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                    <title><![CDATA[भूलकर भी घी से साथ ना खाएं ये 4 चीजें, नहीं तो होगी पेट की समस्या]]></title>
                    <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/dont-eat-these-4-things-with-ghee-even-by-mistake-otherwise-you-will-have-stomach-problems/</link>
                    <description><![CDATA[रायपुर। घी हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। घी में कई तरह के पोषक तत्व हैं जो हमारे शरीर के लिए जरूरी माने जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ चीजों के साथ घी को खाना आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। यह फायदे के बदले आपको नुकसान करेंगा [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-38.jpg"/><strong>रायपुर।</strong> घी हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। घी में कई तरह के पोषक तत्व हैं जो हमारे शरीर के लिए जरूरी माने जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ चीजों के साथ घी को खाना आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। यह फायदे के बदले आपको नुकसान करेंगा तो चलिए जानते हैं घी का सेवन किन-किन चीजों के साथ नहीं करना चाहिए।
<h2><strong>शहद</strong></h2>
घी और शहद दोनों ही सेहत के लिए लाभाकारी मानने जाते है लेकिन हमारे आयुर्वेद में दोनों को एक साथ खाने की मनाही होती है। दोनों को साथ में खाने से शरीर में टॉक्सिन बनता है, जिसका असर हमारे डाइजेशन पर पड़ता है। ऐसे में दोनों को अपनी डाइट में शामिल तो करना चाहिए पर अलग-अलग समय में। । दोनों का सेवन रोज तो करना चाहिए पर अलग समय अंतराल पर।
<h3><strong>चाय</strong></h3>
चाय या कॉफी में कभी भी घी मिलाकर नहीं पीना चाहिए। चाय और घी को साथ में मिलाकर पीने से आपकी सेहत को नुकसान हो सकता है। इसका असर हमारे पाचन पर पड़ता है। चाय- कॉफी को घी के साथ मिलाकर पीने से पेट में एसिडीटी हो सकती है। साथ ही दोनों को एक साथ पीने पर ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है।
<h3><strong>मछली</strong></h3>
हमारे आयुर्वेद में घी और मछली को एक साथ खाना गलत बताया गया है। आयुर्वेद में बताया है कि घी की तासीर गर्म और मछली की तासीर ठंडी होती है। जब दोनों को एक साथ खाने पर स्किन प्रॉब्लम हो सकती है। यहीं कारण है कि दोनों को कभी भी एक साथ नहीं खाना चाहिए। घी और मछली को साथ में खाने से पेट में दर्द भी हो सकता है।
<h3><strong>दही</strong></h3>
घी और दही दोनों ही दूध से बनाए जाते हैं, लेकिन फिर भी दोनों को एक साथ नहीं खाना चाहिए। दोनों ही तासीर बहुत अलग होती है। जहां, घी को गर्म और ऑयली माना जाता है तो वहीं दही को ठंडा और भारी माना गया है। दोनों को साथ खाने से पेट में खाना सही से पचता नहीं है। साथ ही पेट में कब्ज और पेट दर्द की समस्या हो सकती है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 30, 2025, 3:22 pm</pubDate>
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                    <title><![CDATA[क्या आपके सिर में भी होता है तेज दर्द, जानें इसके पीछे की वजह]]></title>
                    <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/do-you-also-have-severe-headache-know-the-reason-behind-it/</link>
                    <description><![CDATA[रायपुर। क्या आपके सिर में भी हमेशा दर्द रहता है? ये दिक्कत किसी को भी हो सकती है। आमतौर पर सिरदर्द के लिए तनाव, नींद की कमी, और डिहाइड्रेशन को कारण माना जाता है। कई बार तेज धूप के कारण भी सिरदर्द होता है, लेकिन कई बार सिरदर्द ज्यादा होने पर यह गंभीर बीमारी बन [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-38.jpg"/><strong>रायपुर।</strong> क्या आपके सिर में भी हमेशा दर्द रहता है? ये दिक्कत किसी को भी हो सकती है। आमतौर पर सिरदर्द के लिए तनाव, नींद की कमी, और डिहाइड्रेशन को कारण माना जाता है। कई बार तेज धूप के कारण भी सिरदर्द होता है, लेकिन कई बार सिरदर्द ज्यादा होने पर यह गंभीर बीमारी बन सकता है। इन सिरदर्द के पीछे की वजह जानना जरूरी होता है। आइए जानते हैं कि किन वजहों से सिर में दर्द होता है।
<h2><strong>विटामिन बी की कमी</strong></h2>
अगर आपको बार-बार सिर में दर्द होता है, तो ये होमोसिस्टीन नामक एमिनो एसिड के कारण हो सकता है। होमोसिस्टीन यौगिक शरीर में प्राकृतिक रूप से बनता है। इसका उच्च स्तर कई बार सिरदर्द का कारण बनता है। विटामिन बी की कमी होमोसिस्टीन के स्तर को बढ़ाती है। यही कारण है कि सिरदर्द के मरीजों को विटामिन बी युक्त चीजें खाने को कहा जाता है।
<h3><strong>विटामिन डी की कमी</strong></h3>
विटामिन-डी हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी माना जाता है। विटामिन डी कैल्शियम के अवशोषण, हड्डियों को मजबूत करने और न्यूरोलॉजिकल कार्यों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक अध्ययन में पता चला है कि विटामिन-डी की कमी वाले लोगों में क्रॉनिक टेंशन होता है, जो सिरदर्द और माइग्रेन का कारण बनता है। इसके लिए जरूरी है कि आप सूरज की रोशनी लें।
<h3><strong>फोलिक एसिड और मैग्नीशियम की कमी</strong></h3>
सिरदर्द होने का एक कारण फोलिक एसिड या मैग्नीशियम की कमी भी हो सकता है। फोलिक एसिड और मैग्नीशियम की कमी से भी माइग्रेन की दिक्कत हो सकती है। फोलिक एसिड की कमी से निमोनिया भी होता है, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पाती, जिसके कारण सिरदर्द होता है। इसी तरह जिन लोगों में मैग्नीशियम की कमी रहती है,उन्हें भी सिरदर्द की शिकायत रहती है। अध्ययन से पता चलता है कि जिन लोगों को डॉक्टर्स ने मैग्नीशियम के सप्लीमेंट्स दिए, उनमें माइग्रेन और अन्य प्रकार के सिरदर्द का खतरा कम पाया गया।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 30, 2025, 3:22 pm</pubDate>
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                    <title><![CDATA[किडनी को रखना है स्वस्थ तो प्रतिदिन पिएं 4 जूस, खत्म होगी सारी बीमारी]]></title>
                    <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/if-you-want-to-keep-your-kidneys-healthy-drink-4-juices-every-day-all-your-diseases-will-be-cured/</link>
                    <description><![CDATA[रायपुर। किडनी हमारे शरीर का एक बहुत ही जरूरी अंग है। किडनी खून को फिल्टर करने का काम करती है, जिससे शरीर में मौजूद गंदगी और विषैले पदार्थ यूरिन के जरिए बाहर निकलते हैं। साथ ही यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित रखती है। अगर किडनी सही तरीके से काम न करे, तो शरीर में [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-38.jpg"/><strong>रायपुर।</strong> किडनी हमारे शरीर का एक बहुत ही जरूरी अंग है। किडनी खून को फिल्टर करने का काम करती है, जिससे शरीर में मौजूद गंदगी और विषैले पदार्थ यूरिन के जरिए बाहर निकलते हैं। साथ ही यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित रखती है। अगर किडनी सही तरीके से काम न करे, तो शरीर में टॉक्सिंस जमा होने लगते हैं, जिससे कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे हेल्दी जूस के बारे में जो आपकी किडनी को स्वस्थ रखने का काम करते हैं।
<h2><strong>क्रैनबेरी जूस</strong></h2>
क्रैनबेरी जूस किडनी के लिए काफी लाभकारी होता है। इसमें कई तरह के पोषक तत्व होते हैं जो किडनी को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। साथ ही क्रैनबेरी जूस किडनी को साफ करता है। इसे नियमित खाली पेट पीने से यूरिन इन्फेक्शन और किडनी स्टोन जैसी बीमारियां नहीं होती हैं।
<h3><strong>सेब का जूस</strong></h3>
सेब का जूस भी किडनी केलिए फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का काम करता है। सेब का जूस किडनी को अंदर से साफ करने में सहायक होता है। रोज खाली पेट इसके सेवन से किडनी से जुड़ी कई बीमारियां दूर हो जाती हैं। सुबह खाली पेट इसका सेवन करना किडनी को बेहतर काम करने के योग्य बनाता है।
<h3><strong>अनानास का जूस</strong></h3>
अनानास का जूस किडनी की कार्यक्षमता को बेहतर करने में सहायक होता है। यह शरीर में मौजूद हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने का काम करता है। किडनी स्टोन या सूजन जैसी समस्याओं में राहत देता है। खाली पेट इसके सेवन से किडनी बेहतर काम करती है।
<h3><strong>तरबूज का जूस</strong></h3>
तरबूज एक पानी वाला फल है। इसमें भरपूर मात्रा में पानी होता है, जिससे किडनी हाइड्रेटेड रहती है। साथ ही तरबूज का जूस डिटॉक्स रखने में लाभकारी होता है। इसमें मौजूद लाइकोपीन नामक तत्व किडनी की सूजन कम करने में मददगार होता है। गर्मियों में इसका सेवन किडनी के लिए फायदेमंद है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 30, 2025, 3:22 pm</pubDate>
