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       <title>Today chhattisgarh chunav News | Latest chhattisgarh chunav News | Breaking chhattisgarh chunav News in English | Latest chhattisgarh chunav News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का chhattisgarh chunav समाचार:Today chhattisgarh chunav News ,Latest chhattisgarh chunav News,Aaj Ka Samachar ,chhattisgarh chunav समाचार ,Breaking chhattisgarh chunav News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        <lastBuildDate>May 12, 2026, 4:45 am</lastBuildDate>
        <copyright>Chhattisgarh Inkhabar</copyright>
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        </image><item><title>Chhattisgarh Result: वो नेता जो सीएम की रेस में थे शामिल लेकिन चुनाव में मिली करारी हार</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/those-leaders-who-were-in-the-race-for-cm-but-got-a-crushing-defeat-in-the-elections/</link><pubDate>December 5, 2023, 3:53 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/6-1.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। बीजेपी ने 54 सीटों पर जीत दर्ज की है। सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस को केवल 35 सीटों पर ही जीत हासिल हो सकी। इस बार के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता चुनाव में...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर। &lt;/strong&gt;छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। बीजेपी ने 54 सीटों पर जीत दर्ज की है। सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस को केवल 35 सीटों पर ही जीत हासिल हो सकी। इस बार के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता चुनाव में हार गए। जिनमें कांग्रेस के दिग्गज नेता टीएस सिंहदेव का भी नाम शामिल है। जबकि बीजेपी के भी कई ऐसे नेता चुनाव हार गए जो कि सीएम की रेस में शामिल थे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वो सीनियर नेता जिन्हें मिली करारी हार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी मात्र 15 सीटों पर ही सिमट गई थी। वहींं इस बार चुनाव में पार्टी ने दमदार वापसी करते हुए भारी मत हासिल किए। इस दौरान छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा इलाके में बीजेपी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। यही नहीं सरगुजा इलाके की सभी 14 सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज कराई है। इस दौरान ऐसे भी कई सीनियर नेता रहे जिनके जीतने की उम्मीदें अधिक थी लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नारायण चंदेल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल इस बार विधानसभा चुनाव हार गए। बता दें कि नारायण चंदेल की गिनती प्रदेश के सीनियर नेताओं में होती है। नारायण चंदेल को कांग्रेस उम्मीदवार ने 6971 मतों से शिकस्त दी है। इस बार नारायण चंदेल को 65929 वोट जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 72900 वोट मिले।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ननकीराम कंवर&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ में बीजेपी के सीनियर नेता ननकीराम कंवर इस बार विधानसभा चुनाव हार गए हैं। दरअसल, ननकीराम कंवर, राज्य के गृहमंत्री थे। इसके साथ ही ये भी कयास लगाए जा रहे थे कि ननकीराम कंवर इस बार सीएम की रेस में शामिल हैं। हालांकि उन्हें रामपुर विधानसभा सीट पर 22859 मतों से हार का सामना करना पड़ा।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पूर्व मंत्री महेश गागड़ा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इसके अलावा छत्तीसगढ़ बीजेपी के सीनियर नेता महेश गागड़ा भी इस बार का विधानसभा चुनाव हार गए। महेश गागड़ा रमन सिंह की कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं। बता दें कि महेश गागड़ा की गिनती बस्तर जिले के कद्दावर नेताओं में की जाती है लेकिन इस बार वो चुनाव हार गए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhattisgarh Election 2023: रोचक होगा धरमजयगढ़ में चुनावी मुकाबला, फिर आमने-सामने आएंगे ये दल</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/chhattisgarh-election-2023-election-contest-in-dharamjaygarh-will-be-interesting-again-these-parties-will-come-face-to-face/</link><pubDate>October 27, 2023, 6:53 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/7-9-300x169.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ में कुछ ही दिनों बाद विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव की घोषणा के बाद से ही रायगढ़ इलाके की धरमजयगढ़ विधानसभा सीट पर सियासी दलों की होड़ शुरू हो गई है। इस बीच चुनाव में अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस और भाजपा, दो...