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       <title>Today Chhattisgarh Election Result News | Latest Chhattisgarh Election Result News | Breaking Chhattisgarh Election Result News in English | Latest Chhattisgarh Election Result News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Chhattisgarh Election Result समाचार:Today Chhattisgarh Election Result News ,Latest Chhattisgarh Election Result News,Aaj Ka Samachar ,Chhattisgarh Election Result समाचार ,Breaking Chhattisgarh Election Result News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/tag/chhattisgarh-election-result</link>
        <lastBuildDate>April 11, 2026, 6:17 am</lastBuildDate>
        <copyright>Chhattisgarh Inkhabar</copyright>
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        </image><item><title>Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ कांग्रेस को मिला एक और झटका, महंत राम सुंदर दास ने दिया इस्तीफा</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/election/chhattisgarh-congress-gets-another-blow-mahant-ram-sundar-das-resigns/</link><pubDate>December 14, 2023, 1:10 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/5-7.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार को पार्टी अभी भूली भी नहीं थी की एक और बड़ा झटका लगा है। इस दौरान बड़ी खबर आई है कि कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता महंत रामसुंदर दास ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर। &lt;/strong&gt;छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार को पार्टी अभी भूली भी नहीं थी की एक और बड़ा झटका लगा है। इस दौरान बड़ी खबर आई है कि कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता महंत रामसुंदर दास ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि महंत रामसुंदर दास को कांग्रेस ने इस बार रायपुर दक्षिण सीट से प्रत्याशी बनाया था। जहां महांत रामसुंदर को बीजेपी के बृजमोहन अग्रवाल से हार मिली। महंत रामसुंदर दास ने इस हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने 12 दिसंबर को ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को इस्तीफा भेज दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2003 में विधायक निर्वाचित हुए&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि महंत रामसुंदर दास शिवरीनारायण मंदिर के मठाधीश हैं। उन्होंने बाल्याकाल से ही रायपुर के ऐतिहासिक दूधाधारी मठ में रहकर पढ़ाई की थी। यहां महंत वैष्णव दास के देहांत के बाद मठ के उत्तराधिकारी बन गए। इसके अलावा उनका पेशा कृषि है। महंत रामसुंदर दास, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के अध्यक्ष भी रहे और 2003 में वो पामगढ़ विधानसभा से पहली बार विधायक निर्वाचित हुए। जिसके बाद 2008 में जैजैपुर विधानसभा से दुसरी बार विधायक निर्वाचित हुए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;खुद को बताया हार का जिम्मेदार &lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, महंत राम सुंदर दास ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रमुख को पत्र लिखते हुए कहा, कांग्रेस कमेटी और पदाधिकारियों ने बहुत विश्वास कर मुझे रायपुर दक्षिण विधानसभा का प्रत्याशी बनाया, लेकिन चुनाव परिणाम आशा के अनुरूप नहीं रहा और प्रदेश में सबसे ज्यादा वोटों के अंतर से इस सीट पर पराजय हुई है। इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मैं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र दे रहा हूं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhattisgarh Election 2023: कांग्रेस ने की छत्तीसगढ़ में हार की समीक्षा</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/congress-reviewed-the-defeat-in-chhattisgarh/</link><pubDate>December 9, 2023, 3:53 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/5-5-300x169.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>रायपुर। देश के तीनों राज्यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिली। जहां कांग्रेस को छत्तीसगढ़ में जीत की उम्मीद थी वहीं एग्जिट पोल ने भी कांग्रेस के हक में फैसला दिया था। लेकिन पासा ऐसा पलटा की तीन...