर, मोटापा जैसी तमाम समस्याएं पैदा हो सकती है। इन समस्याओं को देखते हुए अपने बच्चों को अधिक चॉकलेट देने से परहेज बरतना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कैंसर का भी खतरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;चॉकलेट में मौजूद लेड और कैडमियम जैसे केमिकल की मात्रा ज्यादा होने से कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ता है। ऐसे में अगर आपका बच्चा ज्यादा चॉकलेट खाता है तो आपको अलर्ट हो जाना चाहिए। अगर आप इस विषय पर चिंतन नहीं करते हैं तो लंबे समय तक चॉकलेट अधिक नुकसानदायक साबित होगा। वहीं चॉकलेट में मौजूद कैडमियम का लंबे समय तक सेवन करने से शरीर की हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और साथ ही यह फेफड़ों सहित लीवर को भी प्रभावित करेगा। यही नहीं इसके कारण कई कैंसर सहित कई जानलेवा बीमारियां भी हो सकती हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कोलेस्ट्रोल बढ़ने का खतरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;तमाम डॉक्टर के मुताबिक बताया जाता है कि चॉकलेट में कैफीन और शुगर मौजूद होता है। ऐसे में यह ब्लड प्रेशर को अधिक बढ़ा सकता है। वहीं अधिक मात्रा में चॉकलेट का सेवन करने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा हो सकता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नींद पर प्रभाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;चॉकलेट में अधिक मात्रा में कैफीन मौजूद होता है। ऐसे में आप इसका सेवन करते हैं तो आपको नींद आने में दिक्कत होती है। खास कर बच्चों की बात करें तो बच्चे चॉकलेट के दीवाने होते हैं ऐसे में उनके लिए अधिक मात्रा में चॉकलेट का सेवन करना उनके मानसिक विकास को प्रभावित करता है। बता दें कि पर्याप्त नींद नहीं लेने के कारण बच्चे चिड़चिड़े और उदासीन दिखते हैं। इस कारण बच्चों की स्मरण शक्ति, सीखने की क्षमता पर प्रभाव पड़ता है। इसलिए डॉक्टर बताते हैं कि बच्चों को रात में चॉकलेट खाने से रोकना चाहिए। जिससे बच्चों के मानसिक विकास में सहायता मिल सके।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Health Tips: बदलते मौसम में खानपान को लेकर रहे सतर्क, सेहतमंद रहने का जानिए राज</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/desh-pradesh/health-tips-be-cautious-about-your-eating-habits-in-changing-weather-know-the-secret-of-staying-healthy/</link><pubDate>October 31, 2023, 2:21 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/download-9-5-300x225.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>रायपुर। अक्सर बदलते मौसम के कारण लोग अपने खान-पान को लेकर ज्यादा सतर्क दिखते हैं। ऐसे में अगर बात करें मौसम में बदलाव के दौरान खान-पान पर ध्यान कैसे रखा जाए? तो आईए जानते हैं शरीर को सेहतमंद रखने का राज। अगर आप अपने खान-पान का ध्यान बेहतर ढंग स...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;रायपुर। &lt;/strong&gt;अक्सर बदलते मौसम के कारण लोग अपने खान-पान को लेकर ज्यादा सतर्क दिखते हैं। ऐसे में अगर बात करें मौसम में बदलाव के दौरान खान-पान पर ध्यान कैसे रखा जाए? तो आईए जानते हैं शरीर को सेहतमंद रखने का राज।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;अगर आप अपने खान-पान का ध्यान बेहतर ढंग से रखते हैं तो यह आपको बीमार होने से बचाने में मदद देती है। वहीं आप अगर गलत खान-पान का सेवन करते हैं तो इससे आपकी इम्यून सिस्टम कमजोर तरीके से काम करती है, जिस कारण आप हमेशा बीमार होते है। गर्मी हो या सर्दी का मौसम लोगों को अपनी डाइट में समय-समय पर बदलाव जरूर करना चाहिए। बता दें कि अगर आप एक ही तरह का खाना लगातार सेवन करते रहेंगे तो इससे आपका बीमार होने की चांसेस बढ़ जाती है। इसलिए मौसम के अनुसार अपने खान-पान को बदलते रहना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मौसमी बीमारियों से ग्रसित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;वहीं मौसम में बदलाव के कारण लोगों को मौसमी बीमारियों से ग्रसित होते हुए भी देखा जाता है। ऐसे में सभी लोगों को अपने खान-पान पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। अगर मौजूदा समय में मौसम की बात करें तो इस दौरान सर्दियां शुरू हो रही है, जिससे मौसम में बदलाव भी देखा जाएगा, इस दौरान लोगों को सही डाइट लेने की जरूरत है। सर्दियों के मौसम में डाइट एक्सपर्ट बताते हैं कि इस मौसम में तीन चीजों को भूल कर भी नहीं खाना चाहिए। तो आईए जानते हैं ऐसी कौन सी चीज है जिसे हमें इस मौसम में सेवन नहीं करना चाहिए_&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रेड मीट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;डाइट एक्सपर्ट के अनुसार बताया गया है कि सर्दियां आने के कारण मौसम में बदलाव होगी जिस कारण लोगों की इम्यून सिस्टम कमजोर बनाने वाली फूड्स से परहेज करना चाहिए। एक्सपर्ट बताते हैं कि रेड मीट एक ऐसा फूड है जो आपके रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर बनाने में अहम भूमिका निभाती है। बदलते मौसम में वायरस और बैक्टीरिया अधिक एक्टिव हो जाते हैं जिस कारण इम्यून सिस्टम कमजोर करने वाले फूड्स के सेवन से लोग बीमार पड़ते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;फ्राइड फूड्स&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;आपको बता दें कि डाइट एक्सपर्ट के अनुसार किसी भी मौसम में ज्यादा तला हुआ भोजन का सेवन करने से लोग अक्सर बीमार पड़ते हैं लेकिन बदलते मौसम में फ्राइड फूड्स और अधिक डेंजरस रूप में तब्दील हो जाता है। जिस कारण लोगों को बीमार पड़ने की चांसेस और अधिक बढ़ जाता है। इसलिए बदलते मौसम में फ्राइड फूड्स के सेवन पर निषेध रखना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शुगर फूड्स&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;शुगर वाले फूड्स का सेवन मौसम में बदलाव के दौरान अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसे में त्योहारों के मौसम में इस फूड्स की डिमांड बढ़ जाती है लेकिन डाइट एक्सपर्ट बताते हैं कि इन त्योहारों के मौसम में भी लोगों को सूगर इनटेक को कम करना चाहिए जिससे कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है। खासकर रिफाइंड शुगर से बने चीजों का इस्तेमाल पर परहेज करना चाहिए।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>