रायपुर। प्रयागराज में महाकुम्भ समाप्त होने के बाद से ही उत्तर भारत में काली मिर्च की मांग में जोरदार मांग बढ़ गई है। उत्तर भारत में काली मिर्च की डिमांड काफी ज्यादा हो रही है। इसके असर से उत्पादक केंद्रों पर काली मिर्च का स्टॉक घट गया है। काली मिर्च की मांग बढ़ी मध्य प्रदेश […]
रायपुर। प्रयागराज में महाकुम्भ समाप्त होने के बाद से ही उत्तर भारत में काली मिर्च की मांग में जोरदार मांग बढ़ गई है। उत्तर भारत में काली मिर्च की डिमांड काफी ज्यादा हो रही है। इसके असर से उत्पादक केंद्रों पर काली मिर्च का स्टॉक घट गया है।
मध्य प्रदेश के इंदौर में काली मिर्च कारोबारियों का कहना है कि काली मिर्च की मांग तेजी से बढ़ रही है लेकिन मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में सामग्री मौजूद नहीं है। कारोबारी प्रतिपाल टोंग्या का कहना है कि कर्नाटक और तमिलनाडु में काली मिर्च का स्टॉक काफी हद तक सिमट चुका है। श्रीलंका से काली मिर्च की आयात लागत ऊंची बैठने क कारण भारतीय बाजारों में इसके दामों में लगातार वृद्धि हो रही है। इंदौर में आठ दिनों में काली मिर्च के दाम 50-60 रुपये प्रति किलो बढ़ गए हैं।
कोच्चि के टर्मिनल मार्केट में नए माल का आयात बहुत कम हो रहा है। अब उत्तरी भारत के दिसावरी व्यापारियों ने काली मिर्च की खरीद में दिलचस्पी दिखाना शुरू कर दिया है। रमजान के महीने में भी काली मिर्च मांग जोरदार बनी हुई है। इसके अलावा स्टॉकिस्टों की खरीदी जोरदार रहने के साथ ही बड़े सटोरिए भी काली मिर्च की खरीदारी में रुचि ले रहे हैं जिससे बाजार में फिलहाल मंदी नजर नहीं आ रही है। इंदौर में काली मिर्च के दाम बढ़कर 715 से 720, मटरदाना 770 से 795, मिनिमटर 740 से 750 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
होली की वजह से शक्कर में मांग में किसी तरह की कोई वृद्धि नहीं हुई है, जिसके चलते भाव में मंदी का रुख जारी है। शक्कर के दाम नीचे गिरकर 4120 से 4190 रुपये प्रति क्विंटल रह गई। शक्कर की आवक पांच गाड़ी की रही। इसी तरह नारियल, खोपरा गोला और बुरे के दामों में भी कोई खास वृद्धि नहीं हुई है। नारियल की आवक पांच गाड़ी की रही।