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       <title>Today annakut 2023 News | Latest annakut 2023 News | Breaking annakut 2023 News in English | Latest annakut 2023 News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का annakut 2023 समाचार:Today annakut 2023 News ,Latest annakut 2023 News,Aaj Ka Samachar ,annakut 2023 समाचार ,Breaking annakut 2023 News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        <copyright>Chhattisgarh Inkhabar</copyright>
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        </image><item><title>Govardhan Puja 2023: कब है गोवर्धन पूजा? जानिए पूजा की श्रेष्ठ मुहूर्त</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/festival/govardhan-puja-2023-when-is-govardhan-puja-know-the-best-time-for-worship/</link><pubDate>November 13, 2023, 1:44 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/download-9-4.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>रायपुर। देश भर में फेस्टिव सीजन की शुरआत हो चुकी है। ऐसे में 12 नवंबर को दिवाली मनाई गई है और अब बात करें गोवर्धन पूजा की तो चलिए जानते है कब है गोवर्धन पूजा? 12 नवंबर को देश में दिवाली तो मनाया गया लेकिन गोवर्धन पूजा की तिथि को लेकर दूसरी तरफ ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर। &lt;/strong&gt;देश भर में फेस्टिव सीजन की शुरआत हो चुकी है। ऐसे में 12 नवंबर को दिवाली मनाई गई है और अब बात करें गोवर्धन पूजा की तो चलिए जानते है कब है गोवर्धन पूजा? 12 नवंबर को देश में दिवाली तो मनाया गया लेकिन गोवर्धन पूजा की तिथि को लेकर दूसरी तरफ लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से आपका भ्रम दूर करेंगे तो चलिए जानते है पूजा से जुड़ी तमाम जानकारी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;दिवाली पर्व के चौथे दिन गोवर्धन पूजा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;गोवर्धन पूजा पांच दिवसीय दिवाली पर्व के चौथे दिन की जाती है। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। घरों में इस दिन गोवर्धन पर्वत बनाया जाता है और इसके साथ-साथ भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा तैयार की जाती है। इसके बाद गोवर्धन पर्वत और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा शाम के समय होती है और अन्नकूट और कढ़ी चावल का उन्हें भोग लगाया जाता है। इस साल लोगों में गोवर्धन पूजा की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। तो आइए आपको बताते हैं कि गोवर्धन पूजा कब की जाएगी और इस पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें सही डेट और शुभ मुहूर्त&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस बार 13 नवंबर दिन सोमवार को दोपहर 2:56 बजे से कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की आरंभ हो रही है और 14 नवंबर दिन मंगलवार को दोपहर 2:36 बजे समापन होगा। उदया तिथि को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसे में 14 नवंबर को गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाएगा। द्रिक पंचांग के मुताबिक प्रातः काल 14 नवंबर को सुबह 6:43 बजे से 08:52 बजे के बीच शुभ गोवर्धन पूजा का मुहूर्त है। ऐसे में दो घंटे नौ मिनट तक गोवर्धन पूजा के लिए पूजा का मुहूर्त रहेगा। घर के आंगन में गोवर्धन पूजा पर गोबर से गोवर्धन बनाकर पूजा की जाती है। प्रकृति की पूजा भी गोवर्धन पूजा को कहा जाता है, स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने इसकी शुरुआत की थी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह योग बन रहा है गोवर्धन पूजा पर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस बार शुभ योग गोवर्धन पूजा के दिन बन रहे हैं। गोवर्धन पूजा पर प्रात:काल से लेकर दोपहर 01 बजकर 57 मिनट तक शोभन योग है। अतिगंड योग उसके बाद से शुरू हो जाएगा। अतिगंड योग को शुभ नहीं माना जाता है। हालांकि एक शुभ योग शोभन योग को माना जाता है। इसके अलावा सुबह से ही गोवर्धन पूजा के दिन अनुराधा नक्षत्र होगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें गोवर्धन पूजा की विधि&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सुबह जल्दी उठकर गोवर्धन पूजा के दिन स्नानादि करें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;फिर गाय के गोबर से शुभ मुहूर्त में गिरिराज गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाएं और इसके साथ ही गाय, बछड़े आदि की आकृति भी बनाएं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इसके बाद विधिवत पूजा धूप-दीप आदि से करें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;दुग्ध से भगवान कृष्ण को स्नान कराने के बाद उनका पूजा-अर्चना करें।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;इसके बाद भगवान कृष्ण को अन्नकूट का प्रसाद अर्पित करें।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानिए गोवर्धन पूजा का महत्व&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;प्रकृति को समर्पित पर्व गोवर्धन पूजा को ही कहते है। माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने इस दिन इंद्रदेव का घमंड तोड़ा था और अपनी कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की थी। प्रकृति की सेवा और पूजा करने का संदेश लोगों को दिया था। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा का यह दिन था। उस दौरन से से ही इस दिन पर लोग गोवर्धन पर्वत की पूजा-अर्चना करते है और इस अवसर पर सभी तरह की मौसमी सब्जियों से तैयार अन्नकूट का प्रसाद भगवान को चढ़ाते है।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
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