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       <title>Today Health News News | Latest Health News News | Breaking Health News News in English | Latest Health News News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Health News समाचार:Today Health News News ,Latest Health News News,Aaj Ka Samachar ,Health News समाचार ,Breaking Health News News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/tag/health-news</link>
        <lastBuildDate>April 8, 2026, 9:22 pm</lastBuildDate>
        <copyright>Chhattisgarh Inkhabar</copyright>
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            <title>Chhattisgarh Inkhabar</title>
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        </image><item><title>Swine Flu: स्वाइन फ्लू के मामले में आई तेजी, अब तक 25 मरीज मिले</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/desh-pradesh/swine-flu-cases-increase-25-patients-found-so-far/</link><pubDate>August 19, 2024, 12:59 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/08/ADHKM.webp</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू की लहर दौड़ पड़ी है। आए दिन स्वाइन फ्लू के नए केस सामने आते है। स्वाइन फ्लू के केस में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। जिसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिए है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी को ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू की लहर दौड़ पड़ी है। आए दिन स्वाइन फ्लू के नए केस सामने आते है। स्वाइन फ्लू के केस में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। जिसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिए है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी को भी स्वाइन फ्लू के लक्षण नजर आते हैं, तो वे तत्काल डॉक्टरों की सलाह से स्वाइन फ्लू की जांच कराएं, ताकि स्वाइन फ्लू के मामलों को रोका जा सके।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सैंपलों से मिले पॉजिटिव मरीज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जिले में मलेरिया, डायरिया के बाद स्वाइन फ्लू के मामले भी सामने आने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग को एक के बाद एक बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या से निपटने के लिए डॉक्टरों की टीम कड़ी मशक्कत कर रही है। मौजूदा समय में स्वाइन फ्लू लोगों को परेशान कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मौसम में नमी होने के कारण ही स्वाइन फ्लू के वायरस सक्रिय हो गए हैं और लोगों को संक्रमित करने का काम कर रहे हैं। ऐसे में नियंत्रण टीम रोजाना संपर्क में आने वालों मरीजों का सैंपल ले रही है। सैंपल की जांच कर रही है। इन सैंपलों से ही स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मिल रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मरीज यात्रा करने से बचें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यह बात भी सामने आ रही है कि ज्यादातर मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री रही है। ऐसे में ट्रेवल हिस्ट्री वालों को सलाह दी गई है कि यदि सर्दी, खांसी, बुखार, लगातार नाक बहना, सांस लेने में तकलीफ होने की समस्या है तो तत्काल डॉक्टर के पास जाएं। स्वाइन फ्लू का टेस्ट कराएं। पॉजिटिव मिलने वाले मरीजों के लिए सिम्स और जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में बेड रखने के निर्देश दिए गए है, ताकि इनके मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की परेशानी न हो। लोगों को ट्रैवल न करने की सलाह दी है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Malaria: मलेरिया के मरीजों का सिलसिला जारी, बिलासपुर में बिगड़ी स्थिति</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/states/malaria-the-number-of-malaria-patients-continues-situation-worsens-in-bilaspur/</link><pubDate>July 22, 2024, 2:35 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/yhhjmn-300x225.png</image><category>राज्य</category><excerpt>रायपुर। अब कोटा के दर्जनभर से ज्यादा गांव में मलेरिया की चपेट में आ गए है। स्वास्थ्य विभाग रोजाना सभी संवेदनशील गांव का सर्वे कर रही है। मलेरिया के मरीज मिलने पर उपचार की व्यवस्था की भी जा रही है। अधिकतर मरीजों का कोटा के सामुदायिक स्वास्थ्य के...