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       <title>Today सुप्रीम कोर्ट News | Latest सुप्रीम कोर्ट News | Breaking सुप्रीम कोर्ट News in English | Latest सुप्रीम कोर्ट News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का सुप्रीम कोर्ट समाचार:Today सुप्रीम कोर्ट News ,Latest सुप्रीम कोर्ट News,Aaj Ka Samachar ,सुप्रीम कोर्ट समाचार ,Breaking सुप्रीम कोर्ट News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/tag/%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f</link>
        <lastBuildDate>June 16, 2026, 9:22 am</lastBuildDate>
        <copyright>Chhattisgarh Inkhabar</copyright>
        <generator>Chhattisgarh Inkhabar</generator>
        <language>hi</language>
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            <title>Chhattisgarh Inkhabar</title>
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            <description>Feed provided by Chhattisgarh Inkhabar.</description>
        </image><item><title>Sarpanch: सुप्रीम कोर्ट का फैसला, महिला सरपंच को किया बहाल, सरकार पर लगाया जुर्माना</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/sarpanch-supreme-courts-decision-woman-sarpanch-reinstated-fine-imposed-on-the-government/</link><pubDate>November 16, 2024, 6:18 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/11/SAFG.webp</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा एक सुदुर गांव की निर्वाचित महिला सरपंच को अनुचित कारणों से हटाने पर नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि सरपंच नौकरशाह के सामने भीख का कटोरा लेकर आए। 1 लाख का...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा एक सुदुर गांव की निर्वाचित महिला सरपंच को अनुचित कारणों से हटाने पर नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि सरपंच नौकरशाह के सामने भीख का कटोरा लेकर आए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;1 लाख का जुर्माना लगाया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश उज्जल भुइयां की बेंच ने जशपुर जिले के एक गांव की महिला सरपंच सोनम लकड़ा के साथ हुए मानसिक उत्पीड़न के लिए राज्य सरकार पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। जिसका भुगतान 4 सप्ताह में किया जाना है। बेंच ने कहा कि एक निर्वाचित सरपंच को हटाने में अधिकारियो की तरफ से की गई मनमानी का मामला है। एक युवा महिला जिसने छत्तीसगढ़ के एक सुदुर क्षेत्र में अपने गांव की सेवा करने के बारे में सोचा था। समाज कल्याण के बार में सोचा था।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सरपंच के साथ अनुचित व्यवहार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बेंच ने कहा कि उसकी प्रतिबद्धताओम की प्रशंसा करने, उसे सहयोग देने या उसके गांव के विकास के लिए किए गए प्रयासलों में सहायता करने के बजाय उसके साथ बिल्कुल अनुचित व्यवहार किया गया। सरंपच के साथ दुर्व्यवहार किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने निर्माण सामग्री की आपूर्ति और निर्माण कार्य पूरा होने में देरी के कारण उसे सरपंच के पद से बर्खास्त करने के लिए कार्रवाई शुरू करने को बेकार का बहना बताया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>500 करोड़ से ज्यादा के कोल स्कैम में ईडी ने किया था अरेस्ट, सुप्रीम कोर्ट से सुनील अग्रवाल को दी जमानत</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/crime/ed-had-arrested-in-coal-scam-of-more-than-rs-500-crore-supreme-court-granted-bail-to-sunil-aggarwal/</link><pubDate>May 18, 2024, 9:25 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/05/download-2024-05-18T092645.548-300x225.png</image><category>क्राइम</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ के 500 करोड़ से ज्यादा के बहुचर्चित कोयला घोटाला केस में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपित सुनील अग्रवाल को जमानत दे दी है। इससे पहले इंद्रमणि कोल ग्रुप के डायरेक्टर सुनील अग्रवाल की जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी। दरअसल, ED...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;रायपुर&lt;/strong&gt;। छत्तीसगढ़ के 500 करोड़ से ज्यादा के बहुचर्चित कोयला घोटाला केस में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपित सुनील अग्रवाल को जमानत दे दी है। इससे पहले इंद्रमणि कोल ग्रुप के डायरेक्टर सुनील अग्रवाल की जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी। दरअसल, ED ने कोल स्कैम केस में 11 अक्टूबर 2022 को सुनील अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। ईडी के मुताबिक कोयला परिवहन में कमीशनखोरी की गई है। इसमें 500 करोड़ से ज्यादा के घोटाले का अनुमान है।