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       <title>Today Basant Panchami 2024 News | Latest Basant Panchami 2024 News | Breaking Basant Panchami 2024 News in English | Latest Basant Panchami 2024 News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का Basant Panchami 2024 समाचार:Today Basant Panchami 2024 News ,Latest Basant Panchami 2024 News,Aaj Ka Samachar ,Basant Panchami 2024 समाचार ,Breaking Basant Panchami 2024 News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/tag/basant-panchami-2024</link>
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        <copyright>Chhattisgarh Inkhabar</copyright>
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            <title>Chhattisgarh Inkhabar</title>
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        </image><item><title>Basant Panchami 2024: आज बसंत पंचमी, मां सरस्वती को प्रिय है ये वस्तु</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/festival/basant-panchami-2024-today-basant-panchami-this-thing-is-dear-to-mother-saraswati/</link><pubDate>February 14, 2024, 7:56 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/02/download-1-2.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>रायपुर। हिंदू धर्म में मां सरस्वती को ज्ञान और कला की देवी माना जाता है। हर वर्ष बसंत पंचमी माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। ऐसे में आज देश भर में सरस्वती पूजा मनाया जा रहा है। यह दिन मां सरस्वती की पूजा को समर्पित है। धार्म...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; हिंदू धर्म में मां सरस्वती को ज्ञान और कला की देवी माना जाता है। हर वर्ष बसंत पंचमी माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। ऐसे में आज देश भर में सरस्वती पूजा मनाया जा रहा है। यह दिन मां सरस्वती की पूजा को समर्पित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन मां सरस्वती भगवान ब्रह्मा के मुख से प्रकट हुई थीं। इसलिए बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की पूजा की जाती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;माघ माह की शुक्ल पंचमी 13 फरवरी को दोपहर 2 बजकर 41 मिनट पर प्रारंभ होगी। यह तिथि भी 14 फरवरी को 12:09 बजे समाप्त हो रही है. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, बसंत पंचमी 14 फरवरी, बुधवार को मनाई जा रही है . इस दिन सरस्वती पूजा का शुभ समय सुबह 7:01 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;चढ़ाएं ये खास वस्तु&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;पंचमी के दिन पूजा के दौरान बच्चों को मां सरस्वती को पीले फूल, केसर लॉलीपॉप, चंदन, हल्दी और अक्षत चढ़ाना चाहिए। मां सरस्वती को बुद्धि और ज्ञान की देवी माना जाता है। ऐसे में पूजा के पास पेन और फोटोकॉपियर जैसी शैक्षणिक वस्तुएं भी होनी चाहिए। इससे साधक की बुद्धि बढ़ती है और उसकी याददाश्त भी बेहतर होती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मां को प्रदान करें&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बसंत पंचमी पूजा के दौरान मां सरस्वती की तस्वीर या मूर्ति पर पीले वस्त्र भी चढ़ाने चाहिए। इस दिन पीले वस्त्र पहनने से भी साधक पर मां सरस्वती की कृपा बनी रहती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन चीजों का लुफ्त उठाए&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;वसंती पंचमी के दिन मां सरस्वती को बूंदी का प्रसाद चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता के अनुसार इस दिन मां सरस्वती को बूंदी का भोग लगाने से ज्ञान की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही देवी को मीठे पीले चावल और पीली मिठाई का भोग लगाया जाता है. इससे मां सरस्वती प्रसन्न होती हैं और विद्या और बुद्धि का आशीर्वाद देती हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Basant Panchami 2024: बसंत पंचमी 14 फरवरी को, जानें मां सरस्वती को क्या-क्या हैं प्रिय</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/basant-panchami-2024-basant-panchami-tomorrow-know-which-things-are-dear-to-mother-saraswati/</link><pubDate>February 13, 2024, 8:55 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/02/download-2-3-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। भारत को त्योहार का देश बोला गया है। यहां हर दिन व्रत त्योहार मनाया जाता है। ऐसे में इस साल 14 फरवरी यानी बुधवार को बसंत पंचमी का त्योहार है। हिंदू धर्म में मां सरस्वती को ज्ञान और कला की देवी माना जाता है। हर वर्ष बसंत पंचमी माघ माह के ...