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       <title>Today chhattisgarh high court News | Latest chhattisgarh high court News | Breaking chhattisgarh high court News in English | Latest chhattisgarh high court News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का chhattisgarh high court समाचार:Today chhattisgarh high court News ,Latest chhattisgarh high court News,Aaj Ka Samachar ,chhattisgarh high court समाचार ,Breaking chhattisgarh high court News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        <lastBuildDate>May 12, 2026, 1:42 am</lastBuildDate>
        <copyright>Chhattisgarh Inkhabar</copyright>
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            <title>Chhattisgarh Inkhabar</title>
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        </image><item><title>Bilaspur News : लिव इन संबंध सामाजिक कलंक- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, मुस्लिम पिता को बच्चे के संरक्षण का अधिकार नहीं</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/bilaspur-news-live-in-relationship-social-stigma-chhattisgarh-high-court-muslim-father-does-not-have-the-right-to-custody-of-the-child/</link><pubDate>May 9, 2024, 8:58 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/05/download-2-3.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने लिव इन संबंध को भारतीय संस्कृति के लिए कलंक बताया है। (Bilaspur News) कोर्ट ने लिव इन संबंध को लेकर कहा कि इस तरह के रिलेशन आयातित धारणा का पार्ट हैं जो भारतीय रीति-रिवाजों व संस्कृति के विपरीत हैं। साथ ही इसके साथ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर:&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने लिव इन संबंध को भारतीय संस्कृति के लिए कलंक बताया है। (Bilaspur News) कोर्ट ने लिव इन संबंध को लेकर कहा कि इस तरह के रिलेशन आयातित धारणा का पार्ट हैं जो भारतीय रीति-रिवाजों व संस्कृति के विपरीत हैं। साथ ही इसके साथ हाईकोर्ट ने मुस्लिम पिता और हिंदू मां से जन्म लिए बच्चे के रख-रखाव का अधिकार पिता को देने से मना कर दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वैवाहिक कर्तव्यों के प्रति असंवेदनशीलता&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस गौतम भादुड़ी और जस्टिस संजय एस अग्रवाल की खंडपीठ ने कहा कि वैवाहिक कर्तव्यों के प्रति असंवेदनशीलता ने लिव इन रिलेशन की विचार को बढ़ाया है। (Bilaspur News)  ऐसे रिलेशन कभी भी वह सुरक्षा, सामाजिक सहमति, प्रगति और ठहराव नहीं देते हैं, जो विवाह संस्था देती है। बता दें कि अगस्त 2021 में लिव इन रिलेशन में रहते हुए हिंदू महिला ने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन महिला बच्चे के साथ 10 अगस्त 2023 को लापता हो गई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मामले में याचिका दर्ज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सिद्दीकी ने 2023 में हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर याचिका दर्ज की, कोर्ट की सुनवाई के दौरान महिला अपने माता-पिता एवं बच्चे के साथ कोर्ट पहुंची। इस मामले को लेकर महिला ने अदालत को बताया कि वह अपनी मर्जी से अपने मायके में रह रही है। हालांकि मुस्लिम युवक सिद्दीकी ने बच्चे से नहीं मिलने देने पर फैमिली कोर्ट, दंतेवाड़ा में याचिका दर्ज करवाया। फैमिली कोर्ट ने उसकी अर्जी खारिज कर करते हुए कहा मुस्लिम पिता और हिंदू मां से जन्मे बच्चे के संरक्षण का अधिकार पिता को नहीं दिया जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>CG News: हाईकोर्ट ने पूर्व CM भूपेश बघेल से किया जवाब-तलब, इस तारीख को होगी अगली सुनवाई</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/cg-news-high-court-summons-reply-from-former-cm-bhupesh-baghel-next-hearing-will-be-held-on-this-date/</link><pubDate>January 30, 2024, 11:23 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/01/download-4-9-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। याचिका में आरोप लगाया गया है कि भूपेश बघेल मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए आचार संहिता का उल्लंघन किए है, इसलिए उनकी उम्मीदवारी को रद्द कर दिया जाए और इस कारण उन्हें दंडित भी किया जाए। आगामी सुनवाई 26 फरवरी को पाटन सीट से निर्वाचित विधायक और...