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       <title>Today district hospital news News | Latest district hospital news News | Breaking district hospital news News in English | Latest district hospital news News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का district hospital news समाचार:Today district hospital news News ,Latest district hospital news News,Aaj Ka Samachar ,district hospital news समाचार ,Breaking district hospital news News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        <copyright>Chhattisgarh Inkhabar</copyright>
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        </image><item><title>Malaria: मलेरिया के मरीजों का सिलसिला जारी, बिलासपुर में बिगड़ी स्थिति</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/states/malaria-the-number-of-malaria-patients-continues-situation-worsens-in-bilaspur/</link><pubDate>July 22, 2024, 2:35 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/yhhjmn.png</image><category>राज्य</category><excerpt>रायपुर। अब कोटा के दर्जनभर से ज्यादा गांव में मलेरिया की चपेट में आ गए है। स्वास्थ्य विभाग रोजाना सभी संवेदनशील गांव का सर्वे कर रही है। मलेरिया के मरीज मिलने पर उपचार की व्यवस्था की भी जा रही है। अधिकतर मरीजों का कोटा के सामुदायिक स्वास्थ्य के...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; अब कोटा के दर्जनभर से ज्यादा गांव में मलेरिया की चपेट में आ गए है। स्वास्थ्य विभाग रोजाना सभी संवेदनशील गांव का सर्वे कर रही है। मलेरिया के मरीज मिलने पर उपचार की व्यवस्था की भी जा रही है। अधिकतर मरीजों का कोटा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज किया जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पीड़ित व्यक्ति के इलाज का दिया आश्वासन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वही प्रभावित गांव में दवा का वितरण किया जा रहा है। साथ यह भी बताया जा रहा है कि यदि कोई मलेरिया से पीड़ित हो तो वे तत्काल टीम से संपर्क करे, उनके इलाज की व्यवस्था मौके पर ही की जाएगी। मौजूदा स्थिति में कोटा के कुपाबांध, बहरीमुड़ा, करवा, जूनापारा, केंदा, मदनपुर, बेलगहना, टाटीधार आदि गांव में मलेरिया के सक्रिया मरीज है। कोटा में केवल मरीज के इलाज की व्यवस्था है, मच्छरों को मारने के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए है। इसी वजह से मौजूदा स्थिति में कोटा क्षेत्र में मलेरिया को लेकर स्थिति गंभीर होती जा रही है। कलेक्टर अवनीश शरण की लोगों से अपील पर मलेरिया व डायरिया से निपटने में समाज के सभी वर्गों का समर्थन मिलना शुरू हो गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एसडीएम और उनके अधिकारयों ने किया मच्छरदानी वितरण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;नेमीचंद जैन मथुरा वाले चैरिटी ट्रस्ट पेंडारी सकरी ने गांवों में 200 मच्छरदानी वितरण के लिए जिला प्रशासन को दान दिया हैं। मलेरिया प्रभावित ग्राम मझगांव में जरूरतमंद लोगों में इसके वितरण का कार्य एसडीएम युगल किशोर उर्वशा ने किया। उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ मच्छरदानी का वितरण किया। एसडीएम उर्वाशा का कहना है कि मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी एक अचूक उपाय है। उन्होंने लोगों से इसका नियमित उपयोग करने का आग्रह किया है। मझगांव में मोबाइल मेडिकल वाहन द्वारा शिविर भी लगाया गया था। शिविर में पहुंचे लोगों को मलेरिया से बचाव के उपाय बताए गए। महामाया मंदिर सेवा ट्रस्ट ने भी अभियान में सहयोग किया। उनके द्वारा रतनपुर अस्पताल में भर्ती मरीजों को ताजा खिचड़ी परोसी गई।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Malaria: छत्तीसगढ़ में मलेरिया के कई मामले,स्वास्थ्य नियंत्रण का कार्य धीमा</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/states/malaria-many-cases-of-malaria-in-chhattisgarh-health-control-work-is-slow/</link><pubDate>July 20, 2024, 3:32 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/fhg-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>रायपुर। मॉनसून के मौसम में तेजी से मलेरिया फैलता है। छत्तीसगढ़ में तेजी से मलेरिया और डायरिया के मामले सामने आ रहे है, लेकिन मलेरियों के मामले को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाएं गए है। इसी वजह से स्वास्थ्य अमला समय पर मरीज तक नहीं ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; मॉनसून के मौसम में तेजी से मलेरिया फैलता है। छत्तीसगढ़ में तेजी से मलेरिया और डायरिया के मामले सामने आ रहे है, लेकिन मलेरियों के मामले को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाएं गए है। इसी वजह से स्वास्थ्य अमला समय पर मरीज तक नहीं पहुंच पा रहा है और मरीज की हालत बिगड़ते जा रही है। वही दूसरी ओर मलेरिया के मच्छर लोगों को लगातार बीमार कर रहा है। यदि मलेरिया रोकने के लिए जल्द से जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो, इसके और गंभीर परिणाम सामने आ सकते