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                    <title><![CDATA[गर्मियों में इस्तेमाल करें चुकंदर से बने ये 3 फेस मास्क, त्वचा बनेगी हेल्दी और ग्लोइंग]]></title>
                    <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/use-these-3-face-masks-made-of-beetroot-in-summer-your-skin-will-become-healthy-and-glowing/</link>
                    <description><![CDATA[रायपुर। गर्मी के मौसम में त्वचा का खास ध्यान रखना होताहै। इस मौसम में त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है। ऐसे में कुछ मास्क हैं जिनका इस्तेमाल करके हम त्वचा को निखार सकते हैं। यह मास्क नेचुरल होते हैं। साथ ही इनके इस्तेमाल से स्किन को किसी तरह की हानि नहीं होती। अगर आप [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-38.jpg"/><strong>रायपुर।</strong> गर्मी के मौसम में त्वचा का खास ध्यान रखना होताहै। इस मौसम में त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है। ऐसे में कुछ मास्क हैं जिनका इस्तेमाल करके हम त्वचा को निखार सकते हैं। यह मास्क नेचुरल होते हैं। साथ ही इनके इस्तेमाल से स्किन को किसी तरह की हानि नहीं होती। अगर आप भी नेचुरल तरीके से अपनी स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग रखना चाहते हैं, तो यहां चुकंदर से बने इन फेस मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन फेस मास्क के फायदे।
<h2><strong>चुकंदर और दही का मास्क</strong></h2>
दही में लैक्टिक एसिड होता है, जो डेड स्किन सेल्स को हटाने और त्वचा को निखारने का काम करता है। चुकंदर त्वचा को गुलाबी ग्लो देने का काम करता है। चुकंदर और दही स्किन को अंदर से मॉइश्चराइज करने का काम करते हैं। चुकंदर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। चुकंदर और दही का फेस मास्क त्वचा को चमकदार बनाने और टैनिंग को कम करने में सहायक होता है।
<h3><strong>चुकंदर और शहद का मास्क</strong></h3>
गर्मी के मौसम में त्वचा को सुंदर और मुलायम बनाने के लिए चुकंदर और शहद के फेस मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह फेस मास्क त्वचा को एंटी-एजिंग प्रभाव देता है। चुकंदर का रस स्किन टोन को इवन करने में मदद करता है तो वहीं शहद त्वचा को चमकदार बनाता है। चुकंदर टैनिंग को भी कम करता है। चुकंदर में मौजूद विटामिन सी त्वचा को सुंदर बनाने के लिए जरूरी होता है। शहद त्वचा को हाइड्रेट करता है और उसे मुलायम बनाता है, जिससे त्वचा चमकदार और हेल्दी दिखती है।
<h3><strong>चुकंदर और बेसन का मास्क</strong></h3>
बेसन स्किन को डीप मॉइश्चराइज करता है। चुकंदर का रस त्वचा को फ्रेश और ग्लोइंग बनाने का काम करता है। चुकंदर और बेसन का फेस मास्क त्वचा को अंदर से साफ करता है। इस फेस मास्क के इस्तेमाल से मुंहासे कम होते हैं।गर्मी के मौसम में इस फेस मास्क से त्वचा को बेहतरीन चमक मिलती है। बेसन एक प्राकृतिक क्लींजर होता है, जो त्वचा से गंदगी, अशुद्धियां और अतिरिक्त तेल को हटाने में मदद करता है। बेसन में एक्सफोलिएटिंग गुण होते हैं जो चेहरे से डेड स्किन हटाते हैं।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 30, 2025, 3:22 pm</pubDate>
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                    <title><![CDATA[पर्याप्त नींद न लेना बन सकता है मौत का कारण, जानिए इसके लक्षण]]></title>
                    <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/lack-of-adequate-sleep-can-be-the-cause-of-death-know-its-symptoms/</link>
                    <description><![CDATA[रायपुर। आजकल के समय में अच्छी नींद एक बड़ी समस्या बन गई है। देर तक काम करने, मोबाइल देखने, टीवी देखने या लैपटॉप पर काम करने की वजह से लोग पर्याप्त नींद नहीं ले पा रहे हैं, जिसके कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक हर व्यक्ति को 7 से [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-38.jpg"/><strong>रायपुर।</strong> आजकल के समय में अच्छी नींद एक बड़ी समस्या बन गई है। देर तक काम करने, मोबाइल देखने, टीवी देखने या लैपटॉप पर काम करने की वजह से लोग पर्याप्त नींद नहीं ले पा रहे हैं, जिसके कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक हर व्यक्ति को 7 से 8 घंटे जरूर सोना चाहिए।
<h2><strong>नींद की कमी के कारण</strong></h2>
पर्याप्त नींद न लेने के कारण शरीर में हार्मोनल असंतुलन, प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर होना और हृदय रोग और मधुमेह का खतरा बढ़ सकता है। देर तक काम करने, मोबाइल देखने, टीवी देखने या लैपटॉप पर काम करने की वजह से लोग पर्याप्त नींद नहीं ले पाते हैं। जिसके कारण कई तरह की समस्याएं होती हैं, जैसे हृदय रोग, किडनी रोग, उच्च रक्तचाप आदि। कई सूत्रों से पता चलता है कि सही समय पर पर्याप्त नींद लेना मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक स्वास्थ्य, जीवन की गुणवत्ता और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होता है।
<h3><strong>नींद की कमी से होने वाली समस्या</strong></h3>
नींद की कमी से मोटापा बढ़ जाता है। नींद की कमी से संक्रमण से लड़ने में शरीर की क्षमता कम हो सकती है। नींद की कमी से शरीर में हार्मोनल असंतुलन हो जाता है। हृदय रोग: नींद की कमी से हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। मधुमेह लगातार नींद की कमी से टाइप 2 मधुमेह का खतरा हो सकता है। पूरी नींद न लेने से मोटापा और अवसाद जैसी समस्याएं होती हैं।
<h3><strong>नींद पूरी न होने के लक्षण</strong></h3>
पूरी नींद न होने के कारण बच्चे खेलकूद और पढ़ाई में सक्रिय नहीं हो पाते हैं। साथ ही किसी भी काम में मन नहीं लगता। जिनकी नींद पूरी नहीं होती,वे लोग ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते। नींद पूरी न होने पर चिड़चिड़ाहट उत्पन्न होती है। साथ ही पर्याप्त नींद पूरी न होने से लोगों में रोना और गुस्सा जैसी भावनाएं उत्पन्न होती हैं। जिनकी नींद पूरी नहीं होती, वे छोटी-छोटी बातों पर भड़क जाते हैं। पर्याप्त नींद न होने पर उनकी प्रतिक्रिया भी तेज होती है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 30, 2025, 3:22 pm</pubDate>
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                    <title><![CDATA[गर्मी के मौसम में इस्तेमाल करें ये स्किन केयर रूटीन, रहेंगी फ्रेश और ग्लोइंग]]></title>
                    <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/use-this-skin-care-routine-in-summer-season-you-will-stay-fresh-and-glowing/</link>
                    <description><![CDATA[रायपुर। गर्मी का मौसम शुरू हो गया है। गर्मी के मौसम से सबसे ज्यादा असर हमारी स्किन पर पड़ता है। गर्मी के मौसम में पसीना और धूल-मिट्टी से चेहरा बेजान और रुखा हो जाता है, जिससे समय से पहले बूढ़े दिखने लगते हैं। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि गर्मियों में आपकी स्किन हेल्दी [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-38.jpg"/><strong>रायपुर।</strong> गर्मी का मौसम शुरू हो गया है। गर्मी के मौसम से सबसे ज्यादा असर हमारी स्किन पर पड़ता है। गर्मी के मौसम में पसीना और धूल-मिट्टी से चेहरा बेजान और रुखा हो जाता है, जिससे समय से पहले बूढ़े दिखने लगते हैं। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि गर्मियों में आपकी स्किन हेल्दी और ग्लोइंग रहे, तो आपको अपने स्किन केयर रूटीन में बदलाव करना होगा। आइए जानते हैं कैसे रख सकते हैं स्किन को ग्लोइंग और सुंदर
<h2><strong>ऑयल-फ्री फेसवॉश</strong></h2>
गर्मियों में चेहरे पर पसीना और धूल-मिट्टी से कील-मुंहासे की समस्या हो जाती है। ऐसे में आपको ऑयल-फ्री फेसवॉश का इस्तेमाल करना चाहिए। ऑयल-फ्री फेसवॉश स्किन से एक्सट्रा ऑयल हटाकर चेहरे को लंबे समय तक साफ रखता है। साथ ही इसके इस्तेमाल से आपको फ्रेश महसूस होता है।
<h2><strong>मॉइश्चराइजर लगाएं</strong></h2>
गर्मियों में सूखी हवा चलने से स्किन काफी ड्राई हो जाती है, जिससे चेहरा रुखा लगता है। ऐसे में मॉइश्चराइजर की ज्यादा जरूरत पड़ती है। गर्मियों के मौसम में चेहरे के रुखेपन से बचाने के लिए मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करना चाहिए। ध्यान रखें इस मौसम में पहले से ही नमी रहती है इसलिए हैवी मॉइश्चराइजर न लगाएं।
<h2><strong>सनस्क्रीन लगाएं</strong></h2>
सूरज की तेज किरणें स्किन को डैमेज कर देती है, हैं, जिससे टैनिंग और पिगमेंटेशन की समस्या होती है। इससे बचने के लिए आपको चेहरे पर सनस्क्रीन लगाना चाहिए। सनस्क्रीन लगाने से आपका चेहरा सूरज की हानिकारक किरणों से बचा रहता है। ध्यान रहेंरखें कि सनस्क्रीन कम से कम SPF 30 वाली होनी चाहिए।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 30, 2025, 3:22 pm</pubDate>
