रायपुर। भारतीय नव संवत्सर चैत्र शुक्ल की शुरूआत हो जा रही है। इसके लिए पुराने संवत्सर को विदाई देने और इसकी नकारात्मकता को समाप्त करने के लिए “होलिका दहन” किया जाता है। होली से पहले होलिका दहन का पर्व आता है। होलिका दहन इस बार 13 मार्च यानी आज है। इसे संवत जलाना के नाम […]
रायपुर। भारतीय नव संवत्सर चैत्र शुक्ल की शुरूआत हो जा रही है। इसके लिए पुराने संवत्सर को विदाई देने और इसकी नकारात्मकता को समाप्त करने के लिए “होलिका दहन” किया जाता है। होली से पहले होलिका दहन का पर्व आता है। होलिका दहन इस बार 13 मार्च यानी आज है। इसे संवत जलाना के नाम से भी जाना जाता है। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत है।
ऐसा माना जाता है कि बुराई पर अच्छाई के विजय के रुप में होलिका दहन की जाती है। होलिका दहन में किसी वृक्ष की शाखा को जमीन में गाड़ कर उसके चारों ओर से लकड़ी कंडे उपले से घेर कर दिया जाता है, जिसे शुभ मुहूर्त में जलाया जाता है। होलिका दहन में छेद वाले गोबर के उपले, गेंहू की नयी बालियां और उबटन को दहन किया जाता है, ताकि वर्षभर व्यक्ति को आरोग्य की प्राप्ति हो। साथ जीवन की सारी बुरी बलाएं आग में जलकर भस्म हो जाए।
होलिका जलने के बाद उसकी राख को घर में लाया जाता है। फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा के दिन श्री चैतन्य महाप्रभु का जन्म हुआ था, उनको श्री कृष्ण का अवतार माना जाता है। इस दिन श्री चैतन्य महाप्रभु की विधि-विधान से पूजा करने से कई तरह के लाभ मिलते हैं। होलिका दहन के दिन इन राशियों को इन चीजों को आग में डालना चाहिए।
मेष– मेष राशि वालों को होलिका में काला तिल डालना चाहिए। इससे स्वास्थ्य में बेहतरी आती है।
वृष– वृष राशि वालों को आग में मक्के का लावा डालना चाहिए। ऐसा करने से दांपत्य जीवन बेहतर होता है।
मिथुन– मिथुन राशि के लोगों को आग में गुड़ अर्पित करना चाहिए। गुड़ अर्पित करने से अपने नौकरी में आ रही मुश्किलें दूर होती है।
कर्क– होलिका में कर्क राशि वालों को अनाज की बालियां अर्पित करनी चाहिए। ऐसा करने से मन की समस्याएं दूर होती है।
सिंह– आपको होलिका में चन्दन की लकड़ी डालनी चाहिए और अपनी नौकरी व स्वास्थ्य में सुधार की प्रार्थना करनी चाहिए
कन्या– कन्या राशि वाले लोगों को अग्नि में काला तिल और गुड़ डालना चाहिए। इससे आत्मरक्षा बढ़ती है।
तुला– तुला राशि वालों होलिका में पीली सरसों अर्पित करनी चाहिए। इससे चंचल मन शांत होता है।