है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मलेरिया के लिए कोई खास इंतजाम नहीं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ग्राम पंचायत सिलपहरी के सरपंच दुष्यंत कुमार का कहना है कि इस ग्राम पंचायत और आश्रित ग्राम कारीमाटी में इससे पहले कभी भी स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाया गया है और ना ही कभी स्वस्थ विभाग की ओर से मच्छरदानी बांटी गई है। यहां तक कि ना कोई टैबलेट वितरण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की सभी योजना केवल कागजों तक ही सीमित है। इसी वजह से मलेरिया, डेंगू के लिए संवेदनशील गांव होने के बाद भी कोई भी प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है और हर साल मलेरिया के मामले सामने आते हैं।ग्राम कारीमाटी पहाड़ पर गांव पर बसा हुआ है। यहां पर दो-पहिया वाहन भी बड़ी मुश्किल से पहुंच पाता है। यातायात का कोई भी साधन मौजूद नहीं है। आवाजाही के लिए पैदल का ही सहारा है। इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग की टीम भी इस गांव में नहीं पहुंच पाती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मरीजों के उपचार के निर्देश दिए&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ऐसे में ग्रामीणों को ऐसे हाल में ही जीने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ग्रामीणों से स्वास्थ्य सुविधा काफी दूर है। इन्ही कारणों से इन्हें झोलाछाप से इलाज करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मुंगेली जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व में भी मलेरिया के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसे उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तत्काल संज्ञान में लिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई और मलेरिया के पाजिटिव मरीजों के उपचार करने के निर्देश दिए हैं। मुंगेली सीएमएचओ डा़ देवेंद्र पैकरा का कहना है कि डिप्टी सीएम के निर्देश के मुताबिक एवं कलेक्टर राहुल देव के मार्गदर्शन में अचानकमार सेक्टर के ग्राम छपरवा, अचानकमार, तिलैईडबरा और सारसडोल में मलेरिया जांच सह स्वास्थ्य जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Maleria Alert:बिलासपुर में मलेरिया से मचा हड़कंप, डायरिया के भी कई मामले सामने आए</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/states/maleria-alert-malaria-causes-panic-in-bilaspur-many-cases-of-diarrhea-also-reported/</link><pubDate>July 17, 2024, 11:42 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/07/कचचत-300x169.png</image><category>राज्य</category><excerpt>रायपुर। बरसात का मौसम मच्छरों और उनसे पैदा होने वाली बीमारियों के लिए आदर्श रहता है। इस मौसम में मलेरिया और डेंगू के मच्छर सक्रिय होते है और डेंगू फैलाने का काम करते है। ऐसे में इस मौसम में सभी को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। इसके बाद भी क...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; बरसात का मौसम मच्छरों और उनसे पैदा होने वाली बीमारियों के लिए आदर्श रहता है। इस मौसम में मलेरिया और डेंगू के मच्छर सक्रिय होते है और डेंगू फैलाने का काम करते है। ऐसे में इस मौसम में सभी को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। इसके बाद भी कोटा का ग्राम टाटीधार मलेरिया के लिए संवेदनशील गांव की श्रेणी में आ गया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मलेरिया के साथ डायरिया का भी खतरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गांव में एक साथ मलेरिया के 4 मामले सामने आए है। जिससे इस मामले की संख्या में और बढ़ोत्तरी होने की आशंका बढ़ गई है। वही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। मलेरिया के मामले को जांच करने के लिए गांवों में चिकित्स की टीम को भेज दिया गया है। गांव में मलेरिया के मामलों में शिवम नाम के व्यक्ति की हालत नाजुक बताई जा रही है। इधर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव के दर्जनों मरीजों का मलेरिया टेस्ट किया। चिकित्सों की टीम ने गांव के लोगों को मलेरिया के प्रति जागरूक किया। विभाग की टीम मंगलवार को गांव के हर संदिग्ध व्यक्ति का ब्लड सैंपल लेकर मलेरिया की जांच करेगी। डायरिया का दायरा भी बढ़ता ही जा रहा है। एक के बाद एक गांव इसके चपेट में आ रहे है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डायरिया का मुख्य कारण प्रदुषित पानी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मंगलवार को कुटाघाट गांव में डायरिया के पांच मरीज मिले हैं। जिसने भी स्वास्थ्य विभाग की चिंता को बढ़ा दिया है । महामाया पारा,रानीगांव, नेवसा, लखराम और कलमीटार के बाद मंगलवार को कुटाघाट में डायरिया फैल गया है। गांव के कई लोग उल्टी दस्त से पीड़ित है। कुटाघाट में भी डायरिया फैलने की वजह प्रदुषित पानी का सप्लाई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीजों का इलाज कर रही है। इधर अस्पताल में कुल 17 मरीज भर्ती है। इनमे से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।&lt;/p&gt;
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