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; देश के तीनों राज्यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिली। जहां कांग्रेस को छत्तीसगढ़ में जीत की उम्मीद थी वहीं एग्जिट पोल ने भी कांग्रेस के हक में फैसला दिया था। लेकिन पासा ऐसा पलटा की तीनों ही राज्यों में बीजेपी की एंट्री हो गई। अब कांग्रेस के आलकमान की ओर से तीनों राज्यों में हार की समीक्षा की जा रही है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को बैठक की गई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;खड़गे ने बताई वजह&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में ये बैठक की गई। जहां उन्होंने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार का जिम्मेदार भूपेश बघेल सरकार का अत्यधिक ग्रामीण फोकस, पार्टी में लंबे समय से चल रही अंदरुनी लड़ाई, बीजेपी की सांप्रदायिक लामबंदी को ठहराया। इस बार बीजेपी ने कांग्रेस के छोटे वोटों पर कब्जा किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शहरी क्षेत्रों में हार का कारण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं एआईसीसी अधिकारियों के मुताबिक 2018 में कांग्रेस का वोट शेयर 42 प्रतिशत था जबकि इस बार बीजेपी ने 13 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की है। इसके अलावा हिंदुत्व अभियान और जाति आधारित जनगणना पर पार्टी के जोर को भी जिम्मेदार ठहराया गया है। ये माना जा रहा है कि भूपेश बघेल सरकार का ग्रामीण फोकस करना शहरों में हार की वजह बना है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;90 में सिर्फ 35 सीटें बचा पाई पार्टी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि कांग्रेस को छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों में से सिर्फ 35 सीटें ही मिली हैं। जबकि बीजेपी के खेमे में 54 सीट आई हैं। मतगणना के बाद आए परिणामों ने कांग्रेस को पूरी तरह से चौंका दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि चुनाव से पहले ये दावे किए जा रहे थे कि कांग्रेस दोबारा से प्रदेश में सरकार बनाने जा रही है लेकिन नतीजे बीजेपी के पक्ष में आए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhattisgarh News: नया सीएम बनने तक भूपेश बघेल के हाथ में रहेगी बागडोर</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/the-reins-will-remain-in-the-hands-of-bhupesh-baghel-until-he-becomes-the-new-cm/</link><pubDate>December 5, 2023, 6:24 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/12-300x225.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है। बता दें की 3 दिसंबर को देर रात चुनाव का परिणाम आने के बाद भूपेश बघेल ने राजभवन पहुंचकर अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री और ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है। बता दें की 3 दिसंबर को देर रात चुनाव का परिणाम आने के बाद भूपेश बघेल ने राजभवन पहुंचकर अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री और मंत्रीमंडल के सदस्यों का त्यागपत्र सौंप दिया था। अब इस इस्तीफे को स्वीकृत कर लिया गया है। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के आदेशानुसार, छत्तीसगढ़ में नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण करने तक कार्यभार संभालने की जिम्मेदार निवर्तमान सीएम भूपेश बघेल की होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;करीबियों ने दिया इस्तीफा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं दूसरी तरफ भूपेश बघेल के इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस अधिकारियों ने भी इस्तीफ देना शुरु कर दिया। वहीं भूपेश बघेल के चारों सलाहकारों के इस्तीफे के बाद राज्य शासन ने उनकी सेवाएं खत्म कर दी हैं। इसके साथ ही उनकी सभी सरकारी सुविधाएं भी वापस ले ली गईं हैं। भूपेश बघेल के इन चार सलाहकारों में राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा, पंचायत और ग्रामीण विकास सलाहकार प्रदीप शर्मा, संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी