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       <title>Today chaitra navratri News | Latest chaitra navratri News | Breaking chaitra navratri News in English | Latest chaitra navratri News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का chaitra navratri समाचार:Today chaitra navratri News ,Latest chaitra navratri News,Aaj Ka Samachar ,chaitra navratri समाचार ,Breaking chaitra navratri News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/tag/chaitra-navratri</link>
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        <copyright>Chhattisgarh Inkhabar</copyright>
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        </image><item><title>छत्तीसगढ़ में भव्य है माता का यह मंदिर, दर्शन मात्र से भक्तों की होती है मनोकामना पूरी</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/festival/this-temple-of-mata-is-grand-in-chhattisgarh-devotees-wishes-are-fulfilled-just-by-darshan/</link><pubDate>April 12, 2024, 8:11 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/04/download-1-2.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>रायपुर : देश भर में बड़े ही धूमधाम से चैत्र नवरात्रि का त्योहार मनाया जा रहा है। इस बीच आज हम बात करने वाले है छत्तीसगढ़ में स्थित माता का मंदिर जहां का एक अलग ही पहचान है। बता दें प्रदेश में मां भगवती के अलग-अलग रूपों में विरजामन कई शक्तिपीठ और ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर :&lt;/strong&gt; देश भर में बड़े ही धूमधाम से चैत्र नवरात्रि का त्योहार मनाया जा रहा है। इस बीच आज हम बात करने वाले है छत्तीसगढ़ में स्थित माता का मंदिर जहां का एक अलग ही पहचान है। बता दें प्रदेश में मां भगवती के अलग-अलग रूपों में विरजामन कई शक्तिपीठ और सिद्धिपीठ हैं. ऐसे में हम आपको राजधानी रायपुर में स्थित श्री राजराजेश्वरी मां महामाया देवी के बारे में बताएंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;आज से 1400 साल बना था मंदिर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती में आदि शक्तिपीठ के रुप में श्री राजराजेश्वरी मां महामाया देवी मंदिर स्थित है। जो सभी भक्तों का आस्था का केंद्र माना जाता है. इस मंदिर को ‘हैहयवंशी’ राजा ने 1482 में बनवाया था, मंदिर निर्माण के सबूत के तौर पर संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग द्वारा तैयार किए गए गजट में देखने को मिलता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये हैं मंदिर के रहस्य&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मंदिर के पुजारी मंदिर को लेकर बताते है कि यह छत्तीसगढ़ के 36 शक्तिपीठों या प्रदेश में स्थित 36 किलों में से एक है. इसके बाद पुजारी ने यह भी कहा कि आज से 1400 वर्ष पहले हैहयवंशी राजा मोरध्वज ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था। इस मंदिर में मां महामाया के साथ मां समलेश्वरी की भी पूजा होती हैं. सबसे अहम बात यह है कि सूर्यास्त के दौरान सूर्य की किरणें मां महामाया के चरणों को छूती हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;प्रदेश में हैं 36 गढ़&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;पुरातत्व विभाग ने महामाया मंदिर परिसर में स्थित मां समलेश्वरी माता मंदिर को आठवी शताब्दी का मंदिर बताया गया है. बताया गया है कि यह मंदिर हैहयवंशी राजाओं की कुलदेवी है. जहां जहां हैहयवंशी राजाओं ने अपना महल बनाया वहां उन्होंने कुलदेवी भगवती मां महामाया देवी को जगह दिया . इस वजह से छत्तीसगढ़ का नामकरण भी इनके द्वारा निर्माण किए गए गढ़ अर्थात किला से हुआ. छत्तीसगढ़ में 36 किले यानी 36 गढ़ हैं और वहां मां महामाया देवी का मंदिर स्थित है.&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chaitra Navratri 2024: आज से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत, इस समय करें कलश स्थापना और पूजा</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/chaitra-navratri-2024-chaitra-navratri-starts-from-today-establish-kalashthapana-and-worship-at-this-time/</link><pubDate>April 9, 2024, 7:34 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/04/download-5-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर: भारत त्योहारों का देश है। यहां हर रोज हम कोई न कोई त्योहार को सेलिब्रेट करते हैं। ऐसे में आज मंगलवार से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही हैं। इस त्योहार का हिंदू धर्म में अपना एक अलग ही महत्व है। ऐसे में नवरात्रि के पहले दिन मां के प्रथम...