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर। &lt;/strong&gt;याचिका में आरोप लगाया गया है कि भूपेश बघेल मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए आचार संहिता का उल्लंघन किए है, इसलिए उनकी उम्मीदवारी को रद्द कर दिया जाए और इस कारण उन्हें दंडित भी किया जाए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आगामी सुनवाई 26 फरवरी को&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पाटन सीट से निर्वाचित विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को हाईकोर्ट ने भाजपा उम्मीदवार विजय बघेल की याचिका पर नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। आचार संहिता का उल्लंघन का आरोप विजय बघेल ने लगाया है। अब इस मामले में 26 फरवरी को आगामी सुनवाई की जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आचार संहिता का किया गया उल्लंघन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पूर्व CM भूपेश बघेल के खिलाफ विधानसभा चुनाव 2023 के भाजपा उम्मीदवार विजय बघेल ने चुनावी याचिका दायर करते हुए पूर्व CM के निर्वाचन को निरस्त करने की मांग कर दी है। विजय बघेल ने याचिका में आरोप लगाया है कि आचार संहिता का उल्लंघन पाटन क्षेत्र में किया गया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि चुनाव प्रचार खत्म होने के पश्चात् कांग्रेस प्रत्याशी के लिए पाटन विधानसभा सीट में रैली का आयोजन किया गया था। चुनाव आयोग से भी इसकी शिकायत की गई है। इस संबंध में रोड शो कार्यक्रम की एक सीडी भी दी गई है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दूसरे फेज में हुआ था मतदान&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;भाजपा उम्मीदावर ने याचिका में कहा है कि पाटन विधानसभा सीट में 16 नवंबर 2023 को चुनाव प्रचार किया गया है, जबकि 15 नवंबर की शाम को छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दूसरे फेज के लिए प्रचार अभियान खत्म हो गया था। दूसरे फेज में मतदान पाटन विधानसभा सीट में भी हुआ था। याचिका में कहा गया है कि दिनांक 16 नवंबर को प्रावधान का उल्लंघन करते हुए एक रैली और रोड शो का आयोजन किया गया था। इस मामले से संबंधित फोटो और वीडियो उपलब्ध कराए गए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रैली का आयोजन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वीडियो के माध्यम से बताया जा रहा है कि रैली का आयोजन भूपेश बघेल के द्वारा किया गया है। इस रैली में शासकीय कर्मचारी एवं पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे। कांग्रेस कार्यकर्ता भूपेश बघेल के पक्ष में नारे भी लगाए गए। भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए याचिका में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन किया है, इसलिए उनकी उम्मीदवारी रद्द कर उन्हें अवश्य दंड दिया जाए। अब 26 फरवरी को इस मामले में आगामी सुनवाई की जाएगी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>High Court: पत्नी को गहरे रंग की त्वचा के कारण तलाक देने की याचिका खारिज, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/petition-to-divorce-wife-due-to-dark-skin-rejected-big-decision-of-high-court/</link><pubDate>December 22, 2023, 10:55 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/5-10-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने त्वाचा के रंग को लेकर हो रहे भेदभाव पर संज्ञान लेते हुए एक बड़ा फैसला सुनाया है। दरअसल, एक पति अपनी पत्नी से सिर्फ इसलिए तलाक लेना चाहता था क्योंकि उसका रंग गहरा है। यही नहीं पति द्वारा पत्नी को प्रताड़ित भी किया ज...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने त्वाचा के रंग को लेकर हो रहे भेदभाव पर संज्ञान लेते हुए एक बड़ा फैसला सुनाया है। दरअसल, एक पति अपनी पत्नी से सिर्फ इसलिए तलाक लेना चाहता था क्योंकि उसका रंग गहरा है। यही नहीं पति द्वारा पत्नी को प्रताड़ित भी किया जाता था। इस दौरान कोर्ट ने समाज को इस मानसिकता को बदलने के लिए कहा है। साथ ही पति की तलाक याचिका भी खारिज कर दी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;त्वाचा के रंग पर खत्म हो भेदभाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके साथ ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि स्किन कलर के आधार पर भेदभाव मिटाने के लिए समाज को घर पर बातचीत का तरीका बदलने की आवश्यकता है। सांवली त्वचा वाली महिलाओं को कम आत्मविश्वासी और असुरक्षित के रूप में पेश करने के लिए फेयरनेस क्रीम इंडस्ट्री की आलोचना की। जस्टिस गौतम भादुड़ी और जस्टिस दीपक कुमार तिवारी की पीठ एक वैवाहिक विवाद पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की है। हाईकोर्ट की पीठ ने अपनी पत्नी को सांवले होने के कारण पति द्वारा दी जाने वाली प्रताड़ना पर ध्यान दिया और समाज से इस मानसिकता को बदलने की अपील भी की है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;घर पर हो चर्चा के तरीकों में बदलाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के अनुसार सांवले रंग की तुलना में गोरी त्वचा को बढ़ावा देने वाली समाज की प्राथमिकता की वजह से पति को समर्थन नहीं दिया जा सकता। सांवली त्वचा वाली महिलाओं को अक्सर असुरक्षित के रूप में सामने लाया जाता है, जब तक कि वे गोरापन क्रीम का उपयोग नहीं करती हैं। अदालत का कहना है कि घर पर ऐसे विषयों पर चर्चा के तरीके में बदलाव की जरूरत है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पति की अपील खारिज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, इस मामले में पति ने अपनी पत्नी पर भरण-पोषण के लिए आवेदन करने के बावजूद उसे बिना कारण बताए छोड़ देने का आरोप लगाते हुए हुए तलाक मांगा। वहीं, पत्नी ने गर्भावस्था के दौरान यातना, शारीरिक उत्पीड़न और उसके सांवले रंग से संबंधित भावनात्मक शोषण का दावा किया। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की ओर से पेश किए गए सबूतों को देखने के बाद पति की अपील खारिज कर दी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि किसी भी शख्स को केवल त्वचा के रंग के आधार पर अपने कानूनी रूप से विवाहित जीवनसाथी को छोड़ने की आजादी नहीं दी जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने वैवाहिक फैसलों से ऐसे पूर्वाग्रहों को खत्म करने के महत्व पर भी रोशनी डाली है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>छत्तीसगढ़ः HC ने CGPSC की मेरिट लिस्ट याचिका खारिज, जानें कोर्ट ने क्या कहा</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/chhattisgarh-hc-dismisses-cgpscs-merit-list-petition-know-what-the-court-said/</link><pubDate>June 7, 2023, 9:25 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/06/download-2023-06-07T212221.860-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। छ्त्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने बुधवार को CGPSC 2014 की जारी मेरिट लिस्ट को निरस्त कर दिया है. बता दें कि यह याचिका महिला अभ्यर्थी द्वारा दाखिल की गई थी. न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण की अनुमति...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छ्त्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने बुधवार को CGPSC 2014 की जारी मेरिट लिस्ट को निरस्त कर दिया है. बता दें कि यह याचिका महिला अभ्यर्थी द्वारा दाखिल की गई थी. न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण की अनुमति नहीं है. सुनवाई के दौरान अदालत ने आदेश में होरिजेंटल और वर्टिकल आरक्षण के नियम को विस्तार रूप से स्पष्ट किया है। कोर्ट में न्यायाधीश नरेंद्र कुमार व्यास की बेंच में मामले की सुनवाई की गई. राज्य प्रशासनिक सेवा के अलग -अलग पदों के लिए पीएससी ने साल 2014 में विज्ञापन जारी किया था. जारी विज्ञापन में डिप्टी कलेक्टर के कुल 21 पद थे. जिसमें 9 पद अनारक्षित, SC के लिए 2 पद, ST के लिए 7 पद और OBC वर्ग के लिए 3 पद आरक्षित थे. इसमें से महिला आरक्षण के तहत 2 पद एसटी (ST) वर्ग की महिला और 2 पद अनारक्षित महिला प्रतिभागी के लिए आरक्षित थे. जबकि विज्ञापन के मुताबिक OBC वर्ग के महिला के लिए पद आरक्षित नहीं थे।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://inkhabarchhattisgarh.com/wp-content/uploads/2023/06/download-2023-06-07T212130.390.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-3431&quot; srcset=&quot;https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/06/download-2023-06-07T212130.390.png 790w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/06/download-2023-06-07T212130.390-300x169.png 300w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/06/download-2023-06-07T212130.390-768x432.png 768w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/06/download-2023-06-07T212130.390-150x84.png 150w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/06/download-2023-06-07T212130.390-696x391.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कोर्ट ने अंतरिम आदेश को किया निरस्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मिली जानकारी के अनुसार चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद OBC वर्ग की प्रतिभागी ओंकार यादव मेरिट में 10वें नंबर पर आई. इसके बाद उसका चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ. इसे CGPSC की मुख्य परीक्षा में मौजूद रही हिमशिखा साहू ने उच्च न्यायालय को चुनौती दी. उन्होंने कहा कि OBC वर्ग महिला के लिए पद आरक्षित होने पर उनका चयन ओंकार यादव की स्थान पर होना था. प्रारंभिक सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता महिला के पक्ष में अंतरिम ऑर्डर दिया था. इस बीच GST डिपार्टमेंट में ओंकार यादव ने ज्वाइन कर लिया। वे वर्तमान समय में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर पदस्थ हैं. मामले पर सुनवाई के वक्त बताया गया कि महिला मेरिट लिस्ट में 29वें नंबर पर आई थी. लेकिन उनका नाम मेरिट लिस्ट में नहीं था. ऐसे में कोर्ट ने कहा कि उन्हें याचिका दाखिल करने का कोई अधिकार नहीं था. इसी दौरान PSC की ओर से बताया गया कि नियमों का पालन