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       <title>Today जगदलपुर News | Latest जगदलपुर News | Breaking जगदलपुर News in English | Latest जगदलपुर News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का जगदलपुर समाचार:Today जगदलपुर News ,Latest जगदलपुर News,Aaj Ka Samachar ,जगदलपुर समाचार ,Breaking जगदलपुर News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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            <title>Chhattisgarh Inkhabar</title>
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        </image><item><title>Jagdalpur News : जगदलपुर की 14 सदस्यीय टीम पहुंची चमोली, पहाड़ की चोटी पर लहराया तिरंगा</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/desh-pradesh/jagdalpur-news-14-member-team-of-jagdalpur-reached-chamoli-tricolor-hoisted-on-the-top-of-the-mountain/</link><pubDate>May 11, 2024, 10:40 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2024/05/download-7-3.png</image><category>देश-प्रदेश</category><excerpt>रायपुर: छत्तीसगढ़ की जगदलपुर से बड़ी ख़बर सामने आई है। Jagdalpur News जगदलपुर के किशोर पारेख ने ऐसा कुछ बताया है, जिसे सुनने के बाद लोगों को प्राउड फील होगा। जगदलपुर निवासी पारेख ने बताया कि उत्तराखंड के चमोली जिले की बर्फ से घिरे पहाड़ी की चोटी प...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर:&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ की जगदलपुर से बड़ी ख़बर सामने आई है। Jagdalpur News जगदलपुर के किशोर पारेख ने ऐसा कुछ बताया है, जिसे सुनने के बाद लोगों को प्राउड फील होगा। जगदलपुर निवासी पारेख ने बताया कि उत्तराखंड के चमोली जिले की बर्फ से घिरे पहाड़ी की चोटी पर 6 मई को भारतीय झंडा यानी तिरंगा फहराया गया है। इस कड़ी में उन्होंने कहा कि टीम में कुल 14 लोग शामिल थे, जिन्होंने 15 हजार फिट से अधिक कि ऊंचाई पर स्थित पांगर्चुल्ला की चोटी को पार करने में सफलता पाई है। ये लोग वहां पहुंच कर भारतीय तिरंगा को हवा में फहराया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;15 हजार फिट से ज्यादा कि ऊंचाई पार की&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि जगदलपुर शहर की 14 सदस्यीय एक टीम ने आम लोगों को वातावरण से लगाव और जागरूकता फैलाने के लिए उत्तराखंड के पहाड़ पर चढ़ तिरंगा लहराया। इस कड़ी में जगदलपुर निवासी पारेख ने आगे बताया कि उत्तराखंड के चमोली जिले की चोटी पर 6 मई को तिरंगा लहराया गया। इसके लिए टीम में मौजूद सभी 14 सदस्यों ने 15 हजार फिट से ज्यादा कि ऊंचाई पर चढ़ाई की। अंततः इन्हें पांगर्चुल्ला की चोटी पर चढ़ाई करने में सफलता मिली और सभी ने वहां चढ़ कर हवा में तिरंगा फहराया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अभियान में युवा, बुजुर्ग व महिलाएं भी शामिल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इस सफलता के बारे उन्होंने आगे बताया कि 5-6 मई की रात एक बजे के आसपास उन्होंने चोटी पर चढ़ाई शुरू की। इसको लेकर उन्होंने आगे कहा कि Base Camp से लगभग छह किमी की ऊंची चढ़ाई करने के बाद टीम के सभी लोग सुबह लगभग आठ बजे पांगर्चुल्ला पहुंच गया। उस वक्त वहां का तापमान -7 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन तेज ठंडी हवाओं की वजह से -10 डिग्री का एहसास हुआ. इस अभियान में युवा, बुजुर्ग व महिलाएं भी शामिल थी। सभी ने पूरे जोश,उत्साह के साथ अपने इस मुश्किल अभियान को सफल बनाया।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Jagdalpur Student Suicide Case: आवासीय विद्यालय के बाथरुम में बरामद हुआ छात्र का शव, आत्महत्या की आशंका</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/crime/students-body-found-in-residential-school-bathroom-suspicion-of-suicide/</link><pubDate>December 19, 2023, 9:16 am</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/3-7-300x160.png</image><category>क्राइम</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां जगदलपुर में आदिवासी विकास विभाग द्वारा धुरगुड़ा में संचालित प्रयास आवासीय विद्यालय में एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। कक्षा नौंवी के छात्र का शव स्कूल के बाथरूम से बरामद हुआ है...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां जगदलपुर में आदिवासी विकास विभाग द्वारा धुरगुड़ा में संचालित प्रयास आवासीय विद्यालय में एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। कक्षा नौंवी के छात्र का शव स्कूल के बाथरूम से बरामद हुआ है। विद्यालय प्रबंधन ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। छात्र की सूचना मिलने पर परिजन भी मौके पर पहुंचे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पढ़ाई को लेकर तनाव में था&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बताया जा रहा है कि मृतक छात्र धमतरी जिले का रहने वाला था। वो चार दिन पहले ही अपने घर से वापस आवासीय विद्यालय पहुंचा था। वहीं परिजनों द्वारा बताया गया कि छात्र से जब अंतिम