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; अब कोटा के दर्जनभर से ज्यादा गांव में मलेरिया की चपेट में आ गए है। स्वास्थ्य विभाग रोजाना सभी संवेदनशील गांव का सर्वे कर रही है। मलेरिया के मरीज मिलने पर उपचार की व्यवस्था की भी जा रही है। अधिकतर मरीजों का कोटा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज किया जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पीड़ित व्यक्ति के इलाज का दिया आश्वासन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वही प्रभावित गांव में दवा का वितरण किया जा रहा है। साथ यह भी बताया जा रहा है कि यदि कोई मलेरिया से पीड़ित हो तो वे तत्काल टीम से संपर्क करे, उनके इलाज की व्यवस्था मौके पर ही की जाएगी। मौजूदा स्थिति में कोटा के कुपाबांध, बहरीमुड़ा, करवा, जूनापारा, केंदा, मदनपुर, बेलगहना, टाटीधार आदि गांव में मलेरिया के सक्रिया मरीज है। कोटा में केवल मरीज के इलाज की व्यवस्था है, मच्छरों को मारने के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए है। इसी वजह से मौजूदा स्थिति में कोटा क्षेत्र में मलेरिया को लेकर स्थिति गंभीर होती जा रही है। कलेक्टर अवनीश शरण की लोगों से अपील पर मलेरिया व डायरिया से निपटने में समाज के सभी वर्गों का समर्थन मिलना शुरू हो गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एसडीएम और उनके अधिकारयों ने किया मच्छरदानी वितरण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;नेमीचंद जैन मथुरा वाले चैरिटी ट्रस्ट पेंडारी सकरी ने गांवों में 200 मच्छरदानी वितरण के लिए जिला प्रशासन को दान दिया हैं। मलेरिया प्रभावित ग्राम मझगांव में जरूरतमंद लोगों में इसके वितरण का कार्य एसडीएम युगल किशोर उर्वशा ने किया। उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ मच्छरदानी का वितरण किया। एसडीएम उर्वाशा का कहना है कि मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी एक अचूक उपाय है। उन्होंने लोगों से इसका नियमित उपयोग करने का आग्रह किया है। मझगांव में मोबाइल मेडिकल वाहन द्वारा शिविर भी लगाया गया था। शिविर में पहुंचे लोगों को मलेरिया से बचाव के उपाय बताए गए। महामाया मंदिर सेवा ट्रस्ट ने भी अभियान में सहयोग किया। उनके द्वारा रतनपुर अस्पताल में भर्ती मरीजों को ताजा खिचड़ी परोसी गई।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Malaria: छत्तीसगढ़ में मलेरिया के कई मामले,स्वास्थ्य नियंत्रण का कार्य धीमा</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/states/malaria-many-cases-of-malaria-in-chhattisgarh-health-control-work-is-slow/</link><pubDate>July 20, 2024, 3:32 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/fhg-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>रायपुर। मॉनसून के मौसम में तेजी से मलेरिया फैलता है। छत्तीसगढ़ में तेजी से मलेरिया और डायरिया के मामले सामने आ रहे है, लेकिन मलेरियों के मामले को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाएं गए है। इसी वजह से स्वास्थ्य अमला समय पर मरीज तक नहीं ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; मॉनसून के मौसम में तेजी से मलेरिया फैलता है। छत्तीसगढ़ में तेजी से मलेरिया और डायरिया के मामले सामने आ रहे है, लेकिन मलेरियों के मामले को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाएं गए है। इसी वजह से स्वास्थ्य अमला समय पर मरीज तक नहीं पहुंच पा रहा है और मरीज की हालत बिगड़ते जा रही है। वही दूसरी ओर मलेरिया के मच्छर लोगों को लगातार बीमार कर रहा है। यदि मलेरिया रोकने के लिए जल्द से जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो, इसके और गंभीर परिणाम सामने आ सकते है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मलेरिया के लिए कोई खास इंतजाम नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ग्राम पंचायत सिलपहरी के सरपंच दुष्यंत कुमार का कहना है कि इस ग्राम पंचायत और आश्रित ग्राम कारीमाटी में इससे पहले कभी भी स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाया गया है और ना ही कभी स्वस्थ विभाग की ओर से मच्छरदानी बांटी गई है। यहां तक कि ना कोई टैबलेट वितरण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की सभी योजना केवल कागजों तक ही सीमित है। इसी वजह से मलेरिया, डेंगू के लिए संवेदनशील गांव होने के बाद भी कोई भी प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है और हर साल मलेरिया के मामले सामने आते हैं।