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                    <title><![CDATA[गर्मियों के मौसम में रखें सेहत का खास ध्यान, डाइट में शामिल करें ये 4 हाइड्रेटिंग फूड्स]]></title>
                    <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b8%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a4%96%e0%a5%87%e0%a4%82/</link>
                    <description><![CDATA[रायपुर। गर्मियों का मौसम आ गया है। अब गर्मियों की चिलचिलाती धूप और उमस लोगों को परेशान करेगी। गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन सबसे बड़ी समस्या होती है। ऐसे में शरीर को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि गर्मियों में पसीने के रूप में शरीर से जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स निकलते हैं। जिस वजह से इसका [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-38.jpg"/><strong>रायपुर।</strong> गर्मियों का मौसम आ गया है। अब गर्मियों की चिलचिलाती धूप और उमस लोगों को परेशान करेगी। गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन सबसे बड़ी समस्या होती है। ऐसे में शरीर को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि गर्मियों में पसीने के रूप में शरीर से जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स निकलते हैं। जिस वजह से इसका असर हमारी सेहत पर पड़ता है।
<h2><strong>गर्मियों के 4 फूड आइटम्स</strong></h2>
शरीर में पानी की कमी से थकान, कमजोरी, चक्कर आना और पेट की समस्याएं जैसी परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे में हमें अपने भोजन में फूड आइटम्स को शामिल करना होगा जो शरीर में पानी की कमी को पूरा करते हैं। आज हम आपको ऐसे ही कुछ फूड आइटम के के बारे में बताएंगे जो आपको फ्रेश और एनर्जेटिक महसूस कराएंगे।
<h2><strong>खीरा</strong></h2>
खीरा में 95 फीसदी पानी होता है। यह गर्मियों के मौसम में पानी की कमी को पूरा करता है। आमतौर पर इसे सलाद के रूप में खाया जाता है। खीरा स्वाद में भी हल्का और ताजगी भरा होता है। गर्मियों के मौसम में यह शरीर को ठंडक देने का काम करता है। इसके साथ ही बॉडी को हाइड्रेटेड भी रखता है। इसमें कैलोरी कम और न्यूट्रिएंट्स ज्यादा होते हैं।
<h2><strong>पुदीना</strong></h2>
गर्मियों के मौसम में पुदीना एक नैचुरल कूलिंग एजेंट की तरह काम करता है। पुदीने में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं। साथ ही पुदीना गर्मी में होने वाली पेट की समस्याओं को दूर करता है। पुदीना गर्मी के मौसम में ठंडक मिलती है। पुदीने के इस्तेमाल से शरीर को ताजगी का एहसास होता है।
<h2><strong>नारियल पानी</strong></h2>
नारियल पानी एक नैचुरल हाइड्रेटिंग ड्रिंक है। गर्मियों में जब शरीर से पसीने के जरिए इलेक्ट्रोलाइट्स निकलते हैं, तो नारियल पानी इनकी पूर्ति करने का काम करता है। नारियल पानी का सेवन शरीर को फिर से ऊर्जा प्रदान करने में सहायक होता है। नारियल पानी से पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और सोडियम जैसे पोषक तत्व मिलते हैं।
<h2><strong>दही</strong></h2>
दही एक सुपरफूड है, जो शरीर को अंदर से ठंडक देता है। साथ ही पाचन में भी सुधार लाता है। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स इम्युनिटी बढ़ाने का काम करते हैं। दही गर्मी के मौसम में पेट को हेल्दी बनाए रखताहै। गर्मी के मौसम में दही को रायता, लस्सी के रूप में अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 30, 2025, 3:22 pm</pubDate>
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                    <copyright>Inkhabar</copyright>
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                  </item><item>
                    <title><![CDATA[कई औषधीय गुणों से भरपूर है ये फूल, सिर से लेकर पेट तक की बीमारी होगी छू मंतर]]></title>
                    <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/this-flower-is-full-of-medicinal-properties-diseases-from-head-to-stomach-will-vanish/</link>
                    <description><![CDATA[रायपुर। देवी-देवताओं के प्रिय फूलों में से एक गुड़हल का फूल। इस में कई औषधीय गुण होते हैं। अपने औषधीय गुणों से भरपूर होने के कारण इसे कई तरह की बीमारियों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है। गुड़हल का फूल शरीर के कई रोगों को दूर करने में भी सक्षम है। आइए जानते [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-38.jpg"/><strong>रायपुर।</strong> देवी-देवताओं के प्रिय फूलों में से एक गुड़हल का फूल। इस में कई औषधीय गुण होते हैं। अपने औषधीय गुणों से भरपूर होने के कारण इसे कई तरह की बीमारियों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है। गुड़हल का फूल शरीर के कई रोगों को दूर करने में भी सक्षम है। आइए जानते हैं, कि इस पौधे को घर में लगाने से क्या-क्या फायदे हो सकते हैं?
<h2><strong>डैंड्रफ की समस्या</strong></h2>
आयुर्वेद में गुड़हल के पौधे को जपा नाम से भी जाना जाता है, पाठ पूजा के अलावा इन फूलों को कई रोगों के इलाज में भी इस्तेमाल किया जाता है। बता दें, आयुर्वेद के अनुसार गुड़हल के फूलों की लुगदी बनाकर बालों में लगाने से डैंड्रफ की समस्या से जड़ से छुटकारा मिलता है और बालों में चमक बढ़तीहै। इसके साथ ही गुड़हल के फूलों को आंवला के चूर्ण में मिलाकर बालों में लगाने से बाल लंबे समय तक काले और घने रहते हैं। इससे व्यक्ति फूलों की तरह खिला हुआ और आरामदायक महसूस करता है।
<h2><strong>अनिद्रा की बीमारी</strong></h2>
गुड़हल के पौधे से नींद न आने की समस्या भी दूर होती है। आयुर्वेद के अनुसार, गुड़हल के फूलों का शर्बत बनाकर पीने से नींद न आने कीसमस्या दूर होती है। वहीं जिन लोगों को मीठा पसंद है, वह मिश्री के साथ फूलों का शर्बत बनाकर पी सकतेहैं। हालांकि शर्बत बनाते समय केवल ताजे और खिले फूलों का ही उपयोग करें। इसके अच्छी नींद आने के साथ व्यक्ति तनावरहित महसूस करेगा।
<h2><strong>खून की कमी</strong></h2>
इसके साथ ही यह महिलाओं में होने वाली ल्यूकोरिया की समस्या को भी दूर करता है। बता दें, गुड़हल की कली को पीसकर सुबह-शाम नियमित रूप से उसे पीने से ल्यूकोरिया की समस्या से आराम मिलता है। इसके साथ-साथ पीरियड्स के कारण जिन महिलाओं में खून की कमी हो जाती है, इसे पीने से उनके शरीर में खून की कमी दूर होती है और कई समस्याओं से छुटकारा मिलता है।
<h2><strong>कब्ज की समस्या</strong></h2>
पेट साफ न होने के कारण व्यक्ति के मुंह में अक्सर छाले हो जाते हैं, जिससे कुछ भी खा पाना मुश्किल हो जाता है। इस दौरान गुड़हल की जड़ का सेवन करने से मुंह के छाले में आराम मिलता है। जड़ को अच्छे से साफ करने के बाद उसके छोटे-छोटे टुकड़ों को पान की तरह चबाने से मुंह के छाले के ठीक होने के साथ-साथ कब्ज की समस्या भी दूर होती है। वहीं बुखार, खांसी और जुकाम में गुड़हल के पत्तों का काढ़ा बनाने से व्यक्ति की इम्युनिटी में सुधार आता है और स्वास्थ्य में सुधार आता है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 30, 2025, 3:22 pm</pubDate>
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                  </item><item>
                    <title><![CDATA[गर्मियों में चेहरे में चमक लाने के लिए इस्तेमाल करें आइस क्यूब, चिपचिपी त्वचा से मिलेगा छुटकारा]]></title>
                    <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/use-ice-cubes-to-bring-glow-to-your-face-in-summer-you-will-get-rid-of-sticky-skin/</link>
                    <description><![CDATA[रायपुर। आइस फेशियल या स्किन आइसिंग से हमारी स्किन को कई तरह के फायदे भी मिलते हैं। स्किन आइसिंग की खास बात है कि इसे किसी भी समय किया जा सकता है। स्किन आइसिंग में बर्फ को चेहरे पर रगड़ना या बर्फ वाले पानी में चेहरे को डुबोना होता है। आइस फेशियल से चेहरे के [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-38.jpg"/><strong>रायपुर।</strong> आइस फेशियल या स्किन आइसिंग से हमारी स्किन को कई तरह के फायदे भी मिलते हैं। स्किन आइसिंग की खास बात है कि इसे किसी भी समय किया जा सकता है। स्किन आइसिंग में बर्फ को चेहरे पर रगड़ना या बर्फ वाले पानी में चेहरे को डुबोना होता है। आइस फेशियल से चेहरे के पिंपल्स कम होते है। साथ ही यह स्किन टोन को भी सुधारता है। जिन लोगों की आंखों के नीचे पफीनेस होता है, उससे भी दूर करता है। चलिए जानते हैं कि आइस फेशियल को किन-किन तरीकों से आप घर पर ही कर सकते हैं।

