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       <title>Today छत्तीसगढ़ चुनाव परिणाम News | Latest छत्तीसगढ़ चुनाव परिणाम News | Breaking छत्तीसगढ़ चुनाव परिणाम News in English | Latest छत्तीसगढ़ चुनाव परिणाम News Headlines - Inkhabar</title>
        <description>आज का छत्तीसगढ़ चुनाव परिणाम समाचार:Today छत्तीसगढ़ चुनाव परिणाम News ,Latest छत्तीसगढ़ चुनाव परिणाम News,Aaj Ka Samachar ,छत्तीसगढ़ चुनाव परिणाम समाचार ,Breaking छत्तीसगढ़ चुनाव परिणाम News in Hindi, Latest News Headlines - Inkhabar</description>
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        <copyright>Chhattisgarh Inkhabar</copyright>
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        </image><item><title>Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ कांग्रेस को मिला एक और झटका, महंत राम सुंदर दास ने दिया इस्तीफा</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/election/chhattisgarh-congress-gets-another-blow-mahant-ram-sundar-das-resigns/</link><pubDate>December 14, 2023, 1:10 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/5-7.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार को पार्टी अभी भूली भी नहीं थी की एक और बड़ा झटका लगा है। इस दौरान बड़ी खबर आई है कि कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता महंत रामसुंदर दास ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे ...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर। &lt;/strong&gt;छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार को पार्टी अभी भूली भी नहीं थी की एक और बड़ा झटका लगा है। इस दौरान बड़ी खबर आई है कि कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता महंत रामसुंदर दास ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि महंत रामसुंदर दास को कांग्रेस ने इस बार रायपुर दक्षिण सीट से प्रत्याशी बनाया था। जहां महांत रामसुंदर को बीजेपी के बृजमोहन अग्रवाल से हार मिली। महंत रामसुंदर दास ने इस हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने 12 दिसंबर को ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को इस्तीफा भेज दिया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;2003 में विधायक निर्वाचित हुए&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि महंत रामसुंदर दास शिवरीनारायण मंदिर के मठाधीश हैं। उन्होंने बाल्याकाल से ही रायपुर के ऐतिहासिक दूधाधारी मठ में रहकर पढ़ाई की थी। यहां महंत वैष्णव दास के देहांत के बाद मठ के उत्तराधिकारी बन गए। इसके अलावा उनका पेशा कृषि है। महंत रामसुंदर दास, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के अध्यक्ष भी रहे और 2003 में वो पामगढ़ विधानसभा से पहली बार विधायक निर्वाचित हुए। जिसके बाद 2008 में जैजैपुर विधानसभा से दुसरी बार विधायक निर्वाचित हुए।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;खुद को बताया हार का जिम्मेदार &lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, महंत राम सुंदर दास ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रमुख को पत्र लिखते हुए कहा, कांग्रेस कमेटी और पदाधिकारियों ने बहुत विश्वास कर मुझे रायपुर दक्षिण विधानसभा का प्रत्याशी बनाया, लेकिन चुनाव परिणाम आशा के अनुरूप नहीं रहा और प्रदेश में सबसे ज्यादा वोटों के अंतर से इस सीट पर पराजय हुई है। इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मैं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र दे रहा हूं।&lt;/p&gt;



&lt;p&gt;&lt;/p&gt;
</content></item><item><title>Chhattisgarh Election 2023: कांग्रेस ने की छत्तीसगढ़ में हार की समीक्षा</title><link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/top-news/congress-reviewed-the-defeat-in-chhattisgarh/</link><pubDate>December 9, 2023, 3:53 pm</pubDate><image>wp-content/uploads/2023/12/5-5-300x169.png</image><category>चुनाव</category><excerpt>रायपुर। देश के तीनों राज्यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिली। जहां कांग्रेस को छत्तीसगढ़ में जीत की उम्मीद थी वहीं एग्जिट पोल ने भी कांग्रेस के हक में फैसला दिया था। लेकिन पासा ऐसा पलटा की तीन...</excerpt><content>
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रायपुर।&lt;/strong&gt; देश के तीनों राज्यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिली। जहां कांग्रेस को छत्तीसगढ़ में जीत की उम्मीद थी वहीं एग्जिट पोल ने भी कांग्रेस के हक में फैसला दिया था। लेकिन पासा ऐसा पलटा की तीनों ही राज्यों में बीजेपी की एंट्री हो गई। अब कांग्रेस के आलकमान की ओर से तीनों राज्यों में हार की समीक्षा की जा रही है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को बैठक की गई।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;खड़गे ने बताई वजह&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;दरअसल, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में ये बैठक की गई। जहां उन्होंने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार का जिम्मेदार भूपेश बघेल सरकार का अत्यधिक ग्रामीण फोकस, पार्टी में लंबे समय से चल रही अंदरुनी लड़ाई, बीजेपी की सांप्रदायिक लामबंदी को ठहराया। इस बार बीजेपी ने कांग्रेस के छोटे वोटों पर कब्जा किया।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;शहरी क्षेत्रों में हार का कारण&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;वहीं एआईसीसी अधिकारियों के मुताबिक 2018 में कांग्रेस का वोट शेयर 42 प्रतिशत था जबकि इस बार बीजेपी ने 13 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की है। इसके अलावा हिंदुत्व अभियान और जाति आधारित जनगणना पर पार्टी के जोर को भी जिम्मेदार ठहराया गया है। ये माना जा रहा है कि भूपेश बघेल सरकार का ग्रामीण फोकस करना शहरों में हार की वजह बना है।&lt;/p&gt;



&lt;h2 class=&quot;wp-block-heading&quot;&gt;&lt;strong&gt;90 में सिर्फ 35 सीटें बचा पाई पार्टी&lt;/strong&gt;&lt;/h2&gt;



&lt;p&gt;बता दें कि कांग्रेस को छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों में से सिर्फ 35 सीटें ही मिली हैं। जबकि बीजेपी के खेमे में 54 सीट आई हैं। मतगणना के बाद आए परिणामों ने कांग्रेस को पूरी तरह से चौंका दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि चुनाव से पहले ये दावे किए जा रहे थे कि कांग्रेस दोबारा से प्रदेश में सरकार बनाने जा रही है लेकिन नतीजे बीजेपी के पक्ष में आए।&lt;/p&gt;
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