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ में कुछ ही दिनों बाद विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव की घोषणा के बाद से ही रायगढ़ इलाके की धरमजयगढ़ विधानसभा सीट पर सियासी दलों की होड़ शुरू हो गई है। इस बीच चुनाव में अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस और भाजपा, दोनों ही कमर कस चुके हैं। फिलहाल इस सीट पर किसकी जीत होती है यह तो आने वाले समय में ही पता चल पाएगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पहले भी हुआ था कांग्रेस बीजेपी का आमना-सामना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल अगर बात करें 2018 के विधानसभा चुनाव की करें, तो धरमजयगढ़ की सुरक्षित विधानसभा सीट पर कांग्रेस और भाजपा के बीच ही मुख्य मुकाबला हुआ था। बता दें कि अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित इस सीट पर हुए चुनाव में कांग्रेस पार्टी की तरफ से लालजीत सिंह राठिया मैदान में उतरे थे। उस वक्त भी कांग्रेस पार्टी से उनका आमना-सामना हुआ था। भाजपा पार्टी ने लालजीत सिंह को टक्कर देने के लिए लीनव बिरजू राठिया को उनके विपक्ष में उतारा था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या 2018 को दोहराने की तैयारी में है कांग्रेस&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि धरमजयगढ़ सुरक्षित विधानसभा सीट के मतदाताओं ने कांग्रेस पार्टी के पक्ष में अपना भरोसा दिखाया था। उस वक्त कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में 95 हजार से भी अधिक वोट पड़े थे। वहीं भाजपा दूसरे स्थान पर रही थी। उस समय भाजपा को 54 हजार से कुछ ज्यादा मत मिले थे। राजनीतिक जानकारों द्वारा यह कयास लगाया जा रहा है कि इस साल होने वाले चुनाव में भी कुछ ऐसा ही होने वाला है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhattisgarh Election 2023 : क्या कांग्रेस के कवासी लखमा बचा पाएंगे अपना गढ़ या बीजेपी जीतेगी दांव ?</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/politics/chhattisgarh-election-2023-will-congresss-kawasi-lakhma-be-able-to-save-its-stronghold-or-will-bjp-win-the-bet/</link><pubDate>October 25, 2023, 6:20 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/7-7-300x225.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। यहां की कोंटा विधानसभा सीट पर पिछले 20 सालों से कांग्रेस के कवासी लखमा का एकाधिकार रहा है। बताया जा रहा है कि साल 2003 से कवासी लखमा ही इस सीट से चुने जाते रहे हैं। हालांकि 2023 का चुना...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। यहां की कोंटा विधानसभा सीट पर पिछले 20 सालों से कांग्रेस के कवासी लखमा का एकाधिकार रहा है। बताया जा रहा है कि साल 2003 से कवासी लखमा ही इस सीट से चुने जाते रहे हैं। हालांकि 2023 का चुनावी माहौल काफी बदला हुआ है। अब ऐसे में कोंटा के मतदाताओं का रुख किस ओर है, यह तो चुनाव के परिणाम आने के बाद ही पता चल पाएगा। बता दें कि प्रदेश में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होना है। जिसमें 7 और 17 नवंबर को छत्तीसगढ़ के मतदाता वोट डालेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कोंटा विधानसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ की कोंटा विधानसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित की गई है। बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार कवासी लखमा ने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी धनीराम बरसे को चुनाव मैदान में मात दी थी। इस दौरान लखमा ने 6000 से अधिक मत प्राप्त करके भाजपा के उम्मीदवारों को धूल चटाई थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2013 में भी हुआ था आमना-सामना&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;कोंटा विधानसभा सीट के लिए हुए चुनाव में कवासी लखमा को 31,933 मत मिले थे। कवासी लखमा के सामने चुनावी मैदान में उतरे थे भाजपा के धनीराम बारसे, जिन्हें 25,224 मत मिल सके थे। वहीं अगर साल 2013 के चुनाव की बात करें, तो उस समय भी कवासी लखमा और धनीराम बरसे के बीच ही मुकाबला हुआ था। इसमें भी कांग्रेसी प्रत्याशी ने 5,786 वोटों से जीत दर्ज कराई थी।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>छत्तीसगढ़ : विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज, चुनाव आयोग ने लिए कई महत्वपूर्ण फैसले</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/politics/chhattisgarh-preparation-for-assembly-elections-intensified-election-commission-took-many-important-decisions/</link><pubDate>June 10, 2023, 8:41 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/06/orig_origelection-commision16008490931686170221_1686340340-300x225.webp</image><category>राजनीति</category><excerpt>रायपुर: प्रदेश में नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसके लिए राजनीतिक पार्टियों के साथ चुनाव आयोग ने भी अभी से इसकी तैयारी शुरु कर दी है। इस चुनाव में 5 लाख नए मतदाता बढ़ने की संभावना है। इन नए मतदाताओं के लिए 375 मतदान केंद्र बनाए जा सकते ह...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर:&lt;/strong&gt; प्रदेश में नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिसके लिए राजनीतिक पार्टियों के साथ चुनाव आयोग ने भी अभी से इसकी तैयारी शुरु कर दी है। इस चुनाव में 5 लाख नए मतदाता बढ़ने की संभावना है। इन नए मतदाताओं के लिए 375 मतदान केंद्र बनाए जा सकते हैं। यही नहीं, चुनाव आयोग ने बूथ पर वोटरों की भीड़ को नियंत्रित करने की भी योजना बनाई है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;क्या है योजना ?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;शुक्रवार को रायपुर में चुनाव आयोग के अफसरों ने प्रदेश के 15 जिलों के कलेक्टर-एसपी तथा आला अफसरों के साथ मीटिंग की, जिसमें अंत में उन्होंने यह फैसला लिया कि जहां 4-5 या इससे ज्यादा बूथ हैं, उनकी संख्या कम कर दी जाए। प्रत्येक बूथ में अधिकतम 1500 वोटरों के मतदान का ही इंतजाम किया जाए। जो नए बूथ बनेंगे उसके लिए नए स्थानों की तलाश शुरू करने के भी निर्देश दिए गए हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;नए अधिकारी कराएंगे चुनाव&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;केंद्रीय चुनाव आयोग की टीम के साथ दो दिनी चुनावी तैयारियों के मंथन में तय किया गया कि सभी 33 जिलों में नए अधिकारियों को चुनाव कराने होंगे। इस निर्देश को सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है।&lt;/p&gt;
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