<img class="" src="https://ayurbiotec.com/wp-content/uploads/2019/02/aloe-vera-cubes-300x200.jpg" alt="Aloevera Cubes / Pulp – Welcome To Ayur Biotech" width="790" height="526" />
<h2><strong>एलोवेरा आइस क्यूब</strong></h2>
एलोवेरा में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण आपकी स्किन में सूजन और जलन को कम करने का काम करते हैं। इसकी कूलिंग प्रॉपर्टीज स्किन की इरिटेशन, रेडनेस, सनबर्न और एलर्जी रिएक्शन से राहत देने का काम करती हैं। इसके एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज चेहरे में होने वाले दाग-धब्बे और पिंपल्स को कम करते हैं। एलोवेरा स्किन को हाइड्रेट करने का भी काम करता है।

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&nbsp;
<h2><strong>ग्रीन टी आइस क्यूब</strong></h2>
ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट होता हैं, जो चेहरे की सूजन को कम करने का काम करते हैं। ग्रीन टी आइस क्यूब भी एक्ने को कम करने में सहायक होती है। साथ ही ग्रीन टी आइस क्यूब स्किन को ब्राइट करती है। स्किन ग्रीन टी में मौजूद गुण स्किन टोन में सुधार लाते हैं। साथ ही, गर्मियों के मौसम में यह स्किन को हाइड्रेट भी करती है। चेहरे को एक्सफोलिएट कर डेड स्किन सेल्स को हटाने के लिए ग्रीन टी आइस का इस्तेमाल किया जाता है।

