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       <title>Today छत्तीसगढ़ राजनीति News | Latest छत्तीसगढ़ राजनीति News | Breaking छत्तीसगढ़ राजनीति News in English | Latest छत्तीसगढ़ राजनीति News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का छत्तीसगढ़ राजनीति समाचार:Today छत्तीसगढ़ राजनीति News ,Latest छत्तीसगढ़ राजनीति News,Aaj Ka Samachar ,छत्तीसगढ़ राजनीति समाचार ,Breaking छत्तीसगढ़ राजनीति News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
        <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/tag/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf</link>
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        <copyright>Chhattisgarh Inkhabar</copyright>
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            <title>Chhattisgarh Inkhabar</title>
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        </image><item><title>Chhattisgarh Election 2023: कांग्रेस ने की छत्तीसगढ़ में हार की समीक्षा</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/congress-reviewed-the-defeat-in-chhattisgarh/</link><pubDate>December 9, 2023, 3:53 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/5-5.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>रायपुर। देश के तीनों राज्यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिली। जहां कांग्रेस को छत्तीसगढ़ में जीत की उम्मीद थी वहीं एग्जिट पोल ने भी कांग्रेस के हक में फैसला दिया था। लेकिन पासा ऐसा पलटा की तीन...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; देश के तीनों राज्यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिली। जहां कांग्रेस को छत्तीसगढ़ में जीत की उम्मीद थी वहीं एग्जिट पोल ने भी कांग्रेस के हक में फैसला दिया था। लेकिन पासा ऐसा पलटा की तीनों ही राज्यों में बीजेपी की एंट्री हो गई। अब कांग्रेस के आलकमान की ओर से तीनों राज्यों में हार की समीक्षा की जा रही है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को बैठक की गई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;खड़गे ने बताई वजह&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में ये बैठक की गई। जहां उन्होंने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार का जिम्मेदार भूपेश बघेल सरकार का अत्यधिक ग्रामीण फोकस, पार्टी में लंबे समय से चल रही अंदरुनी लड़ाई, बीजेपी की सांप्रदायिक लामबंदी को ठहराया। इस बार बीजेपी ने कांग्रेस के छोटे वोटों पर कब्जा किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शहरी क्षेत्रों में हार का कारण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं एआईसीसी अधिकारियों के मुताबिक 2018 में कांग्रेस का वोट शेयर 42 प्रतिशत था जबकि इस बार बीजेपी ने 13 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की है। इसके अलावा हिंदुत्व अभियान और जाति आधारित जनगणना पर पार्टी के जोर को भी जिम्मेदार ठहराया गया है। ये माना जा रहा है कि भूपेश बघेल सरकार का ग्रामीण फोकस करना शहरों में हार की वजह बना है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;90 में सिर्फ 35 सीटें बचा पाई पार्टी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि कांग्रेस को छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों में से सिर्फ 35 सीटें ही मिली हैं। जबकि बीजेपी के खेमे में 54 सीट आई हैं। मतगणना के बाद आए परिणामों ने कांग्रेस को पूरी तरह से चौंका दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि चुनाव से पहले ये दावे किए जा रहे थे कि कांग्रेस दोबारा से प्रदेश में सरकार बनाने जा रही है लेकिन नतीजे बीजेपी के पक्ष में आए।