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; भारत को त्योहार का देश बोला गया है। यहां हर दिन व्रत त्योहार मनाया जाता है। ऐसे में इस साल 14 फरवरी यानी बुधवार को बसंत पंचमी का त्योहार है। हिंदू धर्म में मां सरस्वती को ज्ञान और कला की देवी माना जाता है। हर वर्ष बसंत पंचमी माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। यह दिन मां सरस्वती की पूजा को समर्पित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन मां सरस्वती भगवान ब्रह्मा के मुख से प्रकट हुई थीं। इसलिए बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूजा का शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;माघ माह की शुक्ल पंचमी 13 फरवरी को दोपहर 2 बजकर 41 मिनट पर प्रारंभ होगी। यह तिथि भी 14 फरवरी को 12:09 बजे समाप्त हो रही है. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, बसंत पंचमी 14 फरवरी, बुधवार को मनाई जाएगी. इस दिन सरस्वती पूजा का शुभ समय सुबह 7:01 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक है.&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मां को चढ़ाए ये चीज&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;पंचमी के दिन पूजा के दौरान बच्चों को मां सरस्वती को पीले फूल, केसर लॉलीपॉप, चंदन, हल्दी और अक्षत चढ़ाना चाहिए। मां सरस्वती को बुद्धि और ज्ञान की देवी माना जाता है। ऐसे में पूजा के पास पेन और फोटोकॉपियर जैसी शैक्षणिक वस्तुएं भी होनी चाहिए। इससे साधक की बुद्धि बढ़ती है और उसकी याददाश्त भी बेहतर होती है। बसंत पंचमी पूजा के दौरान मां सरस्वती की तस्वीर या मूर्ति पर पीले वस्त्र भी चढ़ाने चाहिए। इस दिन पीले वस्त्र पहनने से भी साधक पर मां सरस्वती की कृपा बनी रहती है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;मां को लगाए ये भोग&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;वसंती पंचमी के दिन मां सरस्वती को बूंदी का प्रसाद चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता के अनुसार इस दिन मां सरस्वती को बूंदी का भोग लगाने से ज्ञान की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही देवी को मीठे पीले चावल और पीली मिठाई का भोग लगाया जाता है. इससे मां सरस्वती प्रसन्न होती हैं और विद्या और बुद्धि का आशीर्वाद भी देती हैं।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Basant Panchami 2024 : बसंत पंचमी 14 फरवरी को, जानें शुभ मुहूर्त</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/festival/basant-panchami-2024-basant-panchami-on-14-february-know-the-auspicious-time/</link><pubDate>February 12, 2024, 1:52 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/02/download-11-2-300x194.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>रायपुर। भारत को त्योहार का देश बोला जाता है। यहां हर दिन कोई न कोई व्रत त्योहार मनाया जाता है। ऐसे में इस बार 14 फरवरी यानी बुधवार को बसंत पंचमी का पर्व है। इस दिन मां सरस्वती की आराधना की जाती है। इस साल बसंत पंचमी का दिन काफी खास होने वाला है...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;रायपुर। &lt;/strong&gt;भारत को त्योहार का देश बोला जाता है। यहां हर दिन कोई न कोई व्रत त्योहार मनाया जाता है। ऐसे में इस बार 14 फरवरी यानी बुधवार को बसंत पंचमी का पर्व है। इस दिन मां सरस्वती की आराधना की जाती है। इस साल बसंत पंचमी का दिन काफी खास होने वाला है। हिन्दू धर्म के अनुसार बसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी मां सरस्वती का अवतरण हुआ था। इसलिए हर वर्ष माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर देवी लक्ष्मी जी की जन्म दिन भी मनाया जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शुभ कार्यों के लिए उत्तम दिन&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस पंचमी को बसंत पंचमी भी कहा जाता है. क्योंकि इस दिन से देश में बसंत ऋतु का आगमन होता है। ऐसे में यह दिन शुभ कार्यों के लिए बेहद ही उत्तम दिन माना जाता है, इस दिन माना जाता है कि आप बिना पंचांग देखे शादी, विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण आदि शुभ कार्य भी कर सकते हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये दो दिन है शुभ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;ज्योतिषाचार्य के मुताबिक माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 13 फरवरी की दोपहर 2 बजकर 45 मिनट से होने वाली है। 14 फरवरी को दोपहर 12 बजकर 12 मिनट तक बसंत पंचमी की तिथि रहेगी। बसंत पंचमी की पूजा इस कारण से 14 फरवरी को मनाई जाएगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पश्चिमी देशों में मनाया जाता है वैलेंटाइन डे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;देश भर में मां सरस्वती का पूजन करने की परंपरा बसंत पंचमी पर होती है। इस दिन सभी शिक्षार्थी, विद्यार्थी व शोधार्थी सुबह सवेरे ही ज्ञान व विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा आराधना करते हैं। बसंत पंचमी के दिन बता दें कि कामदेव को भी स्मरण किया जाता हैै। यह दिन शुभ कार्यों के लिए अति उत्तम माना गया है। ऐसे 14 फरवरी को पश्चिमी देशों में वैलेंटाइन डे मनाया जाता है।&lt;/p&gt;
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