<img class="" src="https://www.livehindustan.com/lh-img/uploadimage/library/2022/05/28/16_9/16_9_1/ice_cubes__1653708781.jpg" alt="Skin Care With Ice Cubes: दमकती-ग्लोइंग स्किन के लिए इस्तेमाल करें बर्फ, इस तरह बनाएं आइस क्यूब Skin Care With Ice Cubes how to make different ice cubes for glowing skin, लाइफस्टाइल -" width="781" height="440" />
<h2><strong>खीरा आइस क्यूब</strong></h2>
खीरे में 95% पानी होता है, जो स्किन को हाइड्रेट रखने का काम करता है। खीरा आइस क्यूब का इस्तेमाल करने से चेहरे को ठंडक भी मिलती है। खीरा आइस क्यूब से स्किन के इंफ्लेमेशन को कम करने में मदद मिलती है। यह स्किन को फ्रेश और ग्लोइंग भी बनाता है।

<img class="alignnone wp-image-13273" src="https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/04/Clipboard-2025-04-05T140347.085-300x193.jpg" alt="" width="776" height="499" />
<h2><strong>नींबू आइस क्यूब</strong></h2>
नींबू में विटामिन C होता है, जो स्किन के दाग-धब्बों को कम करता है। नींबू आइस क्यूब से पिगमेंटेशन को कम करने में मदद मिलती है। नींबू में एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज होती हैं, जो स्किन को हेल्दी रखने में मदद करती हैं। साथ ही नींबू आइस क्यूब स्किन के pH लेवल को मेंटेन रखती हैं। गर्मी के मौसम नींबू आइस क्यूब के इस्तेमाल से चेहरा फ्रेश रहता है। साथ ही चेहरे में अलग सी चमक आती है।