&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhattisgarh Politics: झीरम नक्सली हमले की जांच पर शुरु हुई सियासी जंग , कांग्रेस-बीजेपी ने लगाए आरोप</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/crime/chhattisgarh-politics-political-war-started-on-investigation-of-jheeram-naxalite-attack-congress-bjp-made-allegations/</link><pubDate>November 22, 2023, 5:45 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/11/11-300x225.png</image><category>क्राइम</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ में 2013 में चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस नेताओं के काफिले पर नक्सली हमला हुआ था। जिसमें कांग्रेस के बड़े नेताओं और सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी। कांग्रेस पार्टी इसे राजनीतिक षड्यंत्र बता रही है तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी इसके ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; छत्तीसगढ़ में 2013 में चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस नेताओं के काफिले पर नक्सली हमला हुआ था। जिसमें कांग्रेस के बड़े नेताओं और सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी। कांग्रेस पार्टी इसे राजनीतिक षड्यंत्र बता रही है तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी इसके पीछे कांग्रेस पार्टी को ही संदिग्ध बता रही है। बता दें कि मंगलवार को 10 साल से जांच कर रही एनआईए की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। जिसके बाद से झीरम घाटी नक्सली हमले पर सियासत तेज है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कोर्ट के फैसले के बाद सियासी जंग शुरु&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए की याचिका को खारिज कर दिया। इस दौरान एनआईए ने जांच पहले शुरू करने का हवाला देकर राज्य पुलिस के हस्तक्षेप को रोकने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसके बाद अब अब छत्तीसगढ़ की पुलिस झीरम नक्सली हमले के षड्यंत्र पर जांच कर सकती है। कोर्ट के फैसले के बाद सियासी जंग शुरु हो गई है। जिसमें कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियां एक दूसरे पर आरोप लगा रही हैं। वहीं बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने सीएम भूपेश बघेल पर निशाना साधा है और सीएम पर झीरम के सबूत छिपाने का आरोप भी लगाया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;अरुण साव ने सीएम बघेल पर लगाया आरोप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री रहते हुए यह अपराध किया। प्राकृतिक न्याय की अपेक्षा यही हो सकती है कि झीरम के सबूत छिपाने का अपराध करने वाले को भी जांच और पूछताछ के दायरे लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए भूपेश बघेल ने स्वयं यह कबूल किया है कि झीरम के सबूत उनके कुर्ते की जेब में हैं। तब उन्होंने 5 साल मुख्यमंत्री रहते हुए यह सबूत जांच एजेंसी को क्यों नहीं सौंपे। अरुण साव ने आगे कहा, भाजपा शुरु से ही यह कहती आ रही है कि झीरम मामले में कांग्रेस का चरित्र संदिग्ध है। झीरम हमले के चश्मदीद उनके कैबिनेट मंत्री ने क्यों इस मामले में न तो न्यायिक जांच आयोग के सम्मुख गवाही दी और न ही जांच एजेंसी को कोई सहयोग दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;कांग्रेस का बीजेपी पर पलटवार&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दूसरी तरफ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए एनआईए और बीजेपी पर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2013 में 6-7 मई को बस्तर ज़िले में रमन सिंह की विकास यात्रा निकली थी। जिसके लिए 1781 सुरक्षा कर्मी तैनात थे। जबकि उसी बस्तर ज़िले में 24-25 मई को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा निकली तो मात्र 138 सुरक्षा कर्मी तैनात रहे।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;रमन सिंह ने जनता से छिपाई बात&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;विनोद वर्मा ने यह भी सवाल किया कि दिसंबर 2016 में केंद्र की सरकार ने राज्य में सीबीआई जांच के अनुरोध को ठुकरा दिया और कह दिया कि एनआईए जांच ही काफी है। वहीं रमन सिंह ने दिसंबर 2018 तक छत्तीसगढ़ की जनता से यह बात छिपाए रखी थी। विनोद वर्मा ने आगे कहा कि अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि केंद्र की बीजेपी सरकार क्यों नहीं चाहती कि व्यापक राजनीतिक षड्यंत्र की जांच की जाए?&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhattisgarh : गंगाजल पर GST को लेकर मचा सियासी घमासान, CM बघेल और रमन सिंह आए आमने-सामने</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/politics/chhattisgarh-political-turmoil-over-gst-on-ganga-water-cm-baghel-and-raman-singh-came-face-to-face/</link><pubDate>October 13, 2023, 5:13 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/10/6-300x168.