बार बात हुई थी तो वो पढ़ाई के कारण तनाव में था लेकिन उस वक्त ये बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वो ऐसा कदम उठाएगा। परिजनों ने प्रशासन से मामले की जांच करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने छात्र के शव को बरामद करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पिता ने बताया पढ़ाई में अव्वल था बेटा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मृतक छात्र के पिता संतोष कश्यप ने बताया कि उन्होंने इसी साल छात्र ने आवासीय विद्यालय में एडमिशन के लिए कराई गई परीक्षा में टॉप किया था जिसके बाद उसका सेलेक्शन आवासीय विद्यालय में हुआ था। वो तीन महीने से छुट्टी पर घर आया था और चार दिन पहले ही विद्यालय पहुंचा था। जब पिता की अंतिम बार बेटे से बात हुई थी तो वो पढ़ाई को लेकर प्रेशर में था। पिता ने पढ़ाई का प्रेशर न लेने के लिए समझाया था। छात्र के पिता का कहना है कि उनका बेटा पढ़ाई में आगे था और हमेशा टॉप करता था। हालांकि वो पढ़ाई का प्रेशर लेता था पर इतना बड़ा कदम उठाया जाना समझ से परे है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;स्टॉफ और सहपाठियों से पूछताछ&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वही नायब तहसीलदार लकी राम पांडे ने बताया कि आवासीय विद्यालय प्रबंधन ने पुलिस को मामले की जानकारी दी थी। छात्र का शव बाथरूम से बरामद किया गया है। हालांकि आत्महत्या का कारण सामने नहीं आया है। उन्होंंने कहा कि ये काफी गंभीर विषय है। इस मामले में स्कूल और हॉस्टल के स्टॉफ और छात्र के सहपाठियों से पूछताछ की जा रही है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhattisgarh : दशहरा पर बस्तर में निभाई जाती है परम्परा, कई टन वजनी रथ खींचते हैं आदिवासी</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/tourism/chhattisgarh-old-tradition-is-performed-in-bastar-on-dussehra-tribals-pull-chariots-weighing-several-tonnes/</link><pubDate>October 18, 2023, 4:25 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/download-9-300x225.png</image><category>त्योहार</category><excerpt>रायपुर। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व 75 दिनों तक चलता है। इस पर्व के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र दो मंजिला विशालकाय रथ परिक्रमा का श्री गणेश हो गया है. इस पौराणिक रस्म में बस्तर के 200 से ज्यादा आदिवासियों द्वारा हाथों से ही बनाए गए रथ को शहर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व 75 दिनों तक चलता है। इस पर्व के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र दो मंजिला विशालकाय रथ परिक्रमा का श्री गणेश हो गया है. इस पौराणिक रस्म में बस्तर के 200 से ज्यादा आदिवासियों द्वारा हाथों से ही बनाए गए रथ को शहर के कोने-कोने में घुमाया जाता है। आपको बता दें कि इस 50 फीट उंची और कईं टन वजनी रथ की परिक्रमा के लिए सैकड़ों आदिवासी गांव-गांव से पहुंचते हैं और रथ परिक्रमा के दौरान रथ पर माईं दंतेश्वरी की डोली और छत्र को रखा जाता है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;बड़ी संख्या में लोगों की भीड़&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें बस्तर दशहरा की इस अद्भुत रस्म कि शुभारंभ 1410 ईसवीं में लमहाराजा पुरषोत्तम देव ने की गई थी. उस दौरान बस्तर के राजा पुरषोत्तम देव ने रथपति की उपाधि प्राप्त की थी. माना जाता है कि उसके बाद से अब तक यह परम्परा चलती आ रही है. दशहरा के दौरान देश में बस्तर इकलौती ऐसी जगह है जहां इस तरह की परंपरा को देखने के लिए हर वर्ष अधिक से अधिक संख्या मे लोग पहुंचते हैं। बता दें कि इस साल दशहरे पर बड़ी संख्या में लोग अद्भुत रस्मो को देखने यहां पहुंचे है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रथ परिक्रमा की परंपरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;इतिहासकार और जानकार हेमंत कश्यप बताते है कि 1400 ईसवीं में राजा पुरषोत्तम देव ने इस रस्म को शुरू की थी. 800 सालों बाद भी बस्तरवासी उसी उत्साह के साथ इस पर्व को निभाते आ रहे हैं. बता दें कि नवरात्रि के दूसरे दिन से सप्तमी तक मांई जी की सवारी को फुल रथ के नाम से भी जाना जाता है. वहीं इतिहासकार बताते है कि मां दंतेश्वरी के मंदिर से मां के छत्र और डोली को रथ तक लाया जाता है। इस दौरान बस्तर पुलिस के जवान बंदूक से सलामी देकर इस रथ की परिक्रमा की घोषणा करते है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;800 सालों से निभाई जा रही पंरपरा&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;यह पंरपरा सैकड़ो सालों से बस्तर में दशहरा पर चली आ रही है, बता दें कि हर वर्ष इस पर्व को लेकर लोगों काफी उमंग होते है। वहीं दशहरा पर्व खासकर रथ परिक्रमा का लुत्फ उठाने बस्तरवासियो के साथ-साथ देश के कोने-कोने से लोग बस्तर पंहुचते है. बता दें कि सैकड़ों आदिवासी लगभग 50 फिट ऊंची और कई टन वजनी रथ को मिलकर खींचते हैं। खास बात यह है कि सैकड़ों साल बाद भी इस पर्व में कोई बदलाव नहीं आया है. हालांकि राज्य में विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। इसे देखते हुए इस साल बस्तर दशहरा में प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. बता दें कि इसके साथ ही दूसरे राज्यों और विदेश से आने वाले पर्यटकों पर भी खास नजर रखी जा रही है. इस पर्व की सुरक्षा के लिए हजार से अधिक जवान को तैनाती के लिए रखा गया है।