&lt;/p&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;मामले में ईडी ने कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, सूर्यकांत तिवारी के चाचा लक्ष्मीकांत तिवारी, सौम्या चौरसिया, छत्तीसगढ़ कैडर के IAS अधिकारी समीर विश्नोई समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया था। सभी आरोपित ज्यूडिशियल रिमांड (न्यायिक हिरासत) पर रायपुर जेल में बंद हैं।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सुनील अग्रवाल को मिली जमानत&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस मामले में राहत के लिए सुनील अग्रवाल ने हाई कोर्ट में 15 फरवरी 2020 को पहली बार जमानत याचिका लगाई थी। जिसे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था। अब सुनील अग्रवाल को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है। बता दें कि इसके पहले उनकी जमानत याचिका को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था। ईडी की जांच में 540 करोड़ रुपए का कोयला घोटाला सामने आया था। मामले में ईडी ने इंद्रमणि कोल के डायरेक्टर सुनील अग्रवाल को 11 अक्टूबर 2022 को गिरफ्तार किया था। सुनील के ऊपर कोयले के काले धन को सफेद करने और संपत्तियों में INVEST करने का आरोप है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Article 370: सुप्रीम कोर्ट के फैसले को विष्णु देव साय ने बताया एतिहासिक, ये सिर्फ कानूनी फैसला मात्र नहीं…</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/vishnu-dev-sai-described-the-decision-of-the-supreme-court-as-historic-it-is-not-just-a-legal-decision/</link><pubDate>December 11, 2023, 5:16 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/8-4-300x225.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना संवैधानिक रूप से सही है। जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और भारत का संविधान जम्मू कश्मीर के सं...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना संवैधानिक रूप से सही है। जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और भारत का संविधान जम्मू कश्मीर के संविधान से ऊंचा है। छत्तीसगढ़ के मनोनी सीएम विष्णु देव साय ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक फैसला है। यह भारत की जीत है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;विष्णु देव साय ने किया पोस्ट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;दरअसल, विष्णु देव साय ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, अनुच्छेद 370 को निरस्त करने पर आज का सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक है। 5 अगस्त 2019 को भारत की संसद द्वारा लिए गए फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है जो कि भारत की जीत है। यह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में हमारी बहनों और भाइयों के लिए आशा, प्रगति और एकता की एक शानदार घोषणा है। इसके साथ ही विष्णु देव साय ने नया जम्मू कश्मीर हैशटैग के साथ आगे लिखा है कि यह सिर्फ कानूनी फैसला मात्र नहीं है। यह एकजुट भारत के निर्माण के हमारे सामूहिक संकल्प का प्रमाण है। इस विजय के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी को बधाई। अभिनंदन।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अनुच्छेद 370 पर उच्चतम न्यायालय का फैसला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के सरकार के फैसले को बरकरार रखा है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार अगले साल 30 सितंबर तक विधानसभा चुनाव कराने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। यही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल किया जाए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Jhiram Ghati Attack: झीरम कांड पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, CM बघेल बोले अब सब साफ हो जाएगा</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/crime/jhiram-ghati-attack-supreme-courts-decision-on-jhiram-incident-cm-baghel-said-now-everything-will-be-clear/</link><pubDate>November 21, 2023, 6:38 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/13-300x169.png</image><category>क्राइम</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ के झीरम नक्सली हमले की जांच पर आज सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला किया है। बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए की याचिका को खारिज कर दिया है। जिसके बाद अब राज्य की पुलिस झीरम नक्सली हमले के पीछे षड्यंत्र की जांच कर सकती है। ...