आइस फेशियल करने से पहले आप अपने जनरल डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह जरूर लें ताकि यह कन्फर्म हो सके कि ये तरीका आपके लिए कारगर साबित होगा या नहीं।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 30, 2025, 3:22 pm</pubDate>
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                    <copyright>Inkhabar</copyright>
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                  </item><item>
                    <title><![CDATA[क्या आपको भी खाना खाने के बाद आती है खट्टी डकारें, तो अपनाएं ये आसान उपाए]]></title>
                    <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/do-you-also-get-sour-burps-after-eating-food-then-adopt-these-easy-remedies/</link>
                    <description><![CDATA[रायपुर। कई बार ऐसा होता है जब आप कुछ ऑयली खाना खाते हैं तो पेट में कुछ हैवी सा लगने लगता है। ऑयली या ज्यादा मसाले वाला खाना खाने से कई बार एसिडिटी हो जाती है। इस समस्या से बचने के लिए आपको कुछ ऐसे उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे आप [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-38.jpg"/><strong>रायपुर।</strong> कई बार ऐसा होता है जब आप कुछ ऑयली खाना खाते हैं तो पेट में कुछ हैवी सा लगने लगता है। ऑयली या ज्यादा मसाले वाला खाना खाने से कई बार एसिडिटी हो जाती है। इस समस्या से बचने के लिए आपको कुछ ऐसे उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे आप लाइट फील करेंगे। आइए जानते हैं इन तरीकों के बारे में-
<h2><strong>पुदीने का इस्तेमाल करें</strong></h2>
बहुत ज्यादा हैवी खाने के बाद हल्का महसूस करने के लिए आप पुदीना का इस्तेमाल कर सकते है। पुदीने में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने का काम करते हैं। साथ ही यह भारीपन और असहजता की समस्या को कम करते हैं। पुदीना पेट को ठंडा रखने का भी काम करता है।
<h2><strong>नीबूं पानी का सेवन करें</strong></h2>
बहुत ज्यादा हैवी खाने के बाद हल्का महसूस करने का एक प्रभावी तरीका है नींबू पानी। नींबू पानी में विटामिन सी होता है, जो खाने को पचाने में मदद करता है। हैवी खाना खाने के बाद होने वाले भारीपन और असहजता की समस्या को भी कम करता है।
<h2>ज्यादा पानी पिएं</h2>
कई बार ऐसा होता है कि हम कुछ हैवी खा लेते हो जिससे हमें खट्टी डकारे आने लगती है। इसका एक उपाय है कि आप ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। पानी पीने से खाना पचने में आसानी होती है। आपका खाना जितनी जल्दी पचेगा उतना ही आप बेहतर महसूस करेंगे। पानी खट्टी डकार की समस्या को भी कम करता है।
<h2><strong>एक्सरसाइज करें</strong></h2>
अगर आपने कुछ भारी खाना खा लिया है और आपको असहज महसूस हो रहा है तो आप इसके लिए एक्सरसाइज कर सकते है। एक्सरसाइज करने से खाने को पचाने में मदद मिलती है। एक्सरसाइज करने से आपका आंते सही से काम करती है और खाना जल्दी पचता है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 30, 2025, 3:22 pm</pubDate>
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                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[बदलते मौसम से बढ़ सकती है डैंड्रफ की समस्या, घरेलू उपायों के इस्तेमाल से करें जड़ से खत्म]]></title>
                    <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/the-problem-of-dandruff-can-increase-due-to-changing-weather-eliminate-it-from-the-roots-by-using-home-remedies/</link>
                    <description><![CDATA[रायपुर। बदलते मौसम मौसम का असर केवल शरीर पर ही नहीं, बल्कि बालों पर भी पड़ता है। सर्दियां खत्म हो गईं तो अब गर्मी का मौसम शुरू हो गया है। बदलते मौसम से बालों में डैंड्रफ की समस्या बढ़ गई है। वहीं गर्मी में स्कैल्प का ऑयली होना भी आम है। लेकिन कई बार डैंड्रफ [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-38.jpg"/><strong>रायपुर।</strong> बदलते मौसम मौसम का असर केवल शरीर पर ही नहीं, बल्कि बालों पर भी पड़ता है। सर्दियां खत्म हो गईं तो अब गर्मी का मौसम शुरू हो गया है। बदलते मौसम से बालों में डैंड्रफ की समस्या बढ़ गई है। वहीं गर्मी में स्कैल्प का ऑयली होना भी आम है। लेकिन कई बार डैंड्रफ की समस्या इतनी बढ़ जाती है कि ऑयली स्कैल्प, खुजली और हेयर फॉल जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
<h2><strong>इन चीजों का करें इस्तेमाल</strong></h2>
ऐसे में डैंड्रफ को जड़ से खत्म करना जरूरी है। आजकल बाजार में महंगे हेयर केयर प्रोडक्ट्स भी डैंड्रफ से पूरी तरह से छुटकारा दिलाने में असफल रहते हैं, लेकिन अगर कोई व्यक्ति नेचुरल तरीके से डैंड्रफ को कम करना चाहता है तो आप घर में मौजूद कुछ चीजों से ही इसे जड़ से खत्म कर सकते हैं। इन घरेलू चीजों के इस्तेमाल से आपको कोई समस्या नहीं होगी, साथ ही आपका डैंड्रफ खत्म हो जाएगा। आइए जानते हैं कौन सी हैं वे घरेलू चीजें।
<h2><strong>नारियल का तेल</strong></h2>
नारियल तेल घरों में मिलने वाली सबसे आम चीज है। नारियल के तेल में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो स्कैल्प को हेल्दी बनाने का काम करते हैं। इससे स्कैल्प की मसाज करने और बालों पर लगाने से डैंड्रफ की समस्या दूर होती है। साथ ही बाल भी सुंदर बनते है। इसे स्कैल्प पर लगाकर 2-3 घंटे के लिए छोड़ दें। इसके बाद शैम्पू कर लें। आपको हफ्तेभर में फर्क दिखाई देगा।
<h2><strong>नीम के पत्ते</strong></h2>
नीम के पत्ते स्कैल्प को हेल्दी बनाते हैं। नीम के पत्ते आपको बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन से भी बचाने का काम करते हैं। ऐसे में नीम की पत्तियों को उबालकर उसका पानी ठंडा होने के बाद उसे स्कैल्प पर लगाएं। इससे डैंड्रफ की समस्या से निजात मिलता है। इसके अलावा आप नीम के पत्ते का हेयर मास्क बनाकर भी इसे इस्तेमाल कर सकते हैं। हेयर मास्क बनाने के लिए आप नीम की कुछ पत्तियों को धोकर उसे पीसकर पेस्ट बना लें। इसके बाद इसे नारियल तेल मिलाकर 15 से 20 मिनट तक रखें और उसके बाद सिर को धो लें।
<h2><strong>टी ट्री ऑयल</strong></h2>
टी ट्री ऑयल में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो डैंड्रफ की समस्या को कम करने का काम करते हैं। इसे नारियल तेल में मिलाकर स्कैल्प पर लगाने से आपको इससे फायदा मिलेगा। टी ट्री ऑयल और नारियल तेल को लगाने के बाद 30 मिनट बाद शैंपू से हेयर वॉश करें। इसे आप हफ्ते में दो बार अपने बालों पर लगाएं, आपका डैंड्रफ जल्दी ही समाप्त हो जाएगा।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 30, 2025, 3:22 pm</pubDate>
                    <guid>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/the-problem-of-dandruff-can-increase-due-to-changing-weather-eliminate-it-from-the-roots-by-using-home-remedies/</guid>
                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[होली में चढ़ गया है भांग का नशा तो इस तरह कम करें हैंगओवर, नहीं होगा कोई नुकसान]]></title>
                    <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/if-you-are-intoxicated-with-bhaang-on-holi-then-reduce-the-hangover-in-this-way-there-will-be-no-harm/</link>
                    <description><![CDATA[रायपुर। होली के दिन ठंडाई पीने के पुरानी परंपरा रही है। देश के कुछ हिस्सों में लोग ठंडाई में भांग मिलाकर इसको पीने हैं। आमतौर पर देश के कुछ हिस्सों में भांग का उपयोग लस्सी और ठंडाई में किया जाता है। इसके अलावा कई लोग होली के दिन अल्कोहल का भी सेवन करते है, जिससे [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-38.jpg"/><strong>रायपुर।</strong> होली के दिन ठंडाई पीने के पुरानी परंपरा रही है। देश के कुछ हिस्सों में लोग ठंडाई में भांग मिलाकर इसको पीने हैं। आमतौर पर देश के कुछ हिस्सों में भांग का उपयोग लस्सी और ठंडाई में किया जाता है। इसके अलावा कई लोग होली के दिन अल्कोहल का भी सेवन करते है, जिससे अल्कोहल पॉइजनिंग जैसी समस्याएं होती है। कुछ प्रकार की दवाओं और घरेलू उपचार के तौर पर भांग का उपयोग किया जाता है।
<h2><strong>भांग से होने वाली समस्याएं</strong></h2>
भांग का अधिक सेवन करने से व्यक्ति को घबराहट और पैनिक अटैक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। साथ ही भांग से ब्लड प्रेशर बढ़ या घट सकता है, जिससे चक्कर या बेहोशी जैसी स्थिति उत्पन्न होती है। इसके साथ कुछ लोगों को चक्कर आने, सिरदर्द, उल्टी और बेहोशी जैसी समस्या भी होती है। वहीं अल्कोहल पॉइजनिंग की स्थिति गंभीर होने पर कोमा जैसी गंभीर समस्या का भी खतरा बढ़ता है।
<h2><strong>इस तरह उतारे भांग का नशा</strong></h2>
अगर किसी को भांग का हैंगओवर हो जाए तो इससे छुटकारा पाने के लिए सबसे पहले शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाना जरूरी होता है। इसके लिए नशे वाले व्यक्ति को खूब सारा पानी पीना चाहिए। बहुत सारा पानी पिलाने से व्यक्ति में पानी की कमी नहीं होती। साथ ही शररी में मौजूद विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में भी मदद मिलती है।
<h2><strong>नारियल पानी पिलाएं</strong></h2>
नशे वाले व्यक्ति को नारियल पानी पिलाना चाहिए। क्योंकि नारियल में इलेक्ट्रोलाइट युक्त तरल पदार्थ होते है जो कई तरह के पोषक तत्वों की भरपाई करने का काम करते हैं। नारियल पानी तरल होता है जो शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है।
<h2><strong>व्यक्ति को नहलाएं</strong></h2>
हैंगओवर उतारने के लिए व्यक्ति को नहला सकते है। नहाने से भी नशा उतरता है। जहां तक हो सके व्यक्ति को साधारण पानी से ही नहलाएं। इससे व्यक्ति को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी और दिमाग ठंडा रहेगा। नहलाने से व्यक्ति का नशा धीरे-धीरे उतर जाएगा।
<h2><strong>खट्टे फल का सेवन कराएं</strong></h2>
आप चाहे तो हैंगओवर उतारने के लिए व्यक्ति को खट्टा फल जैसे नींबू, संतरा या मौसंबी चटा सकते है। इससे व्यक्ति के नशे में कही हद तक कमी आती है। खट्टे फल में मौजूद विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट शरीर से नशे को जल्दी निकालने का काम करते हैं।
<h2><strong>दही या छाछ पिलाएं</strong></h2>
हो सके तो नशे वाले व्यक्ति को दही और छाछ का सेवन भी करा सकते है। ऐसा करने से व्यक्ति में डिहाइड्रेशन नहीं होगा। साथ ही नशे उतारने में मदद मिलेगी। इतना ही नहीं दही या छाछ पाचन को भी सुधारने का काम करते हैं।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 30, 2025, 3:22 pm</pubDate>
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                    <copyright>Inkhabar</copyright>
                    <language>hi</language>
                  </item><item>
                    <title><![CDATA[होली के बाद ट्राई करें ये ड्रिंक्स, शरीर से निकलेगी सारी गंदगी]]></title>
                    <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/try-these-drinks-after-holi-all-the-dirt-will-come-out-of-your-body/</link>
                    <description><![CDATA[रायपुर। त्योहारों में ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना खाने से शरीर में वसा, शर्करा अतिरिक्त जमा हो जाता है। जिसे बाहर निकालना जरूरी हो जाता है। ऐसा ना करने से आप पेट खराब हो सकता है। होली की अगली डिटॉक्स ड्रिंक्स पीने से आपको फायदा मिलेगा। ये हेल्दी ड्रिंक्स शरीर को अंदर से साफ करने [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-38.jpg"/><strong>रायपुर।</strong> त्योहारों में ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना खाने से शरीर में वसा, शर्करा अतिरिक्त जमा हो जाता है। जिसे बाहर निकालना जरूरी हो जाता है। ऐसा ना करने से आप पेट खराब हो सकता है। होली की अगली डिटॉक्स ड्रिंक्स पीने से आपको फायदा मिलेगा। ये हेल्दी ड्रिंक्स शरीर को अंदर से साफ करने और रिफ्रेश करने का काम करते है।
<h2>शहद और लेमन ड्रिंक्स</h2>
वैसे तो हम सभी को नियमित रूप से शरीर को डिटॉक्स करना चाहिए,लेकिन त्योहारों के बाद ये और भी जरूरी हो जाता है। इसके लिए सबसे पहले सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में नींबू और शहद मिलाकर पिएं। शहद और लेमन की यह ड्रिंक्स यह मेटाबॉलिज्म को तेज करने का करती है। साथ ही लिवर को साफ भी करती है। नींबू पानी पीने से शरीर हाइड्रेटिड रहता है। जिससे होली के दौरान हुई थकान को दूर करने में भी मदद मिलती है।
<h2><strong>जीरा ड्रिंक्स</strong></h2>
शरीर को डिटॉक्स करने के जीरे का पानी भी एक बेहतर ऑप्शन है। जीरे का पानी गड़बड़ खान-पान के कारण होने वाली पेट की समस्याओं बचाने का काम करता है। जीरे के पानी का सेवन करना भी आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। जीरे में कुछ ऐसे गुण पाए जाते है जो शरीर में मौजूद अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते है। जीरा ड्रिंक्स पीने के बाद आपको रिफ्रेश महसूस होगा।
<h2><strong>खीरा-पुदीना ड्रिंक्स</strong></h2>
इसी तरह खीरा-पुदीना से तैयार ड्रिंक्स न केवल शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है, बल्कि यह पीने में भी अच्छा होता है। पाचन को भी बेहतर बनाए रखने में भी मदद करता है। खीरा-पुदीना ड्रिंक्स पेट के साथ-साथ शरीर को भी डिटॉक्स करता है। साथ ही पेट में पैदा होने वाली गर्मी को भी कम करता है। खीरा और पुदीना शरीर को ठंडक देते है। शरीर को रिफ्रेश करने के लिए खीरा-पुदीना ड्रिंक्स पी सकते है।
<h2><strong>हर्बल टी</strong></h2>
हर्बल टी या ग्रीन टी शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करती है। ग्रीन टी शरीर को हाइड्रेट रखने का भी काम करती है। इसमें इलेक्ट्रोलाइट होता है जो शरीर को बैलेंस बनाए रखता है। होली के बाद इन ड्रिंक्स को जरूर ट्राय करना चाहिए। ऐसा करने से आपकी थकावट भी कम होगी। साथ ही आपको एक अलग तरह की ऊर्जा भी मिलेगी।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 30, 2025, 3:22 pm</pubDate>
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                    <title><![CDATA[रमजान की इफ्तारी में शामिल करें ये फल, कभी नहीं होगी पेट की समस्या]]></title>
                    <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/include-these-fruits-in-your-iftaar-during-ramadan-and-you-will-never-have-stomach-problems/</link>
                    <description><![CDATA[रायपुर। रमजान के महीने में रोजा रखने वाले लोग इफ्तारी का इंतजार करते हैं। रमजान के महीने में इफ्तारी का समय बहुत ही खास होता है। जब आप दिनभर की भूख और प्यास के बाद स्वादिष्ट पकवानों को खाते है तो उसका अलग ही मजा होता है। इफ्तारी में स्वादिष्ट भोजन करने के बाद शरीर [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-38.jpg"/><strong>रायपुर।</strong> रमजान के महीने में रोजा रखने वाले लोग इफ्तारी का इंतजार करते हैं। रमजान के महीने में इफ्तारी का समय बहुत ही खास होता है। जब आप दिनभर की भूख और प्यास के बाद स्वादिष्ट पकवानों को खाते है तो उसका अलग ही मजा होता है। इफ्तारी में स्वादिष्ट भोजन करने के बाद शरीर को ऊर्जा और पोषण मिलता हैं।
<h2><strong>इन फलों को इफ्तारी में करें शामिल</strong></h2>
यह समय न केवल आपके शरीर को आवश्यक पोषक तत्व देते है, बल्कि यह आपके परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेने का समय होता है। इफ्तारी के समय आप जो खाते हैं, वह न केवल आपके शरीर को एनर्जी देता है, बल्कि यह आपके पाचन तंत्र को भी स्वस्थ रखता है। इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसे फलों के बारे में बताएंगे जिसे इफ्तार में जरूर शामिल करने से पाचनतंत्र सही रहता है।