ग्राम कारीमाटी पहाड़ पर गांव पर बसा हुआ है। यहां पर दो-पहिया वाहन भी बड़ी मुश्किल से पहुंच पाता है। यातायात का कोई भी साधन मौजूद नहीं है। आवाजाही के लिए पैदल का ही सहारा है। इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग की टीम भी इस गांव में नहीं पहुंच पाती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मरीजों के उपचार के निर्देश दिए&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऐसे में ग्रामीणों को ऐसे हाल में ही जीने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ग्रामीणों से स्वास्थ्य सुविधा काफी दूर है। इन्ही कारणों से इन्हें झोलाछाप से इलाज करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मुंगेली जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व में भी मलेरिया के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसे उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तत्काल संज्ञान में लिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई और मलेरिया के पाजिटिव मरीजों के उपचार करने के निर्देश दिए हैं। मुंगेली सीएमएचओ डा़ देवेंद्र पैकरा का कहना है कि डिप्टी सीएम के निर्देश के मुताबिक एवं कलेक्टर राहुल देव के मार्गदर्शन में अचानकमार सेक्टर के ग्राम छपरवा, अचानकमार, तिलैईडबरा और सारसडोल में मलेरिया जांच सह स्वास्थ्य जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Maleria Alert:बिलासपुर में मलेरिया से मचा हड़कंप, डायरिया के भी कई मामले सामने आए</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/states/maleria-alert-malaria-causes-panic-in-bilaspur-many-cases-of-diarrhea-also-reported/</link><pubDate>July 17, 2024, 11:42 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/कचचत-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>रायपुर। बरसात का मौसम मच्छरों और उनसे पैदा होने वाली बीमारियों के लिए आदर्श रहता है। इस मौसम में मलेरिया और डेंगू के मच्छर सक्रिय होते है और डेंगू फैलाने का काम करते है। ऐसे में इस मौसम में सभी को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। इसके बाद भी क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; बरसात का मौसम मच्छरों और उनसे पैदा होने वाली बीमारियों के लिए आदर्श रहता है। इस मौसम में मलेरिया और डेंगू के मच्छर सक्रिय होते है और डेंगू फैलाने का काम करते है। ऐसे में इस मौसम में सभी को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। इसके बाद भी कोटा का ग्राम टाटीधार मलेरिया के लिए संवेदनशील गांव की श्रेणी में आ गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मलेरिया के साथ डायरिया का भी खतरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गांव में एक साथ मलेरिया के 4 मामले सामने आए है। जिससे इस मामले की संख्या में और बढ़ोत्तरी होने की आशंका बढ़ गई है। वही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। मलेरिया के मामले को जांच करने के लिए गांवों में चिकित्स की टीम को भेज दिया गया है। गांव में मलेरिया के मामलों में शिवम नाम के व्यक्ति की हालत नाजुक बताई जा रही है। इधर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव के दर्जनों मरीजों का मलेरिया टेस्ट किया। चिकित्सों की टीम ने गांव के लोगों को मलेरिया के प्रति जागरूक किया। विभाग की टीम मंगलवार को गांव के हर संदिग्ध व्यक्ति का ब्लड सैंपल लेकर मलेरिया की जांच करेगी। डायरिया का दायरा भी बढ़ता ही जा रहा है। एक के बाद एक गांव इसके चपेट में आ रहे है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डायरिया का मुख्य कारण प्रदुषित पानी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मंगलवार को कुटाघाट गांव में डायरिया के पांच मरीज मिले हैं। जिसने भी स्वास्थ्य विभाग की चिंता को बढ़ा दिया है । महामाया पारा,रानीगांव, नेवसा, लखराम और कलमीटार के बाद मंगलवार को कुटाघाट में डायरिया फैल गया है। गांव के कई लोग उल्टी दस्त से पीड़ित है। कुटाघाट में भी डायरिया फैलने की वजह प्रदुषित पानी का सप्लाई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीजों का इलाज कर रही है। इधर अस्पताल में कुल 17 मरीज भर्ती है। इनमे से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Health News: शुगर की दवाएं किडनी के लिए है लाभकारी</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/desh-pradesh/health-newssugar-medicines-are-beneficial-for-kidneys/</link><pubDate>June 13, 2024, 1:33 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/06/दवाई-300x169.