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ के झीरम नक्सली हमले की जांच पर आज सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला किया है। बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए की याचिका को खारिज कर दिया है। जिसके बाद अब राज्य की पुलिस झीरम नक्सली हमले के पीछे षड्यंत्र की जांच कर सकती है। वहीं दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि आज रास्ता साफ हो गया। अब छत्तीसगढ़ पुलिस इसकी जांच करेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानें पूरा मामला&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;दरअसल, 2013 में चुनाव के पहले कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा चलाई गई थी। इस दौरान जब 25 मई को पार्टी के सभी बड़े नेता सुकमा से जगदलपुर लौट रहे थे तो कांग्रेस नेताओं के काफिले पर बड़ा हमला हुआ। इस काफिले में महेंद्र कर्मा, नंदकुमार पटेल, विद्याचरण शुक्ल, उदय मुदलियार जैसे बड़े कांग्रेस नेता शामिल थे। जिसमें महेंद्र कर्मा और नंदकुमार पटेल को नक्सलियों ने बेरहमी से मार डाला। इस भयानक हमले के बाद पूरे देश में हड़कंप मंच गया। ऐसा इसलिए क्योंकि चुनाव से ठीक पहले ही छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के लगभग सभी शीर्ष नेताओं की हत्या की गई थी। फिलहाल एनआईए इस मामले की जांच कर रही है। हालांकि, कांग्रेस लगातार इस हमले को राजनीतिक षड्यंत्र बता रही है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;एनआईए ने पुलिस को जांच करने से रोका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;घटना को जब काफी समय बीत गया पर मामले की जांच आगे नहीं बढ़ी तो 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद नई बिंदुओं के साथ जांच के लिए एक SIT का गठन हुआ। जिसके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस इस पर जांच करने के लिए एनआईए से फाइल मांगती रही लेकिन फाइल नहीं मिली और एनआईए ने पुलिस की जांच को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;जानिए कोर्ट ने क्यों खारिज की याचिका&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;वहीं सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस का पक्ष रखने वाले वकील सुदीप श्रीवास्तव ने बताया कि आज सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस की बेंच ने एनआईए के उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमे छत्तीसगढ़ पुलिस के द्वारा झीरम मामले के बड़े षड्यंत्र की जांच के लिए एफआईआर दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि एनआईए का कहना था चूंकि मामले की जांच पहले हमने की है इसलिए छत्तीसगढ़ पुलिस इस जांच को नहीं कर सकती। इसके अलावा इस मामले में छत्तीसगढ़ सरकार और अपीलकर्ता जितेंद्र मुदलियार ने कहा, हमले के षड्यंत्र की जांच एनआईए ने जानबूझकर नहीं की है। जिस कारण उन्हें फिर से जांच सौंपने का कोई मतलब नहीं। इसी तर्क को सुनने के बाद कोर्ट ने एनआईए के अपील को खारिज कर दिया है। अब इस मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस जांच करेगी।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम बघेल ने दी प्रतिक्रिया&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि झीरम कांड पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला छत्तीसगढ़ के लिए न्याय का दरवाजा खोलने जैसा है। झीरम कांड दुनिया के लोकतंत्र का सबसे बड़ा राजनीतिक हत्याकांड था। इस कांड में दिग्गज कांग्रेस नेताओं सहित 32 लोगों की जान चली गई थी। सीएम बघेल ने आगे कहा, कहने को एनआईए ने इसकी जांच की, एक आयोग ने भी जांच की लेकिन इसके पीछे के वृहद राजनीतिक षड्यंत्र की जांच किसी ने नहीं की। अब जब छत्तीसगढ़ पुलिस ने इसकी जांच शुरू की तो एनआईए ने इसे रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। आज रास्ता साफ हो गया है। अब छत्तीसगढ़ पुलिस इसकी जांच करेगी। इसके साथ ही किसने, किसके साथ मिलकर क्या षड्यंत्र रचा था सब साफ हो जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhattisgarh Election: भूपेश बघेल ने कहा &amp;#8211; NOTA का ऑप्शन खत्म कर दिया जाना चाहिए</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/election/chhattisgarh-election-bhupesh-baghel-said-nota-option-should-be-abolished/</link><pubDate>October 29, 2023, 11:08 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/download-5-3-300x225.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू है। ऐसे में शनिवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा हैं कि इस साल के चुनाव में NOTA का विकल्प को खत्म किया जाना चाहिए। NOTA (उपरोक्त में से कोई नहीं) का ऑप्शन इस चुनाव से ही इलेक्ट्रॉनिक वोटिं...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;रायपुर। &lt;/strong&gt;छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू है। ऐसे में शनिवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा हैं कि इस साल के चुनाव में NOTA का विकल्प को खत्म किया जाना चाहिए। NOTA (उपरोक्त में से कोई नहीं) का ऑप्शन इस चुनाव से ही इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के ऑप्शन से हटा देना चाहिए। उन्होंने मीडिया रिपोर्टर से बातचीत के दौरान कहा कि EVM में NOTA का विकल्प होने से चुनावी परिणाम में दिक्कत देखने को मिलता रहा है। इस कड़ी में उन्होंने कहा कि जीत-हार के अंतर से ज्यादा वोट नोटा को मिलते आ रहा है। इस कारण इस चुनाव से NOTA का ऑप्शन EVM से हटा देना चाहिए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पिछले चुनाव में नोटा का आंकड़ा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;मीडिया ने जब CM बघेल से सवाल किया कि 2018 के