रायपुर। म्यांमार में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। म्यांमार में भूकंप की तीव्रता 7.7 की रिएक्टर रहा। जो कि काफी शक्तिशाली था। इस भूकंप से भारी तबाही मची है। भूकंप के तेज झटकों के कारण कई इमारतें गिर गईं। इसके कारण अब तक लगभग 700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी हैं, […]
रायपुर। म्यांमार में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। म्यांमार में भूकंप की तीव्रता 7.7 की रिएक्टर रहा। जो कि काफी शक्तिशाली था। इस भूकंप से भारी तबाही मची है। भूकंप के तेज झटकों के कारण कई इमारतें गिर गईं। इसके कारण अब तक लगभग 700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी हैं, लेकिन अब तक केवल 694 की ही पुष्टि हो पाई है।
भूकंप के कारण थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी कई इमारतें गिरने की घटना सामने आई। इस दौरान एक निर्माणाधीन 30 मंजिला इमारत ढह गई। थाईलैंड में भी 3 लोगों ने भूंकप के कारण अपनी जान गंवाई है। अमेरिकी भौगोलिक सर्वेक्षण (USGS) ने कहा कि यह भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर था। इसके बाद भूकंप की तीव्रता 6.4 मापी गई। इस भूकंप के बाद एक शक्तिशाली आफ्टरशॉक भी महसूस किया गया। भूकंप का केंद्र मांडले शहर से लगभग 17.2 किलोमीटर दूर था।
भूकंप के बाद म्यांमार और थाईलैंड ने आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक म्यांमार से सटे दक्षिण पश्चिमी युन्नान प्रांत में भी भूकंप के मजबूत झटके महसूस किए गए। हालांकि वहां किसी तरह की जान-माल हानि की खबर सामने नहीं आई है। भारत के पश्चिम बंगाल और मणिपुर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। बांगलादेश में भी 7.3 तीव्रता से भूकंप आया। भूकंप और उसके बाद के आफ्टरशॉक्स ने पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मचा दी।
गौर करने वाली बात यह है कि म्यांमार के सागाइंग से 16 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में आये इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.7 मापी गई। भूकंप का केंद्र 22.01 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 95.92 डिग्री पूर्वी देशांतर पर सतह से 10.0 किलोमीटर की गहराई में था। इसके झटके थाईलैंड समेत पांच पड़ोसी देशों जैसे भारत, बंगलादेश, चीन, लाओस और थाईलैंड में भी महसूस किये गये। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को म्यांमार और थाईलैंड में भीषण भूकप के कारण उत्पन्न स्थिति पर चिंता जताई।