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>रायपुर। डायबिटीज (मधुमेह) एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। डायबिटीज में परहेज न किया जाए तो यह जान का कारण बन सकता है। लेकिन सही इलाज और दवाओं से इसे कंट्रोल में किया जा सकता है। डायबिटीज के मरीजों के मन में अक्सर यह बात रहती है कि डायबिटीज की दवा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; डायबिटीज (मधुमेह) एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। डायबिटीज में परहेज न किया जाए तो यह जान का कारण बन सकता है। लेकिन सही इलाज और दवाओं से इसे कंट्रोल में किया जा सकता है। डायबिटीज के मरीजों के मन में अक्सर यह बात रहती है कि डायबिटीज की दवाएं किडनी को नुकसान पहुंचा सकती है। इस धारणा के कारण कई मरीज डायबिटीज का इलाज करवाने से कतराते हैं। जिससे आगे चलकर उन्हें नुकसान हो सकता हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ब्लड शुगर को निंयत्रित करता है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;डायबिटीज़ की दवाएं किडनी को नुकसान पहुंचाने के बजाय उन्हें मदद पहुंचनाने का काम करती हैं। इन दवाओं का मुख्य उद्देश्य ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने का काम होता है। जिससे किडनी को नुकसान पहुंचने का जोखिम कम हो जाता है। सही दवाओं और इलाज से ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना किडनी की सुरक्षा के लिए जरूरी होता है। डायबिटीज की एलोपैथिक दवाओं को लंबे समय के प्री-क्लिनिकल शोध एवं विलनिकल रिसर्च के बाद ही नियमित रूप से इस्तेमाल में लिया जाता है। इससे इन दवाओं के प्रभाव और साइड इफेक्ट्स के बारे में लगभग संपूर्ण जानकारी उपलब्ध रहती है, और इस्तेमाल के दौरान भी इन पर निरंतर निगरानी और दस्तावेजीकरण होता रहता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शरीर में डायबिटिक नेफ्रोपैथी होने का खतरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जब कोई दवा अच्छी तरह से अध्ययनकत और रिसर्च होती है, तो स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के पास उसके उपयोग के बारे में विश्वसनीय जानकारी होती है। इसमें खुराक की सिफारिशें, संभावित दुष्प्रभाव और निषेध सब शामिल होते हैं। यह जानकारी डॉक्टरों को विशेष स्थिति और समग्र स्वास्थ्य के लिए सबसे उपयुक्त दवाएं चुनने में मदद करती है। शुगर की दवाएं ब्लड शुगर को नियंत्रित करती है यदि यह ब्लड शुगर को कंट्रोल न करें तो शरीर में डायबिटिक नेफ्रोपैथी हो सकती है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>गर्मी में आप भी हो जाते हैं लूज मोशन से परेशान तो अपनाएं ये रामबाण उपाय, मिलेगा जल्द आराम</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/desh-pradesh/if-you-also-get-troubled-by-loose-motion-in-summer-then-adopt-this-panacea-remedy-you-will-get-relief-soon/</link><pubDate>May 17, 2024, 2:16 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/05/download-18-1-300x225.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>रायपुर : देश के अधिकांश राज्यों में लगातार गर्मी का कहर बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में कई लोग अधिक परेशान दिख रहे हैं। कारण है प्रदेश में पड़ रहा हीट स्ट्रोक। लोगों का मानना है कि बढ़ते तापमान की वजह से चक्कर आने और दस्त लगने वाली बीमारियां तेजी से ब...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर :&lt;/strong&gt; देश के अधिकांश राज्यों में लगातार गर्मी का कहर बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में कई लोग अधिक परेशान दिख रहे हैं। कारण है प्रदेश में पड़ रहा हीट स्ट्रोक। लोगों का मानना है कि बढ़ते तापमान की वजह से चक्कर आने और दस्त लगने वाली बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. इन दिनों गर्मी से बीमार पड़ने वाले लोगों की संख्या अस्पताल में अधिक दिख रही है. गर्मियों के मौसम में बच्चे हों या बड़े, सभी तबके के लोग कई तरह की बीमारियों से जूझते हैं. खास कर ज्यादा लोग की चपेट में आने से बीमार पड़ते है। ऐसे में इनलोगों को दस्त की दिक्कत होती है. तो चलिए ऐसे में जानते है दस्त यानी लूज मोशन होने पर हम किस उपाय से निजात पा सकते है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अधिक गर्मी से बिगड़ती है सेहत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;देश के अलग-अलग संस्थानों के रिसर्चर का मानना है कि अधिक गर्मी पड़ने से लोगों की सेहत बिगड़ जाती है. लोगों के हेल्थ पर गर्मी का ज्यादा प्रभाव पड़ता है। इसलिए इस मौसम में कहस कर बूढ़े और बच्चों के सेहत पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है. गर्मी के दिनों में लूज मोशन होना आम बात है, मगर दस्त होने के कई कारण हो भी होते हैं. जैसे लू लगना, हीट स्ट्रोक, बासी