करते हुए मेरिट लिस्ट जारी की गई थी. सभी पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने महिला की याचिका खारिज करते हुए उनके पक्ष में जारी अंतरिम आदेश कैंसिल कर दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शारीरिक रूप से दिव्यांगों को होरिजेंटल आरक्षण का फायदा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;न्यायालय ने प्रतिवादी अधिकारी की किसी प्रकार की कोई त्रुटि नहीं होने की वजह से सीनियारिटी समेत अन्य फायदे देने के आदेश दिए हैं. उच्च न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट और अन्य के आदेशों का हवाला देते हुए वर्टिकल और होरिजेंटल आरक्षण को विस्तार रूप से स्पष्ट किया है. साथ ही कहा कि वर्टिकल आरक्षण 50 प्रतिशत अनारक्षित और 50 प्रतिशत SC, ST और OBC के लिए है. SC, ST और OBC को वर्टिकल आरक्षण का फायदा दिया जाता है, जबकि शारीरिक रूप से दिव्यांगों को होरिजेंटल आरक्षण का फायदा दिया जाता है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhattisgarh Job: दुर्ग में 18 मई को प्लेसमेंट कैंप का आयोजन, 347 पदों पर होगी सीधी भर्ती</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/chhattisgarh-job-campaign-camp-will-be-organized-in-durg-on-may-18-direct-recruitment-will-be-done-on-347-posts/</link><pubDate>May 17, 2023, 7:31 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-6-10-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ युवाओं के लिए एक बार फिर से खुशखबरी आई है. बता दें कि दुर्ग जिले में प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जा रहा हैं. इस प्लेसमेंट कैंप में निजी नियोजकों (Private employers) द्वारा 347 विभिन्न पदों पर भर्ती निकाली गई हैं. बताया जा रहा ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ युवाओं के लिए एक बार फिर से खुशखबरी आई है. बता दें कि दुर्ग जिले में प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जा रहा हैं. इस प्लेसमेंट कैंप में निजी नियोजकों (Private employers) द्वारा 347 विभिन्न पदों पर भर्ती निकाली गई हैं. बताया जा रहा है कि इस आयोजन कैंप में इंजीनियरिंग किए हुए बेरोजगार लोग भी हिस्सा ले सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://inkhabarchhattisgarh.com/wp-content/uploads/2023/05/download-5-10.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-2580&quot; srcset=&quot;https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-5-10.png 790w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-5-10-300x169.png 300w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-5-10-768x432.png 768w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-5-10-150x84.png 150w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-5-10-696x391.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्लेसमेंट कैंप का आयोजन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जिला रोजगार और स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र दुर्ग की तरफ से बताया गया है कि दुर्ग में गुरूवार यानी 18 मई को प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जा रहा है. इस रोजगार मेले में शक्ति इंटरप्राइज ट्रांसपोर्ट नगर दुर्ग, ACMW . ऑटोमेशन प्राइवेट लिमिटेड, प्रकाश ज्वेलर्स दुर्ग, NIIT लिमिटेड और टेक्नोटॉस्क बिजियस सोल्यून प्राइवेट लिमिटेड के लिए अलग-अलग पदों पर भर्ती की जाएगी। इनके द्वारा 347 पदों पर प्रदेश के युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थियों को इससे संबंधित अधिक जानकारी के लिए रोजगार कार्यालय की वेबसाइट या कार्यालयीन समय में रोजगार केंद्र में जाकर पा सकते है।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://inkhabarchhattisgarh.com/wp-content/uploads/2023/05/download-7-7.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-2582&quot; srcset=&quot;https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-7-7.png 790w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-7-7-300x169.png 300w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-7-7-768x432.png 768w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-7-7-150x84.png 150w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-7-7-696x391.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;18 मई को प्लेसमेंट कैंप का आयोजन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मिली जानकारी के मुताबिक इस प्लेसमेंट कैंप में जो भी इच्छुक अभ्यर्थी भाग लेना चाहते हैं वो 18 मई को सुबह साढ़े दस बजे जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र दुर्ग में पहुंच जाए. वहीं पर उनका पंजीकरण (Registration) किया जाएगा। इसके बाद नियोक्ता कंपनी द्वारा उनकी योग्यता के अनुसार उनका इंटरव्यू (Interview) लिया जाएगा। बता दें कि इच्छुक उम्मीदवार भर्ती के लिए अपने साथ जरूरी डाक्यूमेंट लेकर जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र दुर्ग पहुंचेंगे. इस भर्ती में हिस्सा लेने के लिए उनके पास रोजगार कार्यालय का जीवित पंजीयन और छत्तीसगढ़ का मूल निवासी सर्टिफिकेट होना जरूरी है।