और मीडिया सलाहकार रूचिर गर्ग शामिल हैं। इस्तीफे के बाद मुख्य सचिव ने आगे की कार्रवाई के लिए जीएडी को भेज दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पदस्थ अफसरों को मूल विभाग में लौटाने का आदेश&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा महाअधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा और संविदा नियुक्ति में प्रमुख सचिव शिक्षा का पद संभाल रहे पूर्व आईएएस डॉ. आलोक शुक्ला ने राज्य शासन और ग्रामोद्योग बोर्ड अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी ने भी विभागीय सचिव को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इसी क्रम में भूपेश बघेल के सचिवालय में पदस्थ अफसरों को मूल विभाग में लौटाने के लिए छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। जिसमें सामान्य प्रशासन विभाग ने दो निजी सचिव और चार ओएसडी को मूल विभाग वापस भेज दिया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhattisgarh Election Result 2023: बीजेपी की जीत के बाद रमन सिंह ने कही बड़ी बात, बताई अगली चुनौती</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/after-bjps-victory-raman-singh-said-a-big-thing-told-the-next-challenge/</link><pubDate>December 4, 2023, 2:21 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/11-3-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। छत्‍तीसगढ़ में बीजेपी को भारी मतों से जीत मिली है। अब बड़ी जीत के बाद बीजेपी के सामने चुनाव के दौरान जनता के साथ किए गए वादों को पूरा करने की चुनौती होगी। इसे लेकर पूर्व मुख्‍यमंत्री डा रमन सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त की है। उन्‍ह...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्‍तीसगढ़ में बीजेपी को भारी मतों से जीत मिली है। अब बड़ी जीत के बाद बीजेपी के सामने चुनाव के दौरान जनता के साथ किए गए वादों को पूरा करने की चुनौती होगी। इसे लेकर पूर्व मुख्‍यमंत्री डा रमन सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त की है। उन्‍होंने कहा, छत्तीसगढ़ की इस नई सरकार में हमारे लिए पहली चुनौती अपने घोषणापत्र में किए गए वादों को पहली कैबिनेट से ही लागू करना होगा। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दी गई गारंटी और हमारी पार्टी द्वारा किए गए वादों को प्राथमिकता दी जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बीजेपी की जीत के बाद रमन सिंह की प्रतिक्रिया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;छ्त्तीसगढ़ के पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने कहा, अब छत्तीसगढ़ में हम सबके सामने एक ही मुद्दा बाकी है कि जो हमने घोषणा पत्र जारी किया है और मोदी जी की गारंटी के बारे में जो बात कही है, अब इस नई सरकार में जो भी मुखिया बनेगा उसके लिए पहली चुनौती यही रहेगी की उस घोषणा पत्र का क्रियान्वयन पहले कैबिनेट से ही निर्णय लेकर आगे बढ़ाया जाए। इसके अलावा डॉ. रमन सिंह ने घोषणा पत्र का जिक्र करते हुए कहा, वो चाहे दो साल का बोनस देने की बात हो, किसानों के धान खरीदी की समुचित व्यवस्था हो, इक्कीस सौ रुपये किसानों को मिलना हो या महिलाओं के लिए महतारी योजना हो। सभी पर आगे बढ़ कर निर्णय और क्रियान्वयन में तत्परता लाने का काम होगा। प्राथमिकता वही होगी जो मोदी गारंटी या हमारे घोषणा पत्र में मुद्दे थे। इसकी शुरुआत पहले दिन से ही होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;भारी मतों के साथ जीते रमन सिंह&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम डा. रमन सिंह ने राजनांदगांव विधानसभा सीट पर काफी भारी रिकार्ड मतों के साथ जीत दर्ज की है। उन्होंने सारी अटकलों पर विराम लगाते हुए उन्होंने कांग्रेस के गिरीश देवांगन को 45 हजार 84 मतों के अंतर से हराकर लगातार चौथी बार जीत दर्ज की। इस बार उन्हें 61.37 प्रतिशत मत मिले।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhattisgarh Election Results 2023: छत्तीसगढ़ की वो 5 हॉट सीट जो बन गई थी प्रतिष्ठा का सवाल</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/5-hot-seats-of-chhattisgarh-where-question-of-respect-was-being-raised/</link><pubDate>December 4, 2023, 12:23 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/7-3-300x169.