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhattisgarh: 3 अक्टूबर को बस्तर दौरे पर आएंगे PM मोदी, देंगे करोड़ों की सौगात</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/chhattisgarh-pm-modi-will-visit-bastar-on-october-3-will-give-a-gift-worth-crores/</link><pubDate>October 1, 2023, 10:00 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/Clipboard-7-300x169.jpg</image><category>टॉप न्यूज़</category><excerpt>रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर जगदलपुर के लालबाग मैदान में तैयारियां जारी हैं. दो दिन बाद 3 अक्टूबर को जगदलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल जनसभा होनी है. ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के नेता-कार्यकर्ता तै...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर जगदलपुर के लालबाग मैदान में तैयारियां जारी हैं. दो दिन बाद 3 अक्टूबर को जगदलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशाल जनसभा होनी है. ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के नेता-कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हुए हैं। वहीं लालबाग मैदान में भी जोर-शोर से आमसभा की तैयारी की जा रही है। दूसरी तरफ पूरे शहर में चौक चौबंद करने की कवायद भी जारी है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;छावनी में तब्दील होगा शहर&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;जानकारी के मुताबिक एयरपोर्ट से लेकर लालबाग मैदान तक सड़क के दोनों तरफ बैरिकेटिंग की जाएगी, ताकि कोई भी पीएम मोदी के काफिले के बीच न आ सके। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा को देखते हुए बस्तर व केशलूर में पीएम के जगदलपुर आने से करीब 4 घंटे पहले गाड़ियों की आवाजाही पर रोक लगा दी जाएगी। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी के दौरे के दौरान पूरा शहर छावनी में तब्दील कर दिया जाएगा।दूसरी तरफ लालबाग मैदान में 1.50 लाख वर्गफीट क्षेत्रफल में विशालकाय तीन पंडाल लगाए जा रहे हैं. जिसमें लोगों के बैठने के लिए 60 हजार से अधिक कुर्सियां लगाने की व्यवस्था की जा रही हैं. लोक निर्माण विभाग के अधिकारी लालबाग मैदान में की जा रही तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं।&lt;/p&gt;



&lt;figure class=&quot;wp-block-image size-full&quot;&gt;&lt;img loading=&quot;lazy&quot; decoding=&quot;async&quot; width=&quot;790&quot; height=&quot;444&quot; src=&quot;https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/10/Clipboard-7.jpg&quot; alt=&quot;&quot; class=&quot;wp-image-7886&quot; srcset=&quot;https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/10/Clipboard-7.jpg 790w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/10/Clipboard-7-300x169.jpg 300w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/10/Clipboard-7-768x432.jpg 768w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/10/Clipboard-7-150x84.jpg 150w, https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2023/10/Clipboard-7-696x391.jpg 696w&quot; sizes=&quot;auto, (max-width: 790px) 100vw, 790px&quot; /&gt;&lt;/figure&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कई वरिष्ठ नेता होंगे शामिल&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;3 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेना विमान से संभवतः 10:45 को जगदलपुर के मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद एयरपोर्ट से कोतवाली होते हुए सीधे लालबाग सभा स्थल के लिए रावाना होंगे। इस दौरान 11:00 बजे से 11:30 तक लालबाग सभा स्थल के पास प्रशासनिक बैठक लेंगे, जिसमे प्रशासन के अधिकारियों के साथ नगरनार स्टील प्लांट और रेलवे के भी अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके बाद 11:30 से विशाल सभा को संबोधित करेंगे। बताया जा रहा है कि पीएम सभा को संबोधित करने के दौरान बस्तर की जनता को करोड़ों के विकास कार्यों की सौगात देंगे। कार्यक्रम में मुख्यतः बैलाडीला से जगदलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण,रावाघाट रेल परियोजना का इरकॉन से रेलवे बोर्ड को स्थांतरण,अमृत रेलवे स्टेशन का शिलान्यास, डिमरापाल में बन रहे मल्टी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल का उद्घाटन आदि शामिल है। मंच साझा के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह, छत्तीसगढ़ प्रभारी ओम माथुर, प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव, केंद्रीय राज मंत्री रेणुका सिंह, बस्तर संभाग के सभी जिला अध्यक्ष के अलावा प्रभारी मौजूद रहेंगे।&lt;/p&gt;
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