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर: &lt;/strong&gt;भारत त्योहारों का देश है। यहां हर रोज हम कोई न कोई त्योहार को सेलिब्रेट करते हैं। ऐसे में आज मंगलवार से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही हैं। इस त्योहार का हिंदू धर्म में अपना एक अलग ही महत्व है। ऐसे में नवरात्रि के पहले दिन मां के प्रथम रूप शैलपुत्री की पूजा होती है। इस साल चैत्र नवरात्रि पर पूरे 30 वर्षों बाद शुभ योग बन रहा है। तो ऐसे में आईए जानते हैं कलश स्थापना से पूजा तक का शुभ मुहूर्त।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नवरात्रि का समापन 17 को&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस साल चैत्र नवरात्रि पर पूरे 30 वर्षों बाद अमृत सिद्धि योग, अश्विनी नक्षत्र योग समेत अन्य संयोग बन रहे हैं। तमाम ज्योतिषाचार्य के अनुसार आज 9 अप्रैल के दिन अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का अद्भुत संयोग बन रहा है। ऐसे में आज सुबह 7:32 बजे से यह दोनों संयोग शुरू होंगे, जो अगले दिन बुधवार सुबह 5:06 तक रहेंगे। आज से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होने जा रही है। नवरात्रि पूरे 9 दिन चलेंगे, इसका समापन 17 अप्रैल को होगा। 17 अप्रैल को देश भर में रामनवमी मनाई जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सभी प्रकार की मनोकामना होती है पूर्ण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि चैत्र नवरात्रि पूरी तरह से मां दुर्गा के नौ रूपों को समर्पित है। ऐसे में लोग श्रद्धा पूर्वक 9 दिनों तक उपवास रख मां के चरणों में जाते हैं। शास्त्रों का मानना है कि इन नौ दिनों में देवी की विधिवत पूजा पाठ करने से सभी प्रकार की मनोकामना पूर्ण होती है। सभी प्रकार की कठिनाइयों से छुटकारा मिलता है। इन दिनों मां का नाम लेने से बिगड़े हुए काम भी बन जाते हैं। ऐसे में माता के भक्त नवरात्रि के दौरान पूरे 9 दिनों तक व्रत रखते हैं। नवरात्रि के आठवें दिन यानी अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन करते हैं। इस बार अष्टमी तिथि 16 अप्रैल को है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शुभ मुहूर्त में बन रहे ये संयोग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;भक्त नवरात्रि के नौवे दिन महानवमी पर कन्या पूजन के साथ माता की विदाई करते हैं। ऐसे में इस साल चैत्र नवरात्रि पर 30 सालों बाद शुभ संयोग बनने जा रहा है। तमाम ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस साल चैत्र नवरात्रि पर पूरे 30 वर्षों बाद कई तरह के शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। शुभ मुहूर्त मंगलवार सुबह 7:32 से शुरू हो कर बुधवार सुबह 5:06 तक रहेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;चैत्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि पर कलश स्थापना के बाद ही नवरात्रि के व्रत शुरू होते हैं। इस बार चैत्र नवरात्रि पर कलश स्थापना के दो शुभ मुहूर्त हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;पहला शुभ मुहूर्त: &lt;/strong&gt;आज सुबह 6:11 से लेकर सुबह 10:23 तक। इस दौरान आप कलश स्थापना कर सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;strong&gt;दूसरा शुभ मुहूर्त:&lt;/strong&gt; कलशस्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त का संयोग भी बन रहा है। जो आज सुबह 11:57 से लेकर दोपहर 12:48 तक रहेगा, इस बीच आप माता के समीप घटस्थापना कर सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कलश स्थापना के लिए यह सामग्री है जरूरी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;अगर आप चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना के लिए सोच रहे हैं, तो आपको कुछ आवश्यक सामग्री की जरूरत होगी। कलश स्थापना के लिए लकड़ी की एक छोटी चौकी, मिट्टी का घड़ा, साफ सुथरा जगह की मिट्टी, सात तरह के अनाज (सतंझा), कलश, सुपारी, आम के पत्ते, अक्षत (चावल), नारियल, लाल कपड़ा, लाल फूल व माला, गंगाजल, तिल, जौं जैसे जरूरी सामान चाहिए।&lt;/p&gt;
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