<strong>अंगूर</strong>

अंगूर में पोटैशियम और फाइबर होता है, जो शरीर को हाइड्रेटेड रखने का काम करता है। साथ ही पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। इफ्तारी के समय अंगूर खाने से आपको डिहाइड्रेशन नहीं होता। अंगूर आपको पूरे दिन एनर्जेटिक रखता हैं।

<strong>केला</strong>

केले में मौजूद पोटैशियम और फाइबर पेट के लिए काफी फायदेमंद होते है। इससे आपको दिनभर थकान महसूस नहीं होती। केला आपके पेट को भरा रखता है, जिससे रमजान के महीने में भूखे रहने में भी मदद मिलती है।

<strong>संतरा</strong>

संतरा इफ्तारी में खाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण फल है। यह आपके शरीर में हाइड्रेशन की कमी को पूरा करने में मदद करता है। संतरा स्किन को भी फ्रेश रखता है। संतरा में विटामिन सी होता है, जो आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है।

<strong>अनार</strong>

अनार में कई तरह के पौष्टिक तत्त्व पाए जाते हैं। यह शरीर में ठंडक बनाए रखते है। साथ ही पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में सहायक होते है। अनार का सेवन करने से शरीर में खून की कमी भी दूर होती है। अनार खाने में भी स्वादिष्ट लगता है।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 30, 2025, 3:22 pm</pubDate>
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                  </item><item>
                    <title><![CDATA[गर्मी आने के साथ मौसम में होता परिवर्तन, बीमारियों के रिस्क को इस तरह करें कम]]></title>
                    <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/with-the-advent-of-summer-the-weather-changes-reduce-the-risk-of-diseases-in-this-way/</link>
                    <description><![CDATA[रायपुर। फरवरी का महीना खत्म हो गया है। मार्च के पहले सप्ताह में तापमान में बदलाव आने की उम्मीद है। दिन में गर्मी तेज होती है, वहीं अभी रात में हल्की ठंडक बनी रहती है। मौसम बदलने के साथ हमारे शरीर की जरूरतें भी बदलती रहती हैं, इसलिए लाइफस्टाइल और खानपान में मौसम में हिसाब [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-38.jpg"/><strong>रायपुर।</strong> फरवरी का महीना खत्म हो गया है। मार्च के पहले सप्ताह में तापमान में बदलाव आने की उम्मीद है। दिन में गर्मी तेज होती है, वहीं अभी रात में हल्की ठंडक बनी रहती है। मौसम बदलने के साथ हमारे शरीर की जरूरतें भी बदलती रहती हैं, इसलिए लाइफस्टाइल और खानपान में मौसम में हिसाब से बदलाव करना बहुत जरूरी है।
<h2><strong>बदलते मौसम में करें आदत में बदलाव</strong></h2>
फरवरी-मार्च के महीने में तापमान में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। बदलता मौसम शरीर के लिए आसान नहीं होता है। शरीर को नए वातावरण के साथ तालमेल बिठाने में थोड़ा समय लगता है। इस दौरान इम्यून सिस्टम पर बुरा असर पड़ता है। गर्मी बढ़ने के साथ ही शरीर में पानी की जरूरत भी बढ़ जाती है। मौसम बदलने के साथ हमें अपनी दिनचर्या और लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करने की जरूरत होती है।
<h3><strong>बदलते मौसम में हो सकती ये बीमारी</strong></h3>
पानी की कमी से डिहाइड्रेशन।

सिरदर्द, चक्कर आना।

बॉडी क्लॉक का होना।

सांस लेने में दिक्कत होना।

वायरल बुखार का होना।

पाचन संबधी समस्याएं होना।

सनबर्न और स्किन इन्फेक्शन का होना।

सीजनल अफेक्टिव डिसआर्डर।
<h3><strong>इन आदतों में करें बदलाव</strong></h3>
सुबह शाम के समय ठंड होती है,ऐसे में खुद को बचाना जरुरी है।

ज्यादा मिर्च-मसाले या तला-भुना खाना खाने से बचें।

शरीर हो हाइड्रेटेड रखने के लिए ज्यादा पानी पीएं।

तेज धूप में बाहर ना निकले।

सोने और जागने के समय को निश्चित करें।

हैवी एक्सरसाइज करने से बचें।

एसी-कूलर को चलाने से परहेज करें।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 30, 2025, 3:22 pm</pubDate>
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                  </item><item>
                    <title><![CDATA[दिल को बनाना है हेल्दी और फिट, रोज खाएं ये 5 सुपरफूड्स]]></title>
                    <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/to-make-your-heart-healthy-and-fit-eat-these-5-superfoods-every-day/</link>
                    <description><![CDATA[रायपुर। आजकल दिल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में लोगों को दिल को सुरक्षित रखने की आवश्यकता है। भागदौड़ भरी जिंदगी लोग अपने दिल का ख्याल नहीं रख पाते है। लेकिन अगर हम चाहते है कि आपको दिल से जुड़ी कोई बीमारी न हो तो इसके लिए हमे अपने दिल को [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-38.jpg"/><strong>रायपुर।</strong> आजकल दिल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में लोगों को दिल को सुरक्षित रखने की आवश्यकता है। भागदौड़ भरी जिंदगी लोग अपने दिल का ख्याल नहीं रख पाते है। लेकिन अगर हम चाहते है कि आपको दिल से जुड़ी कोई बीमारी न हो तो इसके लिए हमे अपने दिल को स्वस्थ बनाना होगा। जिससे दिल में रक्त का संचार सही तरीके से हो और किसी तरह की कोई समस्या न हो। इसके लिए हमे अपने भोजन में 5 सुपरफूड्स को शामिल करना होगा। तो आइए जानते है कौन से ये 5 सुपरफूड्स।

<strong>हरी पत्तेदार सब्जियां</strong>

हरी पत्तेदार सब्जियों में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होता है जो हमारे शरीर के साथ-साथ दिल को भी स्वस्थ रखते है। खास तौर पर हमे अपने खाने में पालक को खाना चाहिए, क्योंकि पालक पालक का सेवन स्वस्थ ब्लड के थक्के को सपोर्ट करता है।

<strong>मछली</strong>

हार्ट को हेल्दी बनाने के लिए मछली खाना जरूरी है। डॉक्टर भी दिल से जुड़े मरीजों को मछली खाने की सलाह देते है। मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड मिलता है जो दिल की सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है। यह दिल को स्वस्थ बनाने में मदद करता है।