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://inkhabarchhattisgarh.com/wp-content/uploads/2023/05/download-8-10.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-2583&quot; srcset=&quot;https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-8-10.png 790w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-8-10-300x169.png 300w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-8-10-768x432.png 768w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-8-10-150x84.png 150w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-8-10-696x391.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;
</content></item><item><title>छत्तीसगढ़ः सुप्रीम कोर्ट ने लगाया ED को फटकार, कहा- डर का माहौल न बनाएं</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/chhattisgarh-supreme-court-reprimanded-ed-said-do-not-create-an-atmosphere-of-fear/</link><pubDate>May 16, 2023, 10:05 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-26-5-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान ईडी से कहा कि दहशत का माहौल न बनाएं। प्रदेश में दो हजार करोड़ रुपये के शराब घोटाले से संबधिंत मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सीएम भूपेश बघेल को आरोपी बनाया गया है. रा...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान ईडी से कहा कि दहशत का माहौल न बनाएं। प्रदेश में दो हजार करोड़ रुपये के शराब घोटाले से संबधिंत मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सीएम भूपेश बघेल को आरोपी बनाया गया है. राज्य सरकार के जस्टिस एस के कौल और जस्टिस ए अमानुल्लाह की पीठ के सामने आरोप लगाया कि राज्य के आबकारी विभाग के कई अफसरों ने शिकायत की है कि ED उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को पकड़ने की धमकी दे रहा है. इतना ही नहीं सीएम भूपेश को फंसाने का प्रयास कर रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://inkhabarchhattisgarh.com/wp-content/uploads/2023/05/download-27-8.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-2544&quot; srcset=&quot;https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-27-8.png 790w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-27-8-300x169.png 300w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-27-8-768x432.png 768w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-27-8-150x84.png 150w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-27-8-696x391.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;डर का माहौल न बनाएं&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सरकार के मुताबिक पता चला है कि अधिकारी लोग विभाग में काम नहीं करेंगे. छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने पीठ से कहा कि ED बौखलाया हुआ है. जिस वजह से वे आबकारी अधिकारियों को गिरफ्तार करने के लिए धमकी दें रहे हैं. साथ ही उन्होंन पीठ से कहा कि यह स्थिति बेहद चौंकाने वाली है. अब प्रदेश में कुछ ही महीनों के बाद चुनाव होने वाला है इसलिए यह सब हो रहा है. ED की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि एजेंसी प्रदेश में एक घोटाले की जांच-पड़ताल कर रही है. इसके बाद पीठ ने कहा कि जब आप इस तरह का व्यवहार करते है तो एक सच्चाई कारण भी संदेहजनक हो जाता है. इसलिए डर का माहौल न बनाएं।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://inkhabarchhattisgarh.com/wp-content/uploads/2023/05/download-28-7.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-2545&quot; srcset=&quot;https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-28-7.png 790w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-28-7-300x169.png 300w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-28-7-768x432.png 768w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-28-7-150x84.png 150w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-28-7-696x391.