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       <title>Today "choti holi 2024" News | Latest "choti holi 2024" News | Breaking "choti holi 2024" News in English | Latest "choti holi 2024" News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का "choti holi 2024" समाचार:Today "choti holi 2024" News ,Latest "choti holi 2024" News,Aaj Ka Samachar ,"choti holi 2024" समाचार ,Breaking "choti holi 2024" News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        <copyright>Chhattisgarh Inkhabar</copyright>
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        </image><item><title>छोटी होली में छाएगा भद्रा का साया, जानें किस समय करें होलिका दहन</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/religious/bhadras-shadow-will-prevail-on-choti-holi-know-when-to-burn-holika/</link><pubDate>March 13, 2025, 3:30 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/03/Clipboard-2025-03-13T152951.553.jpg</image><category>अध्यात्म</category><excerpt>रायपुर। हर साल फाल्गुन पूर्णिमा की रात को होलिका दहन की जाती है। इस साल होलिका दहन 13 मार्च यानी आज की जाएगी। होलिका दहन को छोटी होली भी कहते है। होलिका दहन का त्योहार बुराई की अच्छाई पर जीत प्रतीक है। नकारात्मकता को समाप्त करने के लिए भी होलिक...</excerpt><content>&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; हर साल फाल्गुन पूर्णिमा की रात को होलिका दहन की जाती है। इस साल होलिका दहन 13 मार्च यानी आज की जाएगी। होलिका दहन को छोटी होली भी कहते है। होलिका दहन का त्योहार बुराई की अच्छाई पर जीत प्रतीक है। नकारात्मकता को समाप्त करने के लिए भी होलिका को दहन किया जाता है। होलिका दहन को संवत जलाना भी कहा जाता है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;भद्रा काल का साया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;इस बार होलिका दहन के दिन भद्रा का साया है। इसलिए होलिका दहन के मुहूर्त को लेकर लोगों में कन्फ्यूजन पैदा हो रही है। आइए आज जानते हैं कि होलिका दहन पर भद्रा का साया कब से कब तक रहेगा। भद्रा लगने की वजह से होलिका दहन का मुहूर्त क्या है, होलिका दहन से पूर्व पूजा का क्या विधान है।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;होलिका दहन का शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;होलिका दहन फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को होता है। इस बार भद्रा काल लगने की वजह से खास ध्यान दिया जा रहा है। भद्रा के साए में होलिका दहन करना अशुभ माना जाता है। इस बार पूर्णिमा तिथि 13 मार्च यानी आज सुबह 10.36 से लेकर 14 मार्च को दोपहर 12.23 तक रहेगी। पूर्णिमा के साथ ही भद्रा काल की शुरूआत हो जाएगी। भद्रा काल रात 11.26 तक रहेगा। भद्रा काल से बचते हुए 13 मार्च की रात को 11.27 के बाद होलिका को दहन किया जाएगा।&lt;/p&gt;
&lt;h2&gt;&lt;strong&gt;होलिका दहन की पूजा विधि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;
&lt;p&gt;पूजा की थाली लेकर होलिका दहन वाली जगह पर जाएं। उस भूमि को चुमकर माथे से लगाएं। भूमि पर थोड़ा सा जल चढ़ाएं। इसके बाद उसी स्थान पर घी का दीपक जलाकर रखें। गोबर के उपले, हल्दी और काले तिल के दाने होलिका में चढ़ाएं। होलिका की तीन बार परिक्रमा करते हुए कलावा बांधें। फिर होलिका में सूखा हुआ नारियल चढ़ाएं। आखिर में घर के लोगों को और स्वयं को रोली या हल्दी का तिलक लगाएं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Holika Dahan 2024: होलिका दहन आज, जानें सही मुहूर्त और पूजा विधि</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/festival/holika-dahan-2024-holika-dahan-today-know-the-correct-time-and-method-of-worship/</link><pubDate>March 24, 2024, 9:03 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/03/download-2-6-300x225.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>रायपुर। होली हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। होली से एक दिन पहले होलिका दहन होता है, जो इस साल 24 मार्च यानी आज रविवार को मनाया जाएगा. यह पर्व भगवान विष्णु के भक्त प्रहलाद को समर्पित है। इस दिन को लेकर लोगों के अपने-अपने व...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; होली हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। होली से एक दिन पहले होलिका दहन होता है, जो इस साल 24 मार्च यानी आज रविवार को मनाया जाएगा. यह पर्व भगवान विष्णु के भक्त प्रहलाद को समर्पित है। इस दिन को लेकर लोगों के अपने-अपने विचार हैं। कहा जाता है कि होलिका दहन से पहले मुहूर्त देखना बहुत जरूरी है क्योंकि इसके बिना यह त्योहार पूरा नहीं होगा. तो आईए जानते हैं पूजा के नियमों के बारे में ।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;होलिका दहन शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस साल होलिका दहन कुछ समय के लिए भद्रा काल के साये में रहेगा और 24 मार्च दिन रविवार रात 11:13 बजे तक रहेगा. ऐसे में होलिका दहन का सबसे अच्छा समय रात 11:14 बजे से 12:20 बजे के बीच है। इस दौरान बिना किसी परेशानी के होलिका दहन किया जा सकता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस तरह मनाएं होलिका दहन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;होलिका दहन की पूजा से पहले पवित्र स्नान करें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;स्नान के बाद जहां होलिका दहन की पूजा कर रहे हो, वहां पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठ जाएं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;पूजा के लिए गाय के गोबर से होलिका और प्रहलाद की प्रतिमा बनाएं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इसके बाद रोली, अक्षत, फूल, फूलों की माला, कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी,मूंग, बताशे, गुलाल नारियल, 5 प्रकार के अनाज और एक लोटे में पानी रख लें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;फिर इन चीजों से विधि अनुसार करें पूजा &lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;फल, गुझिया, मीठी पूरी आदि का भोग लगाएं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इसके साथ ही भगवान नरसिंह की भी पूजा विधि-विधान के साथ करें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;अंत में अपनी मनोकामनाओं को होलिका दहन के समक्ष कहें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दिन भर के शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;होलिका दहन के दिन पड़ने वाले शुभ मुहूर्त की बात करें तो दिन भर में पड़ने वाले शुभ, लाभ और अमृत मुहूर्त काफी अच्छे होने वाले हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;लाभ – सुबह 9:24 से 10:56 तक&lt;br&gt;अमृत – सुबह 10:56 से दोपहर 12:00 का 27 मिनट तक&lt;br&gt;शुभ – दोपहर 1: 59 से 3:31 तक&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ऐसे करें होलिका दहन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;होलिका दहन सूर्यास्त के बाद किया जाता है। इस दिन लोग होलिका जलाते हैं और मंत्रों का जाप करने के साथ पारंपरिक लोकगीत भी गाते हैं। होलिका दहन से पूर्व होली पर रोली, अक्षत, फूल कच्चे सूत का धागा, मूंग दाल, बताशा, हल्दी के टुकड़े, नारियल और गुलाल चढ़ाकर पूजा की जाती है। इसके पश्चात हाथों में जल लेकर होलिका की परिक्रमा की जाती है। इस दौरान घर परिवार की सुख समृद्धि की कामना भी की जाती है।&lt;/p&gt;
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