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छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के लिए बनेगा कानून, आरोपियों पर होगी सख्त कार्रवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब गैरकानूनी रूप से धर्म परिवर्तन कराना एक अपराध माना जाएगा। राज्य के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए सख्त कानून बनाया जाएगा। विजय शर्मा डिप्टी सीएम होने के साथ छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री भी हैं। आज विधानसभा में भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय […]

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  • March 18, 2025 5:17 pm Asia/KolkataIST, Updated 11 months ago

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब गैरकानूनी रूप से धर्म परिवर्तन कराना एक अपराध माना जाएगा। राज्य के डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए सख्त कानून बनाया जाएगा। विजय शर्मा डिप्टी सीएम होने के साथ छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री भी हैं। आज विधानसभा में भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने धार्मिक धर्मांतरण का मुद्दा उठाया था।

कई एनजीओ धार्मिक आधार पर रजिस्टर

अजय चंद्राकर ने कहा कि ‘चंगाई सभा’ (उपचार बैठक) के बहाने निर्दोष, असहाय और गरीब लोगों को लालच देकर उनका धर्मांतरित किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्रों में काम करने के उद्देश्य से बने एनजीओ विदेशों से धन अर्जित कर रहे हैं, जिसका इस्तेमाल कथित रूप से धर्मांतरण गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। राज्य में ऐसे कई एनजीओ हैं, जो धार्मिक आधार पर रजिस्टर हैं। जो विदेशों से धन भी प्राप्त कर रहे हैं।

जशपुर में धर्मांतरण के ज्यादा मामले

अजय चंद्राकर ने आरोप लगाया कि बस्तर जिले में 19 पंजीकृत संगठनों में से 9 जशपुर जिले और 18 संस्थानों में से 15 ईसाई मिशनरियों की द्वारा चलाए जा रहे हैं। इन संगठनों पर नियंत्रण की कमी के कारण धर्मांतरण गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर संगठन जशपुर जिले में काम कर रहे हैं, जो मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का गृह जिला है। जशपुर में धर्मांतरण के ज्यादातर मामले सामने आते हैं। भाजपा विधायक ने इस साल की शुरुआत में बिलासपुर और रायपुर जिलों में पुलिस में दर्ज धर्मांतरण के कुछ मामलों का भी हवाला दिया।

एनजीओ पर प्रशासन नियंत्रण की कमी

धर्मांतरण में विदेशी फंडिंग के उपयोग से इनकार नहीं किया जा सकता। चंद्राकर ने दावा किया कि सरकार ऐसे फंडों पर प्रतिबंध लगाने का दावा करती है, लेकिन ये संस्थान ऑडिट रिपोर्ट न देकर अपना पल्ला झाड़ लेती हैं। इसके जवाब में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि एनजीओ पर स्थानीय प्रशासन के नियंत्रण की कमी है। नियंत्रण में कमी के कारण धर्मांतरण की घटनाएं तेजी बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस उचित जांच करती है। जब लोगों को धर्मांतरित करने के लिए लुभाने की शिकायतें मिलती हैं तो तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाती है।

धर्मांतरण का मामला गंभीर

शर्मा ने कहा कि साल 2020 में एक मामला दर्ज किया गया। 2021 में सात, 2022 में तीन, 2023 में शून्य, 2024 में कुल 12 और 2025 में अब तक चार मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद चंद्राकर ने कहा कि यह मुद्दा गंभीर है। मीडिया से बातचीत में विजय शर्मा ने बताया कि सरकार इसके लिए कानून लाने पर विचार कर रही है। सरकार जल्दी ही नया कानून लाएगी।


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