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       <title>Today Chhath Puja 2023 News | Latest Chhath Puja 2023 News | Breaking Chhath Puja 2023 News in English | Latest Chhath Puja 2023 News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Chhath Puja 2023 समाचार:Today Chhath Puja 2023 News ,Latest Chhath Puja 2023 News,Aaj Ka Samachar ,Chhath Puja 2023 समाचार ,Breaking Chhath Puja 2023 News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        <copyright>Chhattisgarh Inkhabar</copyright>
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        </image><item><title>Korba News: मुख्य मार्ग पर बह रहा आवासीय कॉलोनी का गंदा पानी, छठ व्रतियों के लिए बना मुसीबत</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/korba-news-dirty-water-of-residential-colony-flowing-on-the-main-road-creating-trouble-for-chhath-fasting-people/</link><pubDate>November 18, 2023, 11:34 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/1-2.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कोरबा के मुड़ापार क्षेत्र में आवासीय परिसर का निर्माण करवा रहा है। ऐसे में कॉलोनी से निकलने वाले सीवेज के पानी के लिए मुख्य मार्ग पर नाली का भी निर्माण कर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कोरबा के मुड़ापार क्षेत्र में आवासीय परिसर का निर्माण करवा रहा है। ऐसे में कॉलोनी से निकलने वाले सीवेज के पानी के लिए मुख्य मार्ग पर नाली का भी निर्माण कराया गया है, जो कि काफी वक्त से ध्यान न देने की वजह से जर्जर हो गया है। वहीं कई ऐसे स्थान ऐसे भी हैं, जहां नाली का कोई नामोनिशान ही नहीं। इस कारण सीवेज का पानी मुख्य मार्ग पर प्रवाहित हो रह है। यही नहीं इस क्षेत्र के कई परिवार छठ पूजा करते हैं जिन्हें गंदे पानी की वजह से परेशानी होती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बढ़ रहे हादसे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि मुड़ापार से मानिकपुर की तरफ जाने वाली सड़क काली बाड़ी के पास काफी लंबे समय से बुरी हालत में है। जिससे मार्ग से गुजरने वाले लोगों को काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। वहीं काली बाड़ी के पास घंटाघर और मुड़ापार की तरफ से आने वाली सड़क मिली हुई है। यह सड़क चौबीस घंटे चालू रहती है। अब ऐसे में हालात खराब होने के कारण यहां कई लोग हादसे का भी शिकार हो रहे हैं। यही नहीं पास ही स्थित स्कूल से छुट्टी होने के बाद घर जाते वक्त बच्चे वाहन सहित इस जर्जर सड़क पर गिरकर घायल हो जाते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;वार्ड पार्षद ने दी आंदोलन कि चेतावनी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस दौरान जर्जर सड़क और सीवेज के पानी के बहाव को लेकर वार्ड पार्षद शैलेंद्र सिंह उर्फ पप्पी ने कहा कि कई बार एसईसीएल प्रबंधन को इस संबंध में जानकारी दी गई। अफसरों को नाली और सड़क निर्माण के लिए चिट्ठी भी लिखी जा चुकी है लेकिन प्रबंधन को इससे कोई मतलब नहीं है। वहीं अब जब छठ पूजा करीब है, ऐसे में लोगों छठ व्रतियों को भी सीवेज के पानी के कारण दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। वार्ड पार्षद ने आगे कहा कि अगर आचार संहिता नहीं लगी होती जर्जर सड़क और बह रहे पानी के बीच बैठकर विरोध प्रदर्शन किया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रबंधन की नींद नहीं टूटती है, तो आने वाले दिनों में मांग को लेकर आंदोलन किया जा सकता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;लोगों ने कि प्रशासन की निंदा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इसके साथ ही स्थानीय लोगों की भी यह शिकायत है कि एसईसीएल प्रबंधन का ध्यान सिर्फ कोल उत्पादन और परिवहन की तरफ है। यहां अफसरों को आम लोगों को होने वाली परेशानी से कोई मतलब नहीं। बता दें कि सीवेज के पानी बहने से लोग काफी परेशान हैं। सुधार के लिए वार्ड पार्षद चिट्ठी भी लिख चुके हैं जिस पर अभी तक किसी प्रकार का कोई संज्ञान नहीं लिया गया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhath Puja 2023: छत्तीसगढ़ में छठ की धूम, जानें इस महापर्व का महत्त्व</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/festival/chhath-puja-2023-chhath-celebrated-in-chhattisgarh-know-the-importance-of-this-great-festival/</link><pubDate>November 15, 2023, 2:35 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-12-1-300x225.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>रायपुर। छठ पर्व का सनातन धर्म में विशेष महत्व है. इस पर्व को खास कर उत्तर भारत के विभिन्न जगहों में महापर्व के तौर पर लोग मनाते है. इस त्योहार पर छठी मां की पूजा की जाती है. यह त्योहार छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश और देशभर में हर वर्ष कार्तिक...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छठ पर्व का सनातन धर्म में विशेष महत्व है. इस पर्व को खास कर उत्तर भारत के विभिन्न जगहों में महापर्व के तौर पर लोग मनाते है. इस त्योहार पर छठी मां की पूजा की जाती है. यह त्योहार छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश और देशभर में हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है. इसका सबसे बड़ा आयोजन राजधानी रायपुर में, महादेवघाट पर होता है. बता दें कि इस पूजा में घाट के आसपास लगभग एक किलोमीटर तक पूजन के लिए वेदियां बनाई जाती हैं और इस अवसर पर अर्घ्य देने का विशेष महत्व माना जाता है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सूर्यदेव की विशेष पूजा होती है&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;तमाम ज्योतिषाचार्य के अनुसार छठ पूजा में सूर्यदेव की विशेष पूजा की जाती है और भारत के बिहार राज्य के अलावा इस पर्व को उत्तर प्रदेश, झारखंड में भी बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाता है. बिहार और उत्तर प्रदेश के लोग कुछ साल से छत्तीसगढ़ में जीविकोपार्जन के लिए रह रहे हैं, जिससे उस राज्य में भी छठ पूजा की परंपरा फ़ैल गई है. छठ पर्व पर अपने संतान के दीर्घायु, सुखमय जीवन के लिए माताएं उपवास रखती हैं और बता दें कि इस त्योहार को 4 दिन तक मनाया जाता है. इस पर्व की शुरुआत पहले दिन नहाय खाय की परंपरा से होती है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;छठ पर्व के दूसरें दिन करें ऐसा &lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;चावल की खीर का भोग छठ पर्व के दूसरे दिन भगवान को अर्पित किया जाता है और नहाय खाय के दिन लौकी की सब्जी बनाई जाती है. व्रती भगवान सूर्यदेव को तीसरे दिन अर्घ्य देने के लिए तैयारी करते हैं. इस दिन को पहली घाट कहा जाता है, पहली घाट पर डूबते हुए सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जाता है. भोग में विभिन्न प्रकार के ठेकवा, फल आदि चढ़ाए जाते हैं और सभी परिवार एक साथ मिलकर घाट पर सूर्यदेव को अर्घ्य देते है. बता दें कि इसके अगले दिन, सूर्योदय के दौरान उगते हुए सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जाता है और इस प्रकार से छठ पूजा की विधि पूरी होती है.&lt;/p&gt;
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