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुप्रीम कोर्ट में जाने का अधिकार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;पिछले महीने छत्तीसगढ़ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के कुछ प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली सुप्रीम कोर्ट का रुख करने वाला पहला स्टेट बन गया, जिसमें गैर बीजेपी राज्य सरकारों के विरोध में केंद्रीय जांच एजेंसियों का सामान्य कामकाज को धमकाने और परेशान करने के लिए दुरुपयोग करने का आरोप लगाय गया था. सीएम भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत कानून को चुनौती देते हुए वकील सुमीर सोढ़ी के द्वारा एक मूल मुकदमा दायर किया है, जो किसी राज्य को केंद्र या किसी अन्य राज्य के साथ विवाद के मामलों में सीधे सुप्रीम कोर्ट में जाने का अधिकार देता है. सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के दो सख्स द्वारा एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें से एक व्यक्ति को ED ने मामले के संबंध में गिरफ्तार किया है, जिसने ED के कार्रवाई को चुनौती दी है।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://inkhabarchhattisgarh.com/wp-content/uploads/2023/05/download-29-6.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-2546&quot; srcset=&quot;https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-29-6.png 790w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-29-6-300x169.png 300w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-29-6-768x432.png 768w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-29-6-150x84.png 150w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-29-6-696x391.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;
</content></item><item><title>छत्तीसगढ़ः हाईकोर्ट ने रोक हटाई, अब 300 पदों पर कांकेर मेडिकल कॉलेज में होगी सीधी भर्तियां</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/chhattisgarh-high-court-removed-the-ban-now-there-will-be-direct-recruitment-on-300-posts-in-kanker-medical-college/</link><pubDate>May 16, 2023, 8:28 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-25-9-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कांकेर मेडिकल कॉलेज में भर्ती पर लगी रोक को हटाकर अब भर्ती प्रक्रिया के लिए हरी झंडी दे दिया है. इसके बाद तीसरे और चौथे श्रेणी के अलग-अलग वर्गों में 300 पदों पर भर्ती का द्वार खुल गया है. लेकिन न्यायालय ने स्ट...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कांकेर मेडिकल कॉलेज में भर्ती पर लगी रोक को हटाकर अब भर्ती प्रक्रिया के लिए हरी झंडी दे दिया है. इसके बाद तीसरे और चौथे श्रेणी के अलग-अलग वर्गों में 300 पदों पर भर्ती का द्वार खुल गया है. लेकिन न्यायालय ने स्टाफ नर्स के दो पद खाली रखने के लिए भी आदेश दिया है. इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया पूरा करे. बता दें कि भर्ती नियमों में आरक्षण को लेकर लगी याचिका की वजह से अदालत ने पहले भी रोक लगाई थी. उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर सुखमती नाग और अन्य ने कहा था कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कांकेर में तृतीय श्रेणी (Third Grade) और चतुर्थ श्रेणी (Fourth Grade) के विभिन्न पदों स्टाफ नर्स, टेक्नीशियन, टेक्नीशियन लैब और अन्य पदों पर नियुक्ति की जा रही है. जिसमें आरक्षण के नियम का उलंघन्न किया जा रहा है. इसी को लेकर न्यायालय ने मेडिकल कॉलेज और राज्य सरकार से जवाब मांगा था।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://inkhabarchhattisgarh.com/wp-content/uploads/2023/05/download-23-9.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-2538&quot; srcset=&quot;https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-23-9.png 790w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-23-9-300x169.png 300w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-23-9-768x432.png 768w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-23-9-150x84.png 150w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-23-9-696x391.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2011 के बाद बढ़ोतरी किया गया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच ने बैकुंठपुर, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर आदि में दिए जाने वाले आरक्षण रोस्टर को 2011 के बाद बढ़ोतरी किया गया था, इसके बाद उसे निरस्त कर दिया गया. हालांकि बस्तर जिले के आरक्षण को पहले के जैसा ही जारी रखा गया. इसलिए कनिष्ठ चयन आयोग द्वारा संशोधित आरक्षण रोस्टर का पालन करते हुए बस्तर संभाग के लिए नियुक्ति दी जा रही थी. उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान नियुक्ति की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://inkhabarchhattisgarh.com/wp-content/uploads/2023/05/download-24-7.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-2539&quot; srcset=&quot;https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-24-7.png 790w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-24-7-300x169.png 300w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-24-7-768x432.png 768w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-24-7-150x84.png 150w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-24-7-696x391.