रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसे लेकर सभी राजनीतिक दल लगातार बैठक कर नई रणनीति तैयार करने में जुटी है. भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ता का रायपुर में गृहमंत्री के साथ गुप्त बैठक हुई. इसके बाद से कयास लगाया जा रहा है कि प्रदेश में छोटे-छोटे क्षेत्रीय पार्टियों के साथ मिलकर इस बार चुनाव लड़ सकती है।
गृहमंत्री के साथ हुई बैठक
सुत्रों के मुताबिक छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 जीत हासिल करने के लिए भाजपा छोटे छोटे दलों के साथ गठबंधन कर सकती है. इसके लिए भारतीय जनता पार्टी हाईकमान ने प्रदेश में सर्वे तेज कर दिया है. केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह के रायपुर दौरे के दौरान इस पर चर्चा भी हुई है. बताया जा रहा है कि यदि भाजपा की सब कुछ नीति-रीति के अनुरूप रहा, तो पार्टी इस संबंध में बहुत ही जल्द अहम फैसला ले सकती है. इतना ही नहीं इस बार विधानसभा चुनाव में प्रदेश के सांसदों को भी मैदान में उतारा जा सकता है. इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी का एक गुट विचार-विमर्श कर रहा है. खबर यह भी है कि इस बार बीजेपी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में नए चेहरों को मैदान में ला सकती है।
क्षेत्रीय दल भी रखते हैं अच्छी पकड़
देश के गृहमंत्री अमित शाह के रायपुर दौरे के दौरान पार्टी की अहम बैठक में इन सब बातों पर चर्चा की गई है. बता दें, छत्तीसगढ़ कई ऐसे छोटे-छोटे क्षेत्रीय राजनीतिक दल हैं, जिनकी पकड़ अपने क्षेत्रों में काफी बेहतर है. सरगुजा संभाग से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और बस्तर संभाग से अरविंद नेताम की पार्टी काफी प्रभाव रखती है। भले ही ये दल छत्तीसगढ़ में गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल हैं पर ये अपना प्रभुत्व रखते हैं। इसलिए छत्तीसगढ़ चुनाव की कमान संभाल रहे राजनीति के पंडित अमित शाह इस पर विचार-विमर्श कर सकते हैं।