रायपुर। आज नवरात्रि का चौथा दिन है। यह दिन मां कालरात्रि को समर्पित होता है। इस दिन मां कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा की जाती है। उन्हें अंधकार को मिटाने वाली देवी भी कहा जाता है। जिन लोगों के घरों में अष्टमी के दिन कन्या पूजन किया जाता है। वह लोग आज यानी 4 अप्रैल […]
रायपुर। आज नवरात्रि का चौथा दिन है। यह दिन मां कालरात्रि को समर्पित होता है। इस दिन मां कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा की जाती है। उन्हें अंधकार को मिटाने वाली देवी भी कहा जाता है। जिन लोगों के घरों में अष्टमी के दिन कन्या पूजन किया जाता है। वह लोग आज यानी 4 अप्रैल के दिन व्रत करते हैं।
ऐसा माना जाता है कि माता कालरात्रि की पूजा करने से सभी तरह की नकारात्मक शक्तियों का नाश होता हैं। मां कालरात्रि दुर्गा के शक्तिशाली स्वरूप में से एक हैं। मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना का खास महत्व होता है। मां कालरात्रि का स्वरूप बेहद उग्र है। ऐसी मान्यता है कि देवी की पूजा करने और व्रत करने से सभी प्रकार के भय का नाश होता है। जब धरती पर पाप बढ़ जाता है, तब वे पापियों को नाश करने के लिए अवतार लेती हैं। जो भक्त उनकी सच्चे दिल से पूजा करते हैं, उन पर मां कालरात्रि की कृपा हमेशा बनी रहती हैं और उन्हें अकाल मृत्यु का कोई भय नहीं रहता।
आज के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लेना चाहिए। स्नान करने के बाद मां कालरात्रि की प्रतिमा को स्थापित करना चाहिए। प्रतिमा के सामने दीप प्रज्वलित करना चाहिए। माता को रोली, फल, अक्षत, पुष्प आदि अर्पित करना चाहिए। इस दिन मां दुर्गा के साथ देवी कालरात्रि के स्वरूप का भी ध्यान करें। देवी को लाल रंग के फूल अधिक प्रिय होत हैं, इसलिए गुड़हल या गुलाब का फूल चढ़ाने से वह प्रसन्न होती हैं। माता को गुड़ का भोग लगाना चाहिए। इसके बाद दीप, धूप, पुष्प और नैवेद्य अर्पित करना चाहिए। मां काली के मंत्र का उच्चारण करें।