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       <title>Today Basant Panchami News | Latest Basant Panchami News | Breaking Basant Panchami News in English | Latest Basant Panchami News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Basant Panchami समाचार:Today Basant Panchami News ,Latest Basant Panchami News,Aaj Ka Samachar ,Basant Panchami समाचार ,Breaking Basant Panchami News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/tag/basant-panchami</link>
        <lastBuildDate>May 4, 2026, 3:20 am</lastBuildDate>
        <copyright>Chhattisgarh Inkhabar</copyright>
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        </image><item><title>इस दिन मनाई जाएगी बसंत पंचमी, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/festival/basant-panchami-will-be-celebrated-on-this-day-know-the-auspicious-time-importance-and-method-of-worship/</link><pubDate>January 31, 2025, 3:19 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2025/01/ेुिुप.webp</image><category>त्योहार</category><excerpt>रायपुर। हिंदू पंचांग के अनुसार बसंत पंचमी का त्योहार हर वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन मनाया जाता है। बसंत पंचमी को वसंत पंचमी और श्री पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। देवी सरस्वती से लोग...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; हिंदू पंचांग के अनुसार बसंत पंचमी का त्योहार हर वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन मनाया जाता है। बसंत पंचमी को वसंत पंचमी और श्री पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। देवी सरस्वती से लोग बुद्धि, शिक्षा और सफलता के लिए प्रार्थना करते हैं। इसके अलावा वसंत ऋतु की शुरुआत: यह त्यौहार सुहावने मौसम और खिलते सरसों के खेतों का स्वागत करता है। फसल उत्सव: किसान नई फसल के मौसम के आगमन का जश्न मनाते हैं। आइए जानते हैं बसंत पंचमी की सही डेट, शुभ मुहूर्त, महत्व?&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बसंत पंचमी का महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बसंत पंचमी के दिन से ऋतु परिवर्तन होता है और बसंत ऋतु का आगमन होता है। इस दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है, जो विद्या, संगीत, कला, विज्ञान और शिल्प-कला की अधिष्ठात्री देवी हैं। मान्यता है कि इस दिन मां सरस्वती की पूजा करने से विद्यार्थियों को ज्ञान और बुद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन देश भर में शिक्षक और छात्र मां सरस्वती की पूजा कर उनसे और अधिक ज्ञानवान बनाने की प्रार्थना करते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सही तिथि और शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बसंत पंचमी, जिसे सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है, हर वर्ष माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। साल 2025 में यह पर्व 2 फरवरी को मनाया जाएगा। पंचमी तिथि की शुरुआत 2 फरवरी 2025 को सुबह 7:14 बजे होगी और इसका समापन 3 फरवरी 2025 को सुबह 6:52 बजे होगा। सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त 2 फरवरी को सुबह 7:08 बजे से दोपहर 12:34 बजे तक रहेगा।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बसंत पचंमी की पूजा विधि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;ol class=&quot;wp-block-list&quot;&gt;
&lt;li&gt;प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल की सफाई करें।&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाकर मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;मां को पीले वस्त्र पहनाएं और रोली, चंदन, हल्दी, केसर, पीले या सफेद फूल, पीली मिठाई और अक्षत अर्पित करें।&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;पूजा स्थल पर वाद्य यंत्र, पुस्तकें या कलम रखें।&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;घी का दीपक जलाकर मां सरस्वती की आरती करें और सरस्वती वंदना का पाठ करें।&lt;/li&gt;



&lt;li&gt;अंत में प्रसाद का वितरण करें।&lt;/li&gt;
&lt;/ol&gt;
</content></item><item><title>Basant Panchami 2024 : बसंत पंचमी 14 फरवरी को, जानें शुभ मुहूर्त</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/festival/basant-panchami-2024-basant-panchami-on-14-february-know-the-auspicious-time/</link><pubDate>February 12, 2024, 1:52 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/02/download-11-2-300x194.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>रायपुर। भारत को त्योहार का देश बोला जाता है। यहां हर दिन कोई न कोई व्रत त्योहार मनाया जाता है। ऐसे में इस बार 14 फरवरी यानी बुधवार को बसंत पंचमी का पर्व है। इस दिन मां सरस्वती की आराधना की जाती है। इस साल बसंत पंचमी का दिन काफी खास होने वाला है...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर। &lt;/strong&gt;भारत को त्योहार का देश बोला जाता है। यहां हर दिन कोई न कोई व्रत त्योहार मनाया जाता है। ऐसे में इस बार 14 फरवरी यानी बुधवार को बसंत पंचमी का पर्व है। इस दिन मां सरस्वती की आराधना की जाती है। इस साल बसंत पंचमी का दिन काफी खास होने वाला है। हिन्दू धर्म के अनुसार बसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी मां सरस्वती का अवतरण हुआ था। इसलिए हर वर्ष माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर देवी लक्ष्मी जी की जन्म दिन भी मनाया जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस पंचमी को बसंत पंचमी भी कहा जाता है. क्योंकि इस दिन से देश में बसंत ऋतु का आगमन होता है। ऐसे में यह दिन शुभ कार्यों के लिए बेहद ही उत्तम दिन माना जाता है, इस दिन माना जाता है कि आप बिना पंचांग देखे शादी, विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण आदि शुभ कार्य भी कर सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये दो दिन है शुभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;ज्योतिषाचार्य के मुताबिक माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 13 फरवरी की दोपहर 2 बजकर 45 मिनट से होने वाली है। 14 फरवरी को दोपहर 12 बजकर 12 मिनट तक बसंत पंचमी की तिथि रहेगी। बसंत पंचमी की पूजा इस कारण से 14 फरवरी को मनाई जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पश्चिमी देशों में मनाया जाता है वैलेंटाइन डे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;देश भर में मां सरस्वती का पूजन करने की परंपरा बसंत पंचमी पर होती है। इस दिन सभी शिक्षार्थी, विद्यार्थी व शोधार्थी सुबह सवेरे ही ज्ञान व विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा आराधना करते हैं। बसंत पंचमी के दिन बता दें कि कामदेव को भी स्मरण किया जाता हैै। यह दिन शुभ कार्यों के लिए अति उत्तम माना गया है। ऐसे 14 फरवरी को पश्चिमी देशों में वैलेंटाइन डे मनाया जाता है।&lt;/p&gt;
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