Monday, June 17, 2024

Chhattisgarh: कलेक्टर भूरे ने किया तुलसी गांव का दौरा, यू-ट्यूबर्स के लिए बनाएंगे डिजिटल स्किल सेंटर

रायपुर। छत्तीसगढ़ का तुलसी नेवरा गांव कुछ दिनों से सुर्खियों में बना हुआ है. यह गांव यू-ट्यूबर्स के नाम से भी जाना जाता है. बता दें, तुलसी नेवरा गांव राजधानी रायपुर से करीब 58 किमी दूरी पर स्थित है. नेवरा गांव का सबसे बड़ी बात यह है कि इस गांव में ऐसा कोई घर नहीं है जिसमें एक यू-ट्यूबर न हो. हर घर में कोई न कोई यू-ट्यूबर जरूर मिलता है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हैं एक्टिव- कलेक्टर

रायपुर कलेक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने कहा कि राज्य की राजधानी रायपुर से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित यूट्यूबर गांव में अलग-अलग आयु वर्ग के बड़ी संख्या में यूट्यूबर रहते हैं. वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बहुत सक्रिय हैं. गांव के कई कंटेंट क्रिएटर्स के पास अनुयायियों के साथ-साथ विचारों का भी उल्लेखनीय आधार है. उन्होंने कहा कि गाँव की विशिष्टता के बारे में जानने के बाद हमने तुलसी गांव का दौरा किया. उन्होंने दौरा के दौरान आधुनिक उपकरणों और स्टूडियो के अभाव में रचनाकारों के सामने आने वाली समस्याओं का जायजा लिया।

15 लाख की लागत से बनेगा डिजिटल स्किल सेंटर

वहीं रायपुर कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने बताया कि इस स्टूडियो के माध्यम से यहां के युवाओं के टैलेंट और उनके माध्यम से अन्य युवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम यहां डीएमएफ के माध्यम से 15 लाख रुपए की लागत से डिजिटल स्किल सेंटर भी बनाएंगे, जहां यूट्यूब और सोशल मीडिया से जुड़े युवा डिजिटल मार्केटिग, ग्राफिक डिजाइनिंग, SEO जैसे स्किल्स सीख पाएंगे. वहीं स्टूडियो में ऑडियो लैब भी बनाया गया है. जहां ऑडियो मिक्सर सॉफ्टवेयर और उपकरण से क्रिएटर्स आसानी से ऑडियो रिकॉर्डिंग और मिक्सिंग कर पाएंगे. इसके साथ ही पॉडकास्टिंग भी कर पाएंगे. तुलसी गांव का हम फ्लिक्स स्टूडियो यूट्यूबर्स और क्रिएटर्स के लिए आवश्यक उपकरण से लैस है. जहां अत्याधुनिक कैमरे, ड्रोन कैमरे, हाइएंड कंप्यूटर जैसे उपकरण जिला प्रशासन ने उपलब्ध कराए हैं।

‘हम फ्लिक्स’ स्टूडियो की स्थापना

जिला प्रशासन ने रचनाकारों के सामने आने वाली समस्याओं को हल करने के लिए एक कदम के रूप में और उन्हें प्रेरित करने के लिए एक स्टूडियो ‘हमार फ्लिक्स’ की स्थापना की है. स्टूडियो की स्थापना से यूट्यूबर्स को काफी ज्यादा लाभ होता दिख रहा है. इसके साथ ही वीडियो को संपादित और अपलोड करने के दौरान क्रिएटर्स के सामने आने वाली समस्याओं का भी समाधान हो रहा है।

रील्स में बेहद रुची रखती हैं लड़कियां

जानकारी के मुताबिक तुलसी नेवरा गांव में तकरीबन 60 नौजवान, बच्चे, बूढ़े और महिलाएं वीडियो और रील्स में बेहद रुची रखती हैं. इतना ही नही यहां स्कूल की छात्राएं भी शॉट वीडियो और रील्स बनाने में अपना अभिनय कर रही हैं. बताया जा रहा है कि इस गांव के 40 से अधिक यूट्यूब चैनल हैं, जिनके सब्सक्राइबर लाखों में हैं जबकि व्यूज करोड़ो में हैं. यूट्यूब पर अपलोड किए गए वीडियो में तीन करोड़ से अधिक व्यूज भी मिल चुके हैं. आपको बता दें कि तुलसी नेवरा गांव में 40 से अधिक यूट्यूब चैनल हैं लेकिन सबसे खास बात है यह कि इस गांव में वीडियो एडिटिंग की सुविधा नहीं है. बताया जा रहा है कि गांव में वीडियो एडिटिंग की सुविधा नहीं होने के कारण गांव के लोगों को राजधानी रायपुर जाना पड़ता है. लेकिन अब जिला प्रशासन ने ग्रामीणों की इस परेशानी को दूर करने के लिए बड़ा पहल किया है. अब इन यूट्यूबर्स के लिए तुलसी गांव में ही एक विशेष स्टूडियों की शुरुआत की जा रही है. जिसका नाम ‘हम फ्लिक्स’ रखा गया है।

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