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं और बीजेपी भारी मतों के साथ जीत हासिल कर चुकी है। देखा जाए तो रविवार आए नतीजों ने सभी को चौंका दिया है। दरअसल, नतीजों से पहले जारी हुए एग्जिट पोल के अनुसार कांग्रेस की सरकार बनती दिखाई...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं और बीजेपी भारी मतों के साथ जीत हासिल कर चुकी है। देखा जाए तो रविवार आए नतीजों ने सभी को चौंका दिया है। दरअसल, नतीजों से पहले जारी हुए एग्जिट पोल के अनुसार कांग्रेस की सरकार बनती दिखाई दे रही थी। ऐसे में ये माना जा रहा था कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली पार्टी सत्ता में बनी रहेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;5 हॉट सीटें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं अगर बात करें छत्तीसगढ़ उन विधानसभा सीटों की जो पूरे चुनाव के दौरान हॉट सीट में बनी रहीं, साथ ही काफी चर्चा में भी रही। एक नजर डालते हैं उन 5 हॉट सीटों पर और वहां के नतीजों पर-&lt;/p&gt;



&lt;ul class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;पाटन विधानसभा सीट&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि पाटन विधानसभा की सीट एक हॉट सीट मानी जा रही थी क्योंकि यहां पर कांग्रेस से सीएम भूपेश बघेल और बीजेपी से सीएम के भतीजे विजय बघेल प्रत्याशी थे। नतीजे आने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पाटन विधानसभा से जीत हासिल कर ली है। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के अनुसार, अंतिम दौर की गिनती में भूपेश बघेल को 95,438 वोट मिले, जबकि विजय बघेल को 75,715 वोट मिले।&lt;/p&gt;



&lt;ul class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;कोंटा विधानसभा सीट&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;



&lt;p&gt;कोंटा विधानसभा सीट दूसरी हॉट सीट मानी जा रही थी। यहां पर कांग्रेस उम्मीदवार कवासी लखमा 1981 वोटों से चुनाव जीत चुके हैं। कवासी लखमा ने कोंटा में सीपीआई उम्मीदवार मनीष कुंजाम को हरा दिया। कोंटा छत्तीसगढ़ के दक्षिण क्षेत्र में स्थित सुकमा जिले का एक विधानसभा क्षेत्र है। जो कि मंत्री कवासी लखमा का गृह क्षेत्र भी है।&lt;/p&gt;



&lt;ul class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;पत्थलगांव विधानसभा सीट&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;



&lt;p&gt;पत्थलगांव विधानसभा सीट तीसरी हॉट सीट मानी जा रही थी। यहां पर बीजेपी ने सांसद गोमती साईं को मैदान में उतारा था। उन्होंने कांग्रेस के रामपुकार सिंह ठाकुर को 255 वोटों से शिकस्त दी।&lt;/p&gt;



&lt;ul class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;कवर्धा विधानसभा सीट&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;



&lt;p&gt;कवर्धा विधानसभा सीट चौथी हॉट सीट मानी जा रही थी। ये कबीरधाम जिले के अंतर्गत और राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र में आती है। कवर्धा विधानसभा सीट अनारक्षित है। कवर्धा विधानसभा क्षेत्र से 1990 और 1993 में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह चुनाव जीते ते। इस सीट पर कांग्रेस के मौजूदा विधायक मोहम्मद अकबर का मुकाबला बीजेपी के विजय शर्मा से हुआ जिसमें विजय शर्मा को 39592 वोट से जीत हासिल हुई है।&lt;/p&gt;



&lt;ul class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;साजा विधानसभा सीट&lt;/strong&gt;&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;