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>रायपुर। प्रदेश में सीएम बघेल ने यह दावा किया है कि केंद्र सरकार ने गंगाजल पर 18 फीसदी GST लगाया है। वहीं इस दावे को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने झूठा बताया है और सीएम भूपेश बघेल पर मां गंगा का अपमान करने का इल्ज़ाम भी लगाया है। गंगाजल पर गर...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; प्रदेश में सीएम बघेल ने यह दावा किया है कि केंद्र सरकार ने गंगाजल पर 18 फीसदी GST लगाया है। वहीं इस दावे को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने झूठा बताया है और सीएम भूपेश बघेल पर मां गंगा का अपमान करने का इल्ज़ाम भी लगाया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;गंगाजल पर गरमाई राजनीति&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले काफी सियासी घमासान मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह का गंगाजल पर जीएसटी (GST) लगाने को लेकर एक दूसरे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स वार जारी है. इस दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र की बीजेपी सरकार को हिंदू विरोधी बताते हुए बड़ा दावा किया है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है कि गंगाजल पर 18 फीसदी जीएसटी लगाया जा रहा है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;सीएम ने किया ट्वीट&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया हैन्डल एक्स पर एक पोस्ट करते हुए बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गंगाजल पर 18 प्रतिशत जीएसटी (GST) लगाने जा रही है अब इसकी आड़ में सीएम भूपेश बघेल ने बीजेपी को सनातन विरोधी बताते हुए जीएसटी लगाने के फैसले को वापस लेने की मांग की है. इसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि &amp;#8220;अब गंगाजल पर भी GST. क्या श्रद्धालु पूजा-पाठ न करें? उन्होंने आगे कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार की सोच तो ऐसी ही लग रही है. PM मोदी सरकार ने 4 दिन पहले गंगाजल पर 18 फीसदी GST लगाने का निर्णय किया है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;पूर्व मुख्यमंत्री ने लगाया सीएम पर आरोप&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;सीएम बघेल ने आगे कहा है कि इससे नकली रामभक्त, सनातन संस्कृति के महिमा मंडन का ढोंग करने वाले और गौमाता की रक्षा के नाम पर आतंक फैलाने वालों का चेहरा बेनकाब हो गया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जनभावनाओं का सम्मान करते हुए गंगाजल पर जीएसटी लगाने का निर्णय तत्काल वापस लें। वहीं दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने सीएम बघेल के दावे को झूठा बताया है। इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस पर मां गंगा का अपमान करने का भी इल्ज़ाम लगाया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या बोले पूर्व मुख्यमंत्री&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने सीएम भूपेश बघेल के दावे को गलत बताते हुए सीबीआईसी की एक पोस्ट शेयर किया है। इसमें बताया गया है कि गंगाजल का इस्तेमाल पूरे देश में लोगों के द्वारा पूजा के लिए किया जाता है। इसलिए पूजा सामग्री पर जीएसटी नहीं लगाई जाएगी। यहीं नहीं 14वें और 15वें जीएसटी काउंसिल की बैठक जो कि, 18 मई 2017 और 3 जून 2017 को हुई थी उसमें भी पूजा सामग्रियों पर जीएसटी लगाने को लेकर चर्चा की गई थी, लेकिन बैठक में पूजा सामग्री को जीएसटी से मुक्त रखने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने लिखा है कि &amp;#8220;दाऊ भूपेश बघेल आपको और कांग्रेस को सनातन से इतनी नफरत क्यों है? इसके आगे उन्होंने लिखा कि पहले तो गंगाजल की झूठी कसम खाकर सरकार बनाई और अब गंगाजल पर GST का भ्रम फैलाकर झूठ की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि राजनीति अपनी जगह है, पर इतना तो लिहाज करें कि अंतिम वक्त में सबको मां गंगा की शरण में ही जाना है। डॉ रमन सिंह ने कहा कि मां गंगा का अपमान करना बंद करिए नहीं तो आपके काले कारनामों के पाप गंगाजल से भी नही धुलेंगे।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
</content></item></channel></rss>