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;स्टाफ नर्स के दो पदों को खाली रखा जाए&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;राज्य सरकार की तरफ से उच्च न्यायालय द्वारा पारित स्थगन आदेश के खिलाफ आवेदन प्रस्तुत किया गया. प्रस्तुत आवेदन में बताया गया कि बस्तर संभाग के लिए अलग आरक्षण का प्रावधान किया गया है. उच्च न्यायालाय के डिवीजन बेंच ने उस प्रावधान को निरस्त नहीं किया था. साथ ही यह बताया गया कि हाईकोर्ट ने 01 मई को सभी नियुक्ति पर आगे की कार्यवाही जारी रखने का आदेश पारित किया था. नेशनल मेडिकल काउंसिल की तरफ से बहुत ही जल्द ही शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कांकेर का निरीक्षण किया जाना है. ताकि अगले साल चिकित्सा निरंतर बरकरार रहे. दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकल पीठ न्यायाधिश सचिन सिंह राजपूत द्वारा आदेश जारी किया गया कि स्टाफ नर्स के दो पदों को खाली रखा जाए. इसके साथ ही अन्य पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र जारी करने के आदेश भी दिया गया. शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की तरफ से जानकारी मिली है कि जिला एवं संभाग स्तरीय पदों की भर्ती कनिष्ठ चयन आयोग के ओर की जा रही है. प्रदेश में दो प्रकार के आरक्षण लागू होते हैं, जिसमें राज्य स्तर से राज्य के लिए जारी पदों पर 2011 के आरक्षण संशोधन के बाद 50% से 58% किया गया था. उसी प्रकार से जिला और संभाग स्तर के पदों के लिए बस्तर सरगुजा एवं अन्य क्षेत्रों में आरक्षण का प्रतिशत 58 से 82% किया गया था।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>छत्तीसगढ़ः उच्च न्यायालय ने 28 न्यायिक अधिकारियों का किया ट्रांसफर, आदेश जारी</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/chhattisgarh-high-court-issues-order-nomination-of-28-verification-officers/</link><pubDate>May 5, 2023, 4:35 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/05/download-20-3-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। उच्च न्यायालय (HC) ने आदेश जारी कर न्यायिक सेवा से संबधिंत अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया है. बता दें कि जारी आदेश में 28 न्यायिक अफसरों के नामों की सूची है. जिसमें जिला और सत्र न्यायाधीशों के अलावा अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; उच्च न्यायालय (HC) ने आदेश जारी कर न्यायिक सेवा से संबधिंत अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया है. बता दें कि जारी आदेश में 28 न्यायिक अफसरों के नामों की सूची है. जिसमें जिला और सत्र न्यायाधीशों के अलावा अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नाम शामिल हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रिंसिपल जज ब्रिजेंद्र कुमार शास्त्री&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि बेमेतरा जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयदीप विजय निमोनकर को रामानुजगंज ट्रांसफर किया गया है. रायपुर जिला एवं सत्र न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त प्रिंसिपल जज ब्रिजेंद्र कुमार शास्त्री को बेमेतरा जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर पदस्थापना आदेश जारी किया गया है. इसी तरह ओम प्रकाश साहू चतुर्थ सिविल जज वर्ग को रायपुर से कवर्धा, रेशमा बैरागी पटेल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को बलरामपुर से मुंगेली, देवेंद्र साहू सिविल जज वर्ग एक को चिरमिरी से प्रतापपुर, सिविल जज वर्ग एक के एकता अग्रवाल को मनेंद्रगढ़ से गौरेला पेंड्रा, समीर कुजूर सिविल जज वर्ग को प्रतापपुर से रायपुर, सीमा कंवर तृतीय सिविल जज वर्ग एक को जगदलपुर से जांजगीर, दीप्ति सिंह गौर तृतीय सिविल जज वर्ग एक को कवर्धा से चिरमिरी, शिव प्रकाश त्रिपाठी सिविल जज वर्ग एक को जांजगीर चांपा से कोंडागांव, मंजूलता सिन्हा प्रथम अतिरिक्त जज सिविल जज वर्ग एक को रायगढ़ से बलौदाबाजार, आस्था यादव सिविल जज वर्ग एक को बालोद से मनेंद्रगढ़ ट्रांसफर किया गया है।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://inkhabarchhattisgarh.com/wp-content/uploads/2023/05/download-18-1.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-1981&quot; srcset=&quot;https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-18-1.png 790w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-18-1-300x169.png 300w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-18-1-768x432.png 768w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-18-1-150x84.png 150w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-18-1-696x391.