&lt;p&gt;साजा छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले की विधानसभा है। यहां पर कांग्रेस के दिग्गज नेता और छत्तीसगढ़ के संसदीय कार्य मंत्री रवींद्र चौबे और बीजेपी नेता ईश्वर साहू के बीच सीधा मुकाबला रहा। इस चुनाव में पहली बार उतरे ईश्वर साहू ने कांग्रेस के 7 बार के विधायक रहे रवींद्र चौबे को 5297 वोट से शिकस्त दी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhattisgarh Election Results 2023: बीजेपी के ये दिग्गज नेता हो सकते हैं अगले सीएम</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/election/this-veteran-leader-of-bjp-can-be-the-next-cm/</link><pubDate>December 3, 2023, 3:48 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/19-300x225.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मतगणना सुबह 8 बजे से जारी है। ऐसे में अगर बात करें वीआईपी यानी हाई प्रोफाइल सीटों की तो प्रदेश में कुल 43 सीटें वीआईपी सीटें मानी जा रही हैं। इन सीटों पर बीजेपी, कांग्रेस और जेसीसीजे के दिग्गज ने...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मतगणना सुबह 8 बजे से जारी है। ऐसे में अगर बात करें वीआईपी यानी हाई प्रोफाइल सीटों की तो प्रदेश में कुल 43 सीटें वीआईपी सीटें मानी जा रही हैं। इन सीटों पर बीजेपी, कांग्रेस और जेसीसीजे के दिग्गज नेताओं के बीच मुकाबला देखा जा रहा था। ऐसे में अगर मतगणना के अब तक के रुझान की बात करें तो बीजेपी इस समय लीड करती नजर आ रही है। अगर बीजेपी विधानसभा चुनाव जीतती है तो एक बड़ा सवाल ये उठता है की आखिर छत्तीसगढ़ का सीएम कौन होगा। बता दें कि छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने मुख्ममंत्री के चेहरे के बिना विधानसभा चुनाव लड़ा। एक तरफ कांग्रेस के पास स्पष्ट रुप से मुख्यमंत्री का चेहरा था तो दूसरी ओर भाजपा मोदी और पार्टी के विजन पर यह चुनाव लड़ रही थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये हो सकते हैं नए सीएम&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस समय बीजेपी के सीएम पद के दावेदारों में जिन नेताओं के नामों पर कयास लगाए जा रहे हैं वो 6 नाम ये हो सकते हैं-&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;विजय बघेल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इस समय विजय बघेल की उम्मीदवारी सीएम पद के लिए काफी मजबूत मानी जा रही है। उसकी दो वजहें हैं। पहली विजय बघेल सीएम भूपेश बघेल की ही जाति ओबीसी की कुर्मी समाज से आते हैं। वो मुख्यमंत्री के खिलाफ पाटन से चुनाव में उतरे हैं। फिलहाल मतदान के रुझानों के मद्देनजर विजय बघेल इस समय सीएम बघेल से काफी पीछे चल रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पूर्व सीएम रमन सिंह&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ में तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके पूर्व सीएम रमन सिंह को भले ही पार्टी ने मुख्यमंत्री के तौर पर पेश नहीं किया हो लेकिन उनकी प्रत्याशिता को सिरे से खारिज नहीं किया जा सकता। केंद्रीय नेतृत्व यह बात जानता है कि रमन सिंह तीन कार्यकाल तक सरकार चला चुके हैं और उन्हें राज्य चलाने की बेहतर समझ है। यही नहीं वो राज्य में काफी लोकप्रिय रहे हैं। भले ही 2018 का चुनाव हारने के बाद उनकी सक्रियता कुछ कम रही हो लेकिन मुख्यमंत्री चुनते समय उनके अनुभव को दरकिनार कर देना कठिन होगा। इस बार भी मतगणना का रुझान उनके ही पक्ष में देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अरुण साव&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव का नाम भी सीएम पद दावेदारों में आता है। अरुण साव ओबीसी समाज से आते हैं। वो पार्टी के अंदर की गुटबाजी में विश्वास नहीं करते। ओबीसी की जिस जाति से वह आते हैं उसकी संख्या छत्तीसगढ़ में ठीक-ठाक है। इसलिए कहा जा सकता है कि जातीय समीकरणों का लाभ भी उनके पक्ष में जा सकता है। इसके साथ ही मतगणना रुझान अरुण साव के पक्ष में ही है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ओपी चौधरी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;वहीं ब्यूरोक्रेट ओपी चौधरी ने 2018 के चुनावों के पहले नौकरी से इस्तीफा देकर बीजेपी ज्वाइन कर ली थी जिसके बाद वो चर्चाओं में आए। बता दें कि ओपी चौधरी युवाओं में लोकप्रिय माने जाते हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर भी उनकी बहुत बड़ी फैन फालोइंग है। ओपी चौधरी ओबीसी समाज से आते हैं। वो राजनीति में एक विजन लेकर आए। उनके हिस्से की कमजोरी यह है कि वह पारंपरिक राजनेता नहीं हैं। संगठन को चलाने का अनुभव नहीं है। उम्र भी अपेक्षाकृत राज्य के नेताओं की तुलना में कम है। वहीं मतगणना रुझान ओपी चौधरी के पक्ष में ही है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;राम विचार नेताम&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा बाजेपी छत्तीसगढ़ में किसी आदिवासी नेता पर भी दांव लगा सकती है। इस क्रम में राम विचार नेताम का नाम सबसे ऊपर आता है। इसके अलावा बीजेपी किसी नए आदिवासी चेहरे पर भी दांव लगा सकती है। बता दें कि मुख्यमंत्री चुनते समय केंद्रीय नेतृत्व इस बात का ख्याल रखना चाहेगा कि 6 महीने बाद ही लोकसभा के चुनाव होने हैं। बीजेपी पिछली बार की तरह इस बार भी चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करना चाहेगी। जिसमें मुख्यमंत्री की कार्यशैली के साथ उसकी जाति भी अहम होगी। इस समय मतगणना रुझान राम विचार नेताम के पक्ष में देखा जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सरोज पांडेय&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ में सीएम के लिए सरोज पांडेय का नाम भी रेस में शामिल माना जा रहा है। सरोज पांडेय बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद हैं। सरोज छत्तीसगढ़ में बीजेपी का बड़ा चेहरा मानी जाती हैं। सरोज दो बार भिलाई की मेयर और विधायक भी रही है। वह बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>CG Election Exit Poll Results: छत्तीसगढ़ एग्‍ज‍िट पोल पर टीएस स‍िंह देव ने दी प्रतिक्रिया, इशारों में जताई इच्छा</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/ts-singh-deo-reacted-on-chhattisgarh-exit-poll-expressed-his-desire-in-gestures/</link><pubDate>December 1, 2023, 2:29 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/7-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में वोटिंग संपन्न हो चुकी है। अब एग्जिट पोल के नतीजे भी सामने आ चुके हैं। गुरुवार को जारी किए गए एग्जिट पोल के नतीजों के अनुसार छ्त्तीसगढ़ में कांग्रेस को बढ़त मिली है। इस एग्जिट पोल के मद्...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में वोटिंग संपन्न हो चुकी है। अब एग्जिट पोल के नतीजे भी सामने आ चुके हैं। गुरुवार को जारी किए गए एग्जिट पोल के नतीजों के अनुसार छ्त्तीसगढ़ में कांग्रेस को बढ़त मिली है। इस एग्जिट पोल के मद्देनजर कांग्रेस को 40 से 50 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। वहीं बीजेपी के खाते में 36-46 सीटें जाती दिखाई दे रही हैं। जबकि अन्य को 1-5 सीटें मिलने की संभावना है। एग्‍ज‍िट पोल के नतीजों को लेकर छत्तीसगढ़ के ड‍िप्‍टी सीएम टीएस स‍िंहदेव ने दावा किया है कि कांग्रेस 60 सीटों पर जीत रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;स्वीकार होगा आलाकमान का फैसला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ड‍िप्‍टी सीएम स‍िंहदेव ने एग्जिट पोल में कांग्रेस की जीत पर मतदाताओं के फैसले को स्‍वीकार करते हुए आभार जताया। कांग्रेस की सरकार के बीच मचे घमासान पर ड‍िप्टी सीएम ने कहा कि उनका 5 साल का अनुभव कड़वा रहा। उन्‍होंने यह भी कहा कि चुनावी नतीजों के बाद पार्टी आलाकमान का जो भी फैसला होगा, वो उनको स्‍वीकार होगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम फेस पर हुआ चुनाव&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ड‍िप्‍टी सीएम स‍िंहदेव ने छत्तीसगढ़ में सीएम फेस पर लड़े गए चुनाव के सवाल पर कहा कि चुनाव सामूह‍िक तौर पर लड़ा गया है। पांच साल में ढाई-ढाई साल के कार्यकाल को लेकर चली खबरों से पार्टी को नुकसान हुआ। इस तरह की खबरों और चर्चा से पार्टी को नुकसान हुआ है। अगर ऐसा नहीं होता तो हम और अच्‍छा प्रदर्शन कर सकते थे। इसल‍िए अगर इस बार सीएम 5 साल का ही रहेगा तो जनता के मन में असमंजस की स्‍थ‍िति नहीं रहेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ड‍िप्‍टी सीएम टीएस स‍िंह देव ने जताई इच्छा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ड‍िप्‍टी सीएम टी एस स‍िंह देव ने अपने मुख्‍यमंत्री पद की दावेदारी पर कहा कि यह सब फैसला करने का काम पार्टी का है। पार्टी जो भी निर्णय लेगी वह स्वीकार होगा। इस दौरान टीएस स‍िंह देव ने उन्‍होंने अपनी 71 साल की उम्र का हवाला देते हुए सीएम बनने की फिर इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि अगली बार जब वह चुनाव में उतरेंगे तो उनकी उम्र 76 वर्ष की हो जाएगी। ड‍िप्‍टी सीएम ने कहा कि जनता के ल‍िए काम करने का एक वक्‍त होता है।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>