<strong>लहसुन</strong>

लहसुन खाना अपने आप में ही काफी लाभकारी होता है। लहसुन हमें कई रोगों से बचाता है। लहसुन का सेवन हमारे दिल को भी स्वस्थ रखने के लिए काफी कारगर साबित होता है, क्योंकि लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट विटामिन-सी जैसे गुण पाए जाते है।

<strong>अलसी का बीज</strong>

अपने दिल को रखना चाहते है हेल्दी तो डेली खाए अलसी का बीज। अलसी के बीज में प्रचुर मात्रा में फाइबर और ओमेगा 3 फैटी एसिड मिलता है जो दिल में रक्त संचरण को सही बनाने में मदद करता है।

<strong>ग्रीन टी</strong>

ग्रीन टी का सेवन हमारे शरीर को कई तरह के लाभ देता है। समें मौजूद ऑर्गेनिक केमिकल कार्डियोवैस्कुलर बीमारी के जोखिम से बचाता है। बल्कि शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल को भी बढ़ाने के लिए कारगर साबित होंगे।]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 30, 2025, 3:22 pm</pubDate>
                    <guid>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/to-make-your-heart-healthy-and-fit-eat-these-5-superfoods-every-day/</guid>
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                  </item><item>
                    <title><![CDATA[Ramadan 2025: रमजान कब से है शुरू, रोजेदारों में क्या करते हैं मुस्लिम?]]></title>
                    <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/ramadan-2025-when-does-ramadan-start-what-do-muslims-do-during-fasting/</link>
                    <description><![CDATA[रायपुर: रमजान का पवित्र महीना जल्द ही शुरू होने वाला है. यह महीना मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. बता दें कि रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना है। इस पूरे महीने में रोजेदार 29 से 30 तारीख तक रोजा रखते हैं और फिर ईद-उल-फितर मनाया जाता है. फरवरी अंत [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-38.jpg"/><strong>रायपुर:</strong> रमजान का पवित्र महीना जल्द ही शुरू होने वाला है. यह महीना मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. बता दें कि रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना है। इस पूरे महीने में रोजेदार 29 से 30 तारीख तक रोजा रखते हैं और फिर ईद-उल-फितर मनाया जाता है.
<h2><strong>फरवरी अंत से शुरू होगा रमजान</strong></h2>
इस बार रमजान 28 फरवरी या 1 मार्च से शुरू होने की उम्मीद है. हालांकि, रमज़ान का महीना किस तारीख से शुरू होगा यह पूरी तरह से चाँद के दिखने पर निर्भर करता है। शाबान ख़त्म होने और रमज़ान का नया चांद दिखने के बाद ही आधिकारिक तौर पर रमज़ान की शुरुआत मानी जाती है। ऐसे में अगर 28 फरवरी को रमजान का चांद नजर आया तो रोजेदार 1 मार्च को पहला रोजा रखेंगे. अगर 1 मार्च को रमजान का चांद नजर आता है तो जाहिर तौर पर रोजेदार 2 मार्च को पहला रोजा रखेंगे. आखिरी फैसला चांद दिखने के बाद ही लिया जाएगा.
<h3><strong>रोजेदार रमजान में क्या करते हैं</strong></h3>
मुसलमानों के लिए रमज़ान के दौरान रोज़ा रखना अनिवार्य माना जाता है। क्योंकि रोज़ा इस्लाम के पांच बुनियादी स्तंभों में से एक है। इस पूरे महीने में कुरान पढ़ने, अल्लाह की इबादत करने और दान करने की भी परंपरा है। ऐसा माना जाता है कि मुसलमानों की पवित्र किताब यानी कुरान रमज़ान के पवित्र महीने के दौरान पैगंबर के सामने प्रकट हुई थी। इस्लाम में रमज़ान के पूरे महीने रोज़े रखे जाते हैं। लेकिन पहले दिन का रोजा विशेष होता है. क्योंकि रमजान महीने का पहला रोजा संयम और धैर्य सिखाता है.
<h3><strong>सऊदी में चांद देखने के बाद रमजान शुरू</strong></h3>
बता दें कि भारत से पहले सऊदी अरब में रमज़ान का चांद देखा जाता है और इसके बाद भारत में रमज़ान की शुरुआत मानी जाती है। अगर किसी वजह से भारत में रमज़ान का चांद नहीं दिखता है तो भारत के लोग सऊदी अरब के चांद के मुताबिक रमज़ान शुरू कर सकते हैं और अगले दिन रोज़ा रख सकते हैं.

&nbsp;

&nbsp;]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 30, 2025, 3:22 pm</pubDate>
                    <guid>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/ramadan-2025-when-does-ramadan-start-what-do-muslims-do-during-fasting/</guid>
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                    <title><![CDATA[मुंह के छाले को न करें नजरअंदाज, नहीं तो हो सकती है ये गंभीर बीमारी]]></title>
                    <link>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/do-not-ignore-mouth-ulcers-otherwise-it-can-become-a-serious-disease/</link>
                    <description><![CDATA[रायपुर: मुंह में छाले होना एक आम समस्या है। जिसे अक्सर लोग गंभीरता से नहीं लेते। यह समस्या किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकती है। घाव आमतौर पर मुंह के अंदर, जीभ पर या गालों, होंठों या गले के अंदर होते हैं। ये छोटे घाव होते हैं, जो कभी-कभी बेहद दर्दनाक हो [&hellip;]]]></description>
                    <content:encoded><![CDATA[<img src="https://chhattisgarh.inkhabar.com/wp-content/uploads/2025/05/Clipboard-38.jpg"/><strong>रायपुर:</strong> मुंह में छाले होना एक आम समस्या है। जिसे अक्सर लोग गंभीरता से नहीं लेते। यह समस्या किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकती है। घाव आमतौर पर मुंह के अंदर, जीभ पर या गालों, होंठों या गले के अंदर होते हैं। ये छोटे घाव होते हैं, जो कभी-कभी बेहद दर्दनाक हो सकते हैं और खाने, पीने, बोलने में भी कठिनाई होती है।
<h2>
<strong>न करें इग्नोर</strong></h2>
अधिकतर मामलों में यह छाले कुछ दिनों में खुद ही ठीक हो जाते हैं. लेकिन अगर यह बार-बार हो रहे हैं या फिर लंबे वक्त तक सही नहीं हो रहे हैं. इसलिए इन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। ये छाले शरीर में मौजूद किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकते हैं। आइए जानते हैं बार-बार मुंह में छाले होने से क्या-क्या स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

&nbsp;
<h2><strong>पाचन संबंधी समस्याएं</strong></h2>
पाचन संबंधी समस्याएं भी मुंह के छालों का एक अन्य कारण हो सकती हैं। पेट में गैस, एसिडिटी, कब्ज या अपच जैसी समस्याएं शरीर में विषाक्त पदार्थों के स्तर को बढ़ा सकती हैं। जिस कारण से मुंह के छाले होने की आशंका बढ़ जाती है.

&nbsp;
<h2><strong>तनाव और चिंता</strong></h2>
तनाव और चिंता का शरीर पर गहरा प्रभाव पड़ता है और यह मुंह के छालों का एक प्रमुख कारण हो सकता है। जब हम तनाव में होते हैं तो शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है।
<h2>
<strong>इंफेक्शन की बीमारी</strong></h2>
बार-बार होने वाले मुँह के छालों का एक अन्य गंभीर कारण संक्रमण या अंतर्निहित बीमारी हो सकता है। कुछ वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण, जैसे हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस या कैंडिडा संक्रमण, मुंह के छालों का कारण बन सकते हैं।

&nbsp;]]></content:encoded>
                    <pubDate>May 30, 2025, 3:22 pm</pubDate>
                    <guid>https://chhattisgarh.inkhabar.com/lifestyle/do-not-ignore-mouth-ulcers-otherwise-it-can-become-a-serious-disease/</guid>
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