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छत्तीसगढ़ की सत्ता में वापसी के लिए बीजेपी बना रही है रणनीति

रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले है। अभी राज्य में बीजेपी विपक्ष की भूमिका में है। ऐसे में पार्टी सत्ता में वापसी के लिए जोरों – शोरो से तैयारी कर रही है। माना जरा है कि भारतीय जनता पार्टी चुनाव से पहले कई बड़े फेर बदलाव कर सकती है। पार्टी बड़े चेहरों […]

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  • January 31, 2023 10:47 pm Asia/KolkataIST, Updated 2 years ago

रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले है। अभी राज्य में बीजेपी विपक्ष की भूमिका में है। ऐसे में पार्टी सत्ता में वापसी के लिए जोरों – शोरो से तैयारी कर रही है। माना जरा है कि भारतीय जनता पार्टी चुनाव से पहले कई बड़े फेर बदलाव कर सकती है। पार्टी बड़े चेहरों को लेकर मुल्यांकन भी कर रही है। इस बार होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी नए चेहरों को मैदान में उतरने की मूड बना रही है। ऐसे में कई पुराने चेहरों का टिकट कट सकता है। हालाकिं पार्टी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन मीडिया में इसकी चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि कई वरिष्ठ विधयकों का आने वाले चुनाव में टिकट कटने वाला है।

क्या उत्तर प्रदेश और राजस्थान का प्लान यहाँ भी लागु होगा

बीजेपी ने राजस्थान और उत्तर प्रदेश में हुए पिछले चुनाव में 70 साल से ज्यादा उम्र के विधायकों का टिकट काटने का प्लान तैयार किया था। इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव के पहले भाजपा केंद्रीय समिति की बैठक में 70 साल उम्र पार कर चुके जनप्रतिनिधियों का टिकट काटने की फिराक में थी। जिसके मद्देनजर कई विधायकों का टिकट काटकर कई नए चेहरों को भी मौका दिया गया था। ऐसा माना जा रहा है कि साल 2023 के चुनाव में छत्तीसगढ़ में भी है यहीं फॉर्म्यूला लागू कर भारतीय जनता पार्टी कई नए चेहरों को मौका दे सकती है।

वरिष्ठ नेताओं पर भी सदेंह

भारतीय जनता पार्टी अगर उत्तर प्रदेश और राजस्थान वाली फॉर्म्यूला का उपयोग आगामी छत्तीसगढ़ के चुनाव में करती है तो कितने ही वरिष्ठ नेताओं का समीकरण बिगड़ सकता है। यही नहीं राज्य के पूर्व सीएम डॉ. रमन कुमार सिंह भी इस लिस्ट में शामिल हो सकते है। बता दे कि डॉ. रमन सिंह 71 वर्ष के हो गए है। इसके साथ ही ननकीराम कंवर, पुन्नूलाल मोहले, विद्यारतन भसीन के साथ-साथ पूर्व मंत्री और कई विधायक शामिल है। हालंकि ये सब बीजेपी की पिछले चुनाव के रणनीति पर ये कयास लगाए जा रहे है।

नए चेहरों पर लगेगा दाव

राज्य के आगमी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी कई वरिष्ठ नेताओ के टिकट काटकर नए और युवा कार्यकर्ताओं को मैदान में उतार सकती है। इसके साथ ही पार्टी सीट बाटने में भी बदलाव कर सकती है। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में ही ये तय होगा की पार्टी का समीकरण क्या रहेगा ?

बता दे कि इस बार के विधानसभा में बीजेपी 72 सीटों में सिर्फ 15 सीट लेने में ही कामयाब रही। वही कांग्रेस 68 सीट जीतकर अपना सरकार बनाई।


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