विधानसभा चुनाव में नोटा को 2 लाख से ज्यादा वोट मिले थे, क्या इस कारण चुनाव में प्रभाव पड़ा? तो CM बघेल ने जवाब देते हुए कहा कि चुनाव आयोग को इस मुद्दे पर विचार करना चाहिए क्योंकि कई बार देखा जाता है कि दो प्रत्याशियों के बीच हार और जीत के अंतर में अधिक वोट NOTA को मिल जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;नोटा को खत्म किया जाना चाहिए&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;CM भूपेश बघेल ने कहा कि वोटिंग के दौरान ऐसा होता है जैसे बहुत से लोग यह सोचकर नोटा बटन दबाते हैं इसलिए NOTA के विकल्प को बंद किया जाना चाहिए। इससे चुनावी परिणाम में उम्मीदवारों को अपने हक़ का वोट मिल सकता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;NOTA का ब्यौरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चुनाव आयोग ने सितंबर 2013 में EVM में प्रत्याशियों की लिस्ट के अंतिम में ऑप्शन के तौर पर नोटा का बटन जोड़ा था. 76.88 प्रतिशत मतदान छत्तीसगढ़ के 2018 के विधानसभा चुनाव में दर्ज किया गया था, इस दौरान कुल 1,85,88,520 वोटर्स में से 1,42,90,497 ने अपने वोटिंग का प्रयोग किया था. वहीं 2,82,738 मतदाताओं ने 2018 चुनाव में नोटा का विकल्प चुना था. लोकसभा 2019 के चुनाव में पांच संसदीय क्षेत्रों महासमुंद, बस्तर, सरगुजा, कांकेर समेत राजनांदगांव में NOTA तीसरे स्थान पर रहा. इस साल छत्तीसगढ़ में दो चरणों में वोटिंग होगी। पहली वोटिंग 7 नवंबर वहीं दूसरी वोटिंग 17 नवंबर को होगी और चुनावी परिणाम 3 दिसंबर को जारी किया जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhattisgarh News: त्योहारों पर केवल दो घंटे आतिशबाजी की अनुमति, ऑनलाइन भी नहीं मंगा सकेंगे पटाखे</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/states/chhattisgarh-news-fireworks-allowed-only-for-two-hours-on-festivals-crackers-will-not-be-able-to-be-ordered-even-online/</link><pubDate>October 28, 2023, 7:19 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/9-4-300x169.png</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। राज्य में बढ़ते प्रदूषण की स्थिति से चिंतित होकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट ने सख्त आदेश जारी किया है। इसका असर कोरबा जिले पर भी पड़ा है। बताया जा रहा है कि यहां पटाखे जलाने के लिए सिर्फ दो घंटे मिलेंगे,वहीं दूसरी तरफ पटाखो...</excerpt><content>
&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; राज्य में बढ़ते प्रदूषण की स्थिति से चिंतित होकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट ने सख्त आदेश जारी किया है। इसका असर कोरबा जिले पर भी पड़ा है। बताया जा रहा है कि यहां पटाखे जलाने के लिए सिर्फ दो घंटे मिलेंगे,वहीं दूसरी तरफ पटाखों की ऑनलाइन डिलिवरी पर भी रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं बाजार में भी हरित पटाखे ही बिक्री के लिए रखे जाएंगे। इस आदेश के पालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला कलेक्टर ने सर्कुलर जारी किया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;त्योहारों पर होगी सिर्फ हरित पटाखों की बिक्री&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;बता दें कि इस बार कोरबा जिले में दीपावली, छठ पूजा, गुरु पर्व ,क्रिसमस और नव वर्ष के मौके पर सिर्फ हरित पटाखों की ही बिक्री की जाएगी। इस बात को सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर सौरभ कुमार ने परिपत्र भी जारी कर दिया है। इस मामले में कलेक्टर सौरभ कुमार ने पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के पालन के लिए पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आयुक्त, नगर पालिक निगम, सिटी मजिस्ट्रेट को सर्कुलर जारी कर दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;केवल दो घंटे जला सकेंगे पटाखे&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;दरअसल इस परिपत्र में कहा गया है कि जिले में केवल हरित पटाखों की बिक्री की जाएगी। इसके अलावा दीपावली पर रात 8 -10 बजे तक, छठ पूजा में सुबह 6 &amp;#8211; 8 बजे तक, गुरु पर्व में रात 8 &amp;#8211; 10 बजे तक, नववर्ष और क्रिसमस पर रात 11.55 &amp;#8211; 12.30 बजे तक ही पटाखे जलाए जा सकते हैं। वहीं केवल लाइसेंस्ड ट्रेडर्स ही कम प्रदूषण उत्पन्न करने वाले इम्प्रूव्ड और हरित पटाखों की बिक्री कर सकेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कम ध्वनि वाले पटाखों की होगी बिक्री&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p class=&quot;wp-block-paragraph&quot;&gt;इसके अलावा बताया जा रहा है कि सिर्फ उन्हीं पटाखों को बाजार में बेचा जा सकेगा, जिनसे उत्पन्न ध्वनि का स्तर निर्धारित सीमा के भीतर होगा। वहीं सीरीज पटाखे और लड़ियों की बिक्री के उपयोग और निर्माण को प्रतिबंधित किया गया है। यही नहीं पटाखे के ऐसे निर्माताओं का लाइसेंस भी रद्द करने के निर्देश दिये गये है, जिनके द्वारा पटाखों में लिथीयम, आर्सेनिक, एन्टिमनी, लेड और मर्करी का उपयोग किया जाएगा।&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>