खाना खाना या फिर डाइजेस्टिव सिस्टम का सही तरह से काम न करना है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन चीजों का सेवन करें, ठीक होगा लूज मोशन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;डॉक्टर का मानना है कि अगर आपको लूज मोशन हुआ है तो आप घर में कुछ ऐसी खाने की चीजों का सेवन करें, जिससे पेट को आराम मिलेगा। साथ ही डाइजेशन में मदद होगा. आमतौर पर लूज मोशन होने पर दही, नींबू पानी, केला, चावल आदि चीजों का सेवन करने से आराम मिलता है. इसी तरह लूज मोशन के दौरान आप पेय पदार्थ में छाछ का ऑप्शन ले सकते हैं. साथ ही ORS घोल का भी सेवन करने से दस्त ठीक होता है. साथ ही डॉक्टर्स बताते है कि गर्मी के मौसम में दस्त होने के और भी कारण हो सकते हैं. अगर रोगी को घर पर परहेज करने से भी कोई आराम नहीं मिलता, तो ऐसी परिस्थिति में आप नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Health Tips: क्या आपके बच्चे ज्यादा चॉकलेट खाते हैं? तो हो जाएं सावधान</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/desh-pradesh/health-tips-do-your-children-eat-too-much-chocolate-so-be-careful/</link><pubDate>November 1, 2023, 2:48 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-9-300x225.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>रायपुर। चॉकलेट और कैंडी को देखते ही बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं होता है क्योंकि बच्चों को चॉकलेट अधिक पसंद होता है। अक्सर बच्चे चॉकलेट से बनी चीजों को बड़े चाव के साथ खाते हैं लेकिन आपके बच्चे भी अगर ज्यादा चॉकलेट का सेवन कर रहे हैं तो आपको स...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; चॉकलेट और कैंडी को देखते ही बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं होता है क्योंकि बच्चों को चॉकलेट अधिक पसंद होता है। अक्सर बच्चे चॉकलेट से बनी चीजों को बड़े चाव के साथ खाते हैं लेकिन आपके बच्चे भी अगर ज्यादा चॉकलेट का सेवन कर रहे हैं तो आपको सावधान होने की आवश्यकता है। डॉक्टर बताते हैं कि चॉकलेट में लेड और कैडमियम जैसा डेंजरस केमिकल होता है। इसलिए अपने बच्चों को अधिक चॉकलेट खाने से परहेज करें। वहीं डॉक्टर यह भी बताते हैं की चॉकलेट में कैफीन और शर्करा पाया जाता है जो बच्चों को नुकसान पहुंचता है। इसके साथ ही हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि अधिक चॉकलेट खाने से हाई ब्लड प्रेशर, शुगर, किडनी फेलियर, मोटापा जैसी तमाम समस्याएं पैदा हो सकती है। इन समस्याओं को देखते हुए अपने बच्चों को अधिक चॉकलेट देने से परहेज बरतना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कैंसर का भी खतरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;चॉकलेट में मौजूद लेड और कैडमियम जैसे केमिकल की मात्रा ज्यादा होने से कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ता है। ऐसे में अगर आपका बच्चा ज्यादा चॉकलेट खाता है तो आपको अलर्ट हो जाना चाहिए। अगर आप इस विषय पर चिंतन नहीं करते हैं तो लंबे समय तक चॉकलेट अधिक नुकसानदायक साबित होगा। वहीं चॉकलेट में मौजूद कैडमियम का लंबे समय तक सेवन करने से शरीर की हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और साथ ही यह फेफड़ों सहित लीवर को भी प्रभावित करेगा। यही नहीं इसके कारण कई कैंसर सहित कई जानलेवा बीमारियां भी हो सकती हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कोलेस्ट्रोल बढ़ने का खतरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;तमाम डॉक्टर के मुताबिक बताया जाता है कि चॉकलेट में कैफीन और शुगर मौजूद होता है। ऐसे में यह ब्लड प्रेशर को अधिक बढ़ा सकता है। वहीं अधिक मात्रा में चॉकलेट का सेवन करने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का खतरा हो सकता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नींद पर प्रभाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;चॉकलेट में अधिक मात्रा में कैफीन मौजूद होता है। ऐसे में आप इसका सेवन करते हैं तो आपको नींद आने में दिक्कत होती है। खास कर बच्चों की बात करें तो बच्चे चॉकलेट के दीवाने होते हैं ऐसे में उनके लिए अधिक मात्रा में चॉकलेट का सेवन करना उनके मानसिक विकास को प्रभावित करता है। बता दें कि पर्याप्त नींद नहीं लेने के कारण बच्चे चिड़चिड़े और उदासीन दिखते हैं। इस कारण बच्चों की स्मरण शक्ति, सीखने की क्षमता पर प्रभाव पड़ता है। इसलिए डॉक्टर बताते हैं कि बच्चों को रात में चॉकलेट खाने से रोकना चाहिए। जिससे बच्चों के मानसिक विकास में सहायता मिल सके।&lt;/p&gt;
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