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये सभी अधिकारियों का ट्रांसफर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि अनिता काशिमा रावेट अतिरिक्त जज न्यायालय एक सिविल जज वर्ग दो को राजनादगांव से बेमेतरा, स्वर्णलता ओम यादव सिविल जज वर्ग दो को बलौदाबाजार भाटापारा से रायपुर, श्वेता गोस्वामी सिविल जज वर्ग दो को अंबिकापुर से बिलासपुर, सचिन पाल टोप्पो सिविल वर्ग दो को बगीचा से राजिम, प्रीति सिविल जज वर्ग दो को गरियाबंद से रायगढ़, भूपेश कुमार बसंत सिविल जज एक को कोंडागांव से रायपुर, प्रशांत कुमार देवांगन सिविल जज वर्ग दो को रायगढ़ सारंगढ़ से गरियाबंद, अंकिता अग्रवाल सिविल जज वर्ग दो को रायगढ़ से भाटापारा, ध्रुवराज गवेल सिविल जज वर्ग दो को रायपुर से सारंगढ़, अविनाश कुमार दुबे सिविल जज वर्ग दो को दंतेवाड़ा से बचेली, हर्षिता अग्रवाल सिविल जज वर्ग दो को बिलासपुर से राजनादगांव, आरती ठाकुर सिविल जज वर्ग दो को रायपुर से नवागढ़ जांजगीर चांपा, अविनाश टोप्पो सिविल जज वर्ग दो को राजिम से बागबहरा, आकांक्षा ठाकुर सिविल जज वर्ग दो को रायपुर से धमधा, कामिनी वर्मा सिविल जज वर्ग दो को बेमेतरा से बगीचा जशपुर ट्रांसफर आदेश जारी किया है।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://inkhabarchhattisgarh.com/wp-content/uploads/2023/05/download-21-1.png&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-1980&quot; srcset=&quot;https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-21-1.png 790w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-21-1-300x169.png 300w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-21-1-768x432.png 768w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-21-1-150x84.png 150w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/05/download-21-1-696x391.png 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;
</content></item><item><title>छत्तीसगढ़ः असम से वन भैंसा लाने पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/chhattisgarh-a-fire-broke-out-in-a-procession-on-chaitra-navratri-an-artist-caught-in-the-fire/</link><pubDate>March 22, 2023, 10:39 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/03/download-11-2-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। असम से वन भैंसा लाने पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. बता दें कि वन विभाग की टीम असम गई थी। वहां से चार मादा वन भैंसा (बाइसन) लेकर आने वाली थी. इससे पहले ही जनहित याचिक पर कोर्ट ने आदेश कर दिया है. याचिका में कहा है कि जीन मिक्स ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर। &lt;/strong&gt;असम से वन भैंसा लाने पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. बता दें कि वन विभाग की टीम असम गई थी। वहां से चार मादा वन भैंसा (बाइसन) लेकर आने वाली थी. इससे पहले ही जनहित याचिक पर कोर्ट ने आदेश कर दिया है. याचिका में कहा है कि जीन मिक्स होने से छत्तीसगढ़ के वन भैंसा की विशेषता समाप्त हो जाएगी. इसके बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गौतम भादुड़ी और न्यायाधीश नरेश कुमार चंद्रवंशी की डिवीजन बेंच में सुनवाई की गई है. छत्तीसगढ़ वन विभाग ने तीन साल पहले असम से मानस टाइगर रिजर्व से एक नर और एक मादा बाइसन मंगवाया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अधिनियम के सूची-1 के आधार पर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कोर्ट याचिका में बताया गया है कि वन भैंसा वन्यप्राणी अधिनियम के सूची-1 के आधार पर संरक्षित है. छत्तीसगढ़ वन विभाग ने बताया कि असम से लाए गए मादा वन भैसों से उदंती के बाइसन से प्रजनन कराएंगे. इससे नई जीन का पूल तैयार होगा. इस पर भारतीय वन्यजीव संस्थान भी दो बार शिकायत दर्ज करा चुका है. वहीं याचिका में यह भी कहा गया है कि सीसीएमबी नामक डीएनए चेक करने वाले संस्थान ने भी बताया कि असम के वन भैसों में भोगोलिक स्थिति के कारण आनुवंशिकी में अंतर है. इसके बाद देश के सर्वोच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ के वन भैसों की शुद्धता बरकरार रखने की आदेशित किया था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इकोलॉजिकल सूटेबिलिटी रिपोर्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं NTCA की तकनीकी समिति ने असम के वन भैसों को छत्तीसगढ़ के बारनवापारा में पुनर्वासित करने के पूर्व परिस्थितिकी अर्थात इकोलॉजिकल सूटेबिलिटी रिपोर्ट मंगवाई थी. इससे यह पता चलता कि असम के वन भैसे छत्तीसगढ़ में रह सकते हैं कि नहीं? इसके बाद भी छत्तीसगढ़ वन विभाग बिना इकोलॉजिकल सूटेबिलिटी अध्यन कराए और एनटीसीए को रिपोर्ट दिए वन भैसों को लेकर आने की प